मेरठ (क्राइम डेस्क): उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं द्वारा तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय और अन्य पुलिसकर्मियों पर बर्बरता के आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। शनिवार (22 अगस्त) को इस मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए 8 पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन भेज दिया गया है ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो सके।
\r\n\r\nसपा नेताओं के गंभीर आरोप: "हाथ-पैर बांधकर पीटा गया"
\r\n\r\nसपा नेता दिग्विजय सिंह भाटी और मोहित जाटव ने पुलिस पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं:
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- \r\n उनका दावा है कि 19 अगस्त को जब वे तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय से मिलने गए, तो उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई।\r\n \r\n
- \r\n दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि SSP कक्ष में पिटाई के बाद उन्हें सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ द्वारा एसओजी (SOG) कार्यालय ले जाया गया, जहां हाथ-पैर बांधकर डंडों से उनकी बर्बर पिटाई की गई।\r\n \r\n
- \r\n मोहित जाटव ने पुलिसकर्मियों पर फर्जी मुठभेड़ (Encounter) में मारने और मीडिया से बात करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।\r\n \r\n
\r\n\r\nकौन-कौन हुए लाइन हाजिर?
\r\n\r\nमेरठ जोन के एडीजी (ADG) भानु भास्कर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। वर्तमान में सहारनपुर रेंज के डीआईजी (DIG) अभिषेक सिंह इस पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं। निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित 8 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है:
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- \r\n अखिलेश कुमार गौड़ (प्रभारी निरीक्षक, सिविल लाइंस थाना)\r\n \r\n
- \r\n मुलायम सिंह (उपनिरीक्षक)\r\n \r\n
- \r\n हरि ओम (हेड कांस्टेबल)\r\n \r\n
- \r\n श्याम बाबू (हेड कांस्टेबल)\r\n \r\n
- \r\n मुकेश कुमार (कांस्टेबल)\r\n \r\n
- \r\n सुमित कुमार (कांस्टेबल)\r\n \r\n
- \r\n नीलम लौर (कांस्टेबल)\r\n \r\n
- \r\n ललित कुमार (चालक)\r\n \r\n
\r\n\r\nविधायक ने की केस दर्ज करने की मांग
\r\n\r\nसपा विधायक अतुल प्रधान ने इस पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों पर तुरंत मुकदमा (FIR) दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्यालय में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालने से पूरी घटना का सच जनता के सामने आ जाएगा।
\r\n\r\nपुलिस विभाग का स्पष्टीकरण
\r\n\r\nमामले पर पुलिस अधीक्षक (नगर) विनायक गोपाल भोंसले ने बयान जारी करते हुए कहा कि सोशल और प्रिंट मीडिया के जरिए सामने आए इन आरोपों को शासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। जांच प्रभावित न हो, इसलिए संबंधित पुलिसकर्मियों को एसएसपी के आदेश पर पुलिस लाइन स्थानांतरित किया गया है। इसके साथ ही, उपनिरीक्षक अरुण भाटी को सिविल लाइंस थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
\r\n\r\nक्या आपको लगता है कि सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इस मामले में और भी बड़े अधिकारियों पर गाज गिर सकती है?
Sabse pehle comment karne wale banein.