मेरठ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण और सुगम यात्रा के लिए शुरू की गई 'लोकमाता अहिल्याबाई मातृ शक्ति यात्रा योजना' अब धरातल पर उतर चुकी है। इस योजना के तहत प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UP Roadways) की बसों में बिल्कुल मुफ्त (निश्शुल्क) यात्रा की सौगात दी जा रही है। हालांकि, इस बड़ी सुविधा का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी नियमों और दस्तावेजों का पालन करना अनिवार्य है। हाल ही में मेरठ के प्रमुख बस अड्डों पर की गई पड़ताल में यह बात सामने आई कि जागरूकता के अभाव या दस्तावेज न होने के कारण कई महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा, जबकि जिनके पास सही कागजात थे, उन्होंने इस मुफ्त सेवा का पूरा आनंद लिया।READ ALSO:-मेरठ में अवैध निर्माणों पर शिकंजा! सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मेडा ने शुरू किया महासर्वे, 8 लाख इमारतों की होगी जांच; अब तक 10 हजार भवन स्कैन
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भैसाली और सोहराब गेट बस अड्डे पर पड़ताल योजना के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानने के लिए मेरठ के व्यस्ततम भैसाली और सोहराब गेट बस अड्डों पर स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान वहां मिली-जुली तस्वीरें देखने को मिलीं। कई महिलाएं ऐसी थीं जिन्हें योजना की पूरी जानकारी थी और वे अपने साथ वैध पहचान पत्र लेकर यात्रा कर रही थीं, वहीं कुछ महिलाएं ऐसी भी मिलीं जो जानकारी के अभाव में या दस्तावेज न होने के कारण मुफ्त यात्रा का लाभ नहीं उठा सकीं।
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भैसाली बस अड्डे पर देहरादून जाने वाली बस में सवार होने जा रही आशा ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उनके बेटे ने उन्हें इस योजना के बारे में पहले ही बता दिया था, इसलिए वह घर से ही अपना आधार कार्ड साथ लेकर आई थीं। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पवित्र पर्व पर भी उन्होंने इसी योजना के तहत अपने भाई के पास जाने के लिए पूरी तरह निश्शुल्क यात्रा की थी। वहीं, दिल्ली के सलेमपुर जाने के लिए बस का इंतजार कर रही नौसबा ने कहा कि उनके पास आधार कार्ड तो है, लेकिन उन्हें यह स्पष्ट नहीं था कि यह यात्रा सचमुच मुफ्त होगी या नहीं। जब उन्होंने पूछताछ केंद्र पर जानकारी ली, तो रोडवेज कर्मी ने स्पष्ट किया कि यदि आधार कार्ड में महिला की उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक दर्ज है, तो परिचालक (कंडक्टर) द्वारा 'शून्य धनराशि' (Zero Fare) का टिकट जारी किया जाएगा।
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दस्तावेज न होने पर जेब से चुकाने पड़े पैसे सोहराब गेट बस अड्डे पर बस से उतरने वाली जागृति विहार निवासी मंजू ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने रक्षाबंधन पर तो इस मुफ्त सेवा का लाभ उठाया था, लेकिन वापसी के समय उनके पास आधार कार्ड नहीं था। इस वजह से उन्हें अपनी जेब से 300 रुपये खर्च करके सामान्य टिकट खरीदना पड़ा।
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इसी तरह, बुलंदशहर जाने वाली बस में बैठी शकुंतला के पास भी बस अड्डे पर पहुंचने के समय आधार कार्ड नहीं था। पूछताछ काउंटर पर जब उन्हें बुजुर्ग महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा के नियम का पता चला, तो उनके साथ आया बेटा तुरंत घर वापस गया और आधार कार्ड लेकर आया, जिसके बाद उनकी आगे की यात्रा सुगम हो सकी। मवाना जाने के लिए बस में बैठी फातिमा के पास भी पहचान पत्र की मूल प्रति नहीं होने के कारण असमंजस की स्थिति बनी रही।
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वहां मौजूद रोडवेज कर्मियों और परिचालकों ने साफ कर दिया कि बस में उन्हीं महिलाओं का निश्शुल्क टिकट बनाया जाएगा, जिनके पास अपनी उम्र की पुष्टि के लिए वैध पहचान पत्र (मुख्य रूप से आधार कार्ड) की मूल प्रति मौजूद होगी। बस में बैठे एक अन्य यात्री खमेर सिंह ने मजाक में अपना आधार कार्ड निकालते हुए कंडक्टर से अपने लिए भी मुफ्त टिकट की मांग की, जिस पर कंडक्टर ने स्पष्ट किया कि यह विशेष रियायत केवल और केवल महिलाओं के लिए है।
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अवेयरनेस की कमी के कारण कुछ महिलाएं रहीं वंचित सोहराब गेट बस अड्डे पर मुरादाबाद जाने के लिए पहुंचीं 64 साल की राजबाला और 70 वर्षीय अतरो देवी जैसी कई बुजुर्ग महिलाएं ऐसी भी रहीं, जो पूरी जानकारी न होने के कारण इस शानदार योजना का लाभ नहीं उठा पाईं। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि परिवहन विभाग और प्रशासन को इस योजना का प्रचार-प्रसार और अधिक व्यापक स्तर पर करने की जरूरत है, ताकि दूर-दराज से आने वाली कोई भी बुजुर्ग महिला जानकारी के अभाव में मुफ्त यात्रा से वंचित न रह जाए।
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क्या हैं योजना के नियम?
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- \r\n आयु सीमा: महिला की आयु कम से कम 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n अनिवार्य दस्तावेज: यात्रा के दौरान महिला के पास आयु सत्यापन के लिए अपना मूल आधार कार्ड या अन्य वैध सरकारी पहचान पत्र होना आवश्यक है।\r\n \r\n
- \r\n टिकट प्रक्रिया: दस्तावेजों की जांच के बाद बस का परिचालक शून्य मूल्य (Zero Amount) का टिकट जारी करेगा।\r\n \r\n
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उत्तर प्रदेश सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना बुजुर्ग माताओं और बहनों के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जरूरत इस बात की है कि यात्री यात्रा पर निकलने से पहले अपने दस्तावेजों को दुरुस्त रखें, ताकि सफर में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
Sabse pehle comment karne wale banein.