उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में सोमवार को व्यापारियों ने केंद्र सरकार के एक प्रस्तावित फैसले के खिलाफ अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया। समाजवादी व्यापार सभा (Samajwadi Vyapar Sabha) के बैनर तले स्थानीय व्यापारियों ने यूपीआई (UPI) भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्ज लगाए जाने के विरोध में शहर के छह अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह आहूजा के नेतृत्व में व्यापारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर तथा थाली-चम्मच बजाकर अपना कड़ा विरोध (Meerut UPI MDR Charge Protest) शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया।

15 अक्टूबर से लागू होना है 0.04 प्रतिशत चार्ज संगठन के पदाधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से 15 अक्टूबर 2026 से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से होने वाले डिजिटल भुगतानों पर 0.04 प्रतिशत MDR (Merchant Discount Rate) चार्ज लागू किए जाने का प्रस्ताव है। समाजवादी व्यापार सभा का स्पष्ट रूप से कहना है कि इस प्रकार का नया चार्ज लागू होने से देश भर के व्यापारियों, विशेषकर छोटे दुकानदारों पर एक बड़ा अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। इसी फैसले के विरोध में सोमवार को यह व्यापक प्रदर्शन आयोजित कर प्रस्तावित चार्ज को तुरंत वापस लेने की मांग रखी गई।

इन छह प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर हुआ प्रदर्शन व्यापारियों का यह विरोध प्रदर्शन मेरठ शहर के प्रमुख बाजारों में एक साथ आयोजित किया गया। समाजवादी व्यापार सभा के नेतृत्व में यह प्रदर्शन मुख्य रूप से इन छह स्थानों पर किया गया:

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  • जेल चुंगी स्थित अधाना मेडिकल स्टोर

  • लालकुर्ती का पैठ बाजार

  • बेगमपुल स्थित पीएल शर्मा रोड

  • शहर का प्रमुख सदर बाजार

  • नई दिल्ली बस स्टैंड के सामने (बेगमपुल)

  • गुलमर्ग सिनेमा के पास

इन सभी निर्धारित स्थानों पर बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी और संगठन के कार्यकर्ता एकत्र हुए। उन्होंने सामूहिक रूप से थाली-चम्मच बजाकर और प्रस्तावित MDR चार्ज के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की।

डिजिटल इंडिया के दौर में मुनाफा घटने की चिंता प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह आहूजा और अन्य पदाधिकारियों ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के समय में आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों के बीच डिजिटल भुगतान (Digital Payment) का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ा है। रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर बड़े शोरूम तक हर कोई कैशलेस लेनदेन पर निर्भर है। ऐसे में हर भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज (MDR) लगाने से छोटे दुकानदारों और कारोबारी वर्ग का मुनाफा सीधे तौर पर प्रभावित होगा, जो वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में उनके लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।

सरकार से पुनर्विचार की मांग इस विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने में स्थानीय व्यापारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। संगठन की ओर से केंद्र सरकार को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि वह व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित चार्ज पर गंभीरता से पुनर्विचार करे। इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में प्रमुख रूप से अजय अधाना, राकेश निम्मी, सौरभ अग्रवाल, सरदार जीतू नागपाल, ओम प्रकाश और सन्नी लोधी सहित कई अन्य स्थानीय व्यापारियों का सक्रिय सहयोग रहा।

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