मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले का प्रमुख व्यापारिक केंद्र, 'सेंट्रल मार्केट' (सेक्टर-2) इन दिनों एक बड़े आंदोलन का गवाह बन रहा है। यहां दुकानें चलाने वाली और अपने परिवारों का भरण-पोषण करने वाली दर्जनों महिलाएं अपनी आजीविका बचाने के लिए सड़कों पर धरने पर बैठ गई हैं। यह धरना सिर्फ एक सामान्य विरोध प्रदर्शन नहीं रह गया है, बल्कि यह महिलाओं के हक, सम्मान और उनके अस्तित्व को बचाने की एक निर्णायक लड़ाई बन चुका है।READ ALSO:-मेरठ: पुलिस ने कुचले लोकतांत्रिक अधिकार! अंबेडकर प्रतिमा की सफाई मांगने पर SKD कार्यकर्ता हाउस अरेस्ट, 'पुलिस राज' का आरोप
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस पूरे विवाद की जड़ आवास विकास परिषद (Awas Vikas Parishad) द्वारा 'सेटबैक' (Setback - भवन निर्माण में छोड़ी जाने वाली खाली जगह) के नाम पर की जा रही प्रशासनिक कार्रवाई है। मेरठ व्यापार मंडल और स्थानीय व्यापारियों ने आवास विकास की इस कार्रवाई को पूरी तरह से 'भेदभावपूर्ण', 'अन्यायपूर्ण' और 'भ्रष्टाचार से प्रेरित' करार दिया है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

क्या है पूरा विवाद? 'सेटबैक' के नाम पर आजीविका पर संकट

\r\n\r\n
व्यापारियों और धरने पर बैठी महिलाओं का आरोप है कि आवास विकास परिषद के अधिकारी सेटबैक के नियमों का हवाला देकर उन्हें बेवजह परेशान कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्षों से स्थापित इन व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर अचानक कार्रवाई की तलवार लटकाना पूरी तरह से अन्याय है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा, "आवास विकास परिषद द्वारा जो कार्यवाही की जा रही है, उसमें पारदर्शिता का घोर अभाव है। यह कार्रवाई न्यायसंगत न होकर पूरी तरह से भ्रष्टाचार की बू लिए हुए है। जिन महिलाओं ने अपनी जीवन भर की पूंजी लगाकर ये प्रतिष्ठान खड़े किए हैं, आज उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपनी रोजी-रोटी और आजीविका बचाने के लिए आज हमारे घर की माताओं और बहनों को चिलचिलाती धूप में सड़कों पर बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आंदोलन को मिला संत समाज का आशीर्वाद: स्वामी चेतनानन्द गिरि जी का ऐलान

\r\n\r\n
महिलाओं के इस शांतिपूर्ण और न्यायपूर्ण आंदोलन को अब धार्मिक और सामाजिक संगठनों का भी भारी समर्थन मिलने लगा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सोमवार को व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने प्रमुख संत श्री महन्त स्वामी चेतनानन्द गिरि जी से विशेष वार्ता की और उन्हें सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों की पीड़ा से अवगत कराया। पूरे प्रकरण को जानने के बाद स्वामी चेतनानन्द गिरि जी ने इस आंदोलन को अपना पूर्ण और खुला समर्थन देने की घोषणा की है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
स्वामी जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "यह न्याय और हक की लड़ाई है। जब भी मुझे बुलावा आएगा, मैं न केवल व्यक्तिगत रूप से बल्कि पूरे 'संत समाज' के साथ इन पीड़ित महिलाओं और व्यापारियों के बीच धरने पर आकर बैठ जाऊंगा। अन्याय के खिलाफ उठने वाली हर आवाज के साथ संत समाज हमेशा खड़ा रहेगा।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

राजनीतिक सरगर्मियां तेज: अतुल प्रधान का समर्थन और अखिलेश यादव से मुलाकात की तैयारी

\r\n\r\n
इस व्यापारी आंदोलन ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है। समाजवादी पार्टी (SP) के कद्दावर नेता और विधायक अतुल प्रधान लगातार इन पीड़ित व्यापारियों और आम जनता के पक्ष में मुखर होकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
शैंकी वर्मा ने बताया कि मेरठ व्यापार मंडल इस संघर्ष में अतुल प्रधान जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने एक बड़ी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि, "बहुत जल्द अतुल प्रधान जी के नेतृत्व में इन पीड़ित माताओं और बहनों के एक प्रतिनिधिमंडल को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी से मिलवाने का प्रयास किया जाएगा। हम इस मुद्दे को राज्य स्तर पर उठाएंगे ताकि प्रशासन की मनमानी पर लगाम लगाई जा सके।" व्यापार मंडल का स्पष्ट मानना है कि यह लड़ाई अब केवल सेक्टर-2 के कुछ व्यापारियों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह हर उस आम नागरिक की लड़ाई बन गई है जो सिस्टम की लालफीताशाही और अन्याय का शिकार हो रहा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

व्यापार मंडल का प्रशासन को सख्त अल्टीमेटम: 'मैं स्वयं बैठूंगा भूख हड़ताल पर'

\r\n\r\n
धरना स्थल से मेरठ व्यापार मंडल ने स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन को बहुत ही कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की है। महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    भूख हड़ताल की चेतावनी: "यदि प्रशासन ने समय रहते इस समस्या का कोई उचित और न्यायपूर्ण समाधान नहीं निकाला, तो मैं (शैंकी वर्मा) स्वयं इन पीड़ित महिलाओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (Hunger Strike) पर बैठने के लिए बाध्य हो जाऊंगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।"
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    शांतिपूर्ण धरना मौलिक अधिकार: "प्रशासन को यह स्पष्ट चेतावनी दी जाती है कि सेक्टर-2 में चल रहा यह धरना पूर्णतः शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से हो रहा है। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना इस देश के नागरिकों का मौलिक अधिकार (Fundamental Right) है।"
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    दमन के होंगे गंभीर परिणाम: "यदि पुलिस या प्रशासन द्वारा बल प्रयोग करके या किसी भी अन्य प्रकार से हमारे इस मौलिक अधिकार का हनन या दमन करने का प्रयास किया गया, तो इसके बेहद गंभीर परिणाम होंगे। पूरा मेरठ शहर बंद करने से भी हम पीछे नहीं हटेंगे।"
    \r\n
  6. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

क्या झुकेगा प्रशासन?

\r\n\r\n
सेंट्रल मार्केट, सेक्टर-2 का यह धरना अब एक बड़ा रूप लेता जा रहा है। एक तरफ जहां महिलाएं अपनी दुकानों को बचाने के लिए आर-पार के मूड में हैं, वहीं व्यापार मंडल, संत समाज और विपक्षी राजनीतिक दलों के एकजुट होने से जिला प्रशासन और आवास विकास परिषद पर भारी दबाव बन गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या प्रशासन हठधर्मिता छोड़कर इन पीड़ित महिलाओं के साथ बातचीत की मेज पर आता है, या फिर यह आंदोलन मेरठ में एक बड़े जन-आंदोलन की शक्ल अख्तियार कर लेता है। एक बात तय है कि व्यापारियों ने स्पष्ट कर दिया है—वे अपने हक और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन