मेरठ (खबरीलाल न्यूज़ डेस्क)। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में हाल ही में हुए बड़े तबादलों के बाद मेरठ जिले को नया पुलिस कप्तान मिल गया है। 2015 बैच के तेजतर्रार आईपीएस (IPS) अधिकारी बीबीजीटीएस मूर्ति को झांसी से स्थानांतरित कर मेरठ का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नियुक्त किया गया है। वहीं, मेरठ के निवर्तमान एसएसपी अविनाश पांडेय को पुलिस मुख्यालय, लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है।
\r\n\r\nतेलुगु भाषी परिवेश से UP कैडर तक का सफर
\r\n\r\nमेरठ के नए पुलिस कप्तान के रूप में बीबीजीटीएस मूर्ति की तैनाती इसलिए भी खास चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि उनकी हिंदी सीखने की यात्रा बेहद प्रेरणादायक और दिलचस्प रही है।
\r\n\r\nमूल रूप से आंध्र प्रदेश के तिरुपति के रहने वाले बीबीजीटीएस मूर्ति का पालन-पोषण और शिक्षा-दीक्षा हैदराबाद में हुई। बचपन से ही उनका पूरा परिवेश तेलुगु भाषी रहा। वे तेलुगु में ही सोचते, बोलते, लिखते और समझते थे। इसके अलावा अंग्रेजी पर भी उनकी अच्छी पकड़ थी, जिसके कारण उन्हें कभी हिंदी सीखने की कोई खास जरूरत महसूस नहीं हुई।
\r\n\r\nUP में पहली पोस्टिंग और Google Translator का सहारा
\r\n\r\nवर्ष 2015 में यूपीएससी परीक्षा पास कर IPS बनने के बाद जब उन्हें उत्तर प्रदेश (UP) कैडर अलॉट हुआ, तब उनके सामने भाषा की एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।
\r\n\r\nजब उनकी पहली पोस्टिंग गाजियाबाद में हुई, तो उन्हें उत्तर प्रदेश की पुलिसिंग और आम जनता से जुड़ने के लिए हिंदी की अहमियत का अहसास हुआ। शुरुआत में, आम लोगों की शिकायतें और मातहतों की बातें समझने के लिए उन्हें Google Translator का सहारा लेना पड़ता था।
\r\n\r\nलगन और अभ्यास से सीखी फर्राटेदार हिंदी
\r\n\r\nGoogle Translator के सहारे काम चलाने के बाद, उन्होंने गंभीरता से हिंदी सीखने का संकल्प लिया। साथी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने भी उनका खूब हौसला बढ़ाया। लगातार बातचीत के अभ्यास और काम के दौरान हिंदी के प्रयोग से उनकी भाषा में तेजी से सुधार होने लगा।
\r\n\r\nएक समय ऐसा था जब उन्हें हिंदी में दो शब्द बोलने में भी झिझक होती थी, लेकिन अपनी मेहनत और लगन से आज स्थिति यह है कि वे न केवल फर्राटेदार हिंदी बोलते और समझते हैं, बल्कि धाराप्रवाह हिंदी में भाषण भी देते हैं।
\r\n\r\nकानपुर देहात की गंवई बोली ने निखारी भाषा
\r\n\r\nआईपीएस मूर्ति की हिंदी में सबसे ज्यादा निखार कानपुर में तैनाती के दौरान आया। कानपुर देहात में एसपी (SP) रहते हुए उन्हें ठेठ गंवई और स्थानीय बोली का सामना करना पड़ा।
\r\n\r\nशुरुआत में इस स्थानीय बोली को समझना उनके लिए थोड़ा मुश्किल था, लेकिन उन्होंने इसे भी एक चुनौती के रूप में लिया। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से लगातार संवाद स्थापित कर उन्होंने न केवल उस बोली को समझा, बल्कि स्थानीय लोगों से उनके ही लहजे में जुड़ने का प्रयास भी किया।
\r\n\r\nसख्त प्रशासक और अपराध नियंत्रण पर जोर
\r\n\r\nबीबीजीटीएस मूर्ति की पहचान सिर्फ अपनी भाषाई लगन के लिए ही नहीं है, बल्कि वे एक सख्त प्रशासक और अपराध नियंत्रक के रूप में भी जाने जाते हैं।
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- \r\n कासगंज में बड़ी कार्रवाई: कासगंज में एसपी पद पर रहते हुए उन्होंने कुख्यात अपराधी नफीस अहमद उर्फ कालिया पर शिकंजा कसा था और उसकी करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क करने की बड़ी कार्रवाई की थी। इस कड़े कदम के बाद वे पूरे प्रदेश में चर्चा में आ गए थे।\r\n \r\n
- \r\n कानपुर में प्राथमिकताएं: कानपुर देहात में तैनाती के दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण, महिला व बाल अपराधों पर सख्त कार्रवाई और सुचारू यातायात व्यवस्था को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया था। पीड़ित को थाने स्तर पर ही त्वरित न्याय दिलाना उनके काम करने के मुख्य तरीकों में शुमार रहा है।\r\n \r\n
\r\n\r\nमेरठ में नई चुनौतियां और प्राथमिकताएं
\r\n\r\nअब आईपीएस बीबीजीटीएस मूर्ति के कंधों पर मेरठ जैसे बड़े, संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिले की कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी है। मेरठ में पुलिसिंग हमेशा से एक चुनौतीपूर्ण कार्य रहा है।
\r\n\r\nमेरठ में उनके सामने प्रमुख चुनौतियां:
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- \r\n अपराध नियंत्रण: जिले में पेशेवर अपराधियों पर नकेल कसना।\r\n \r\n
- \r\n यातायात व्यवस्था: शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाना और ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ करना।\r\n \r\n
- \r\n महिला सुरक्षा: महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू करना।\r\n \r\n
- \r\n साइबर अपराध: बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों पर लगाम लगाना।\r\n \r\n
- \r\n जनसुनवाई: थाने स्तर पर ही आम जनता की शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करना।\r\n \r\n
मेरठ की जनता और पुलिस महकमे को अब अपने नए कप्तान से काफी उम्मीदें हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि अपनी पुरानी कार्यशैली और अनुभव के आधार पर मेरठ में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए वे क्या नई रणनीति अपनाते हैं।
\r\n\r\n'खबरीलाल' की विशेष रिपोर्ट: बिजनौर, मेरठ और आसपास के जिलों की पुलिसिंग, प्रशासन और जनहित से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर के लिए पढ़ते रहें 'खबरीलाल'।
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