उत्तर प्रदेश में आगामी त्योहारों के मद्देनज़र शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शासन के निर्देश पर व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं। संभल में जहाँ 3 किलोमीटर लंबे पारंपरिक जुलूस मार्ग को सुरक्षित करने के लिए ज़िले को सेक्टरों में बांटा गया है, वहीं मेरठ में आधुनिक तकनीक और 3,500 कैमरों के माध्यम से हाई-टेक निगरानी का त्रिस्तरीय ढांचा तैयार किया गया है।
\r\n\r\nसंभल में सुरक्षा का मास्टरप्लान: 5 ज़ोन और 16 सेक्टरों में बंटा पूरा ज़िला
\r\n\r\nसंभल ज़िले में बारावफात के अवसर पर निकलने वाले लगभग 3 किलोमीटर लंबे पारंपरिक जुलूस को लेकर प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। पुलिस अधीक्षक (SP) विकास चंद्र त्रिपाठी और ज़िलाधिकारी (DM) अंकित खंडेलवाल की अगुवाई में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं।
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संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च और सघन चेकिंग अभियान
\r\n\r\nएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने चार थानों की पुलिस, पीएसी (PAC) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल मार्च किया। चेकिंग अभियान के तहत पुलिस बल ने:
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- \r\n कार्तिक मंदिर क्षेत्र\r\n \r\n
- \r\n दीपा सराय स्थित सपा सांसद के आवास के आसपास का क्षेत्र\r\n \r\n
- \r\n ऐतिहासिक जामा मस्जिद का क्षेत्र\r\n \r\n
- \r\n अन्य संवेदनशील और घनी आबादी वाले मोहल्ले\r\n \r\n
\r\n\r\nइन सभी प्रमुख स्थानों पर पुलिस की गाड़ियों के हुटर और पैदल मार्च करते जवानों की मौजूदगी ने नागरिकों में सुरक्षा का अहसास कराया।
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प्रशासनिक तैनाती और जनसंवाद
\r\n\r\nज़िलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के अनुसार, पूरे ज़िले को 5 ज़ोन और 16 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहाँ प्रत्येक ज़ोन और सेक्टर में ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इसके साथ ही, त्यौहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए थाना और मोहल्ला स्तर पर पीस कमेटी (Peace Committee) की बैठकें आयोजित की गई हैं, ताकि स्थानीय संभ्रांत लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया जा सके।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी की अपील: "नागरिक किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें। यदि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नज़र आती है, तो उसकी सूचना तुरंत डायल-112 या स्थानीय पुलिस को दें। शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"\r\n
मेरठ में सुरक्षा का 'हाई-टेक' मॉडल: 3,500 CCTV और AI से मॉनिटरिंग
\r\n\r\nक्रांतिधरा मेरठ में बारावफात के जुलूस और बाज़ारों में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मेरठ ज़ोन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कमान खुद अपने हाथों में ले ली है।
\r\n\r\nवरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में निकला भारी फ्लैग मार्च
\r\n\r\nमेरठ ज़ोन के एडीजी (ADG) भानु भास्कर, डीआईजी (DIG) कलानिधि नैथानी, ज़िलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विपिन ताडा/बीबीजीटीएस मूर्ति की संयुक्त अगुवाई में भारी पुलिस बल सड़कों पर उतरा।
\r\n\r\nयह फ्लैग मार्च शहर के व्यस्त और संवेदनशील मार्गों से होकर गुजरा:
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\r\n\r\nआगामी त्यौहारों के मद्देनजर जनपद में कानून एवं शान्ति-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने के दृष्टिगत @adgzonemeerut एवं @digrangemeerut द्वारा जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ सहित पुलिस बल के साथ पैदल गश्त। #UPPolice #MeerutPolice pic.twitter.com/K9TP1BMQDt
\r\n— MEERUT POLICE (@meerutpolice) August 25, 2026 ="ltr" style="text-align: justify;">इस दौरान एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले, एसपी ट्रैफिक राजेश श्रीवास्तव, एसपी क्राइम और एडीएम सिटी बृजेश सिंह समेत दर्जनों पुलिस अधिकारी बल-बूते के साथ मुस्तैद रहे।
\r\n\r\n| \r\n सुरक्षा का स्तर \r\n | \r\n \r\n अपनाई गई रणनीति और व्यवस्था \r\n | \r\n
|---|---|
| \r\n डिजिटल सर्विलांस \r\n | \r\n \r\n आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और 3,500 CCTV कैमरों के ज़रिए कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे लाइव मॉनिटरिंग। \r\n | \r\n
| \r\n ग्राउंड सिक्योरिटी \r\n | \r\n \r\n बाज़ारों और जुलूस मार्गों पर सशस्त्र बल के साथ-साथ सादे कपड़ों में इंटेलिजेंस यूनिट्स की तैनाती। \r\n | \r\n
| \r\n विशेष दस्ते \r\n | \r\n \r\n महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा के लिए एंटी-रोमियो स्क्वाड और तंग गलियों में गश्त के लिए घुड़सवार पुलिस (Mounted Police)। \r\n | \r\n
| \r\n हवाई निगरानी \r\n | \r\n \r\n भीड़भाड़ वाले जुलूस मार्गों और छतों पर निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग। \r\n | \r\n
साइबर स्पेस पर कड़ी नज़र: सोशल मीडिया सेल पूरी तरह सक्रिय
\r\n\r\nत्यौहारों के दौरान अक्सर असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया (फेसबुक, एक्स/ट्विटर, व्हाट्सएप) पर भ्रामक खबरें या भड़काऊ पोस्ट डालकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जाता है। इससे निपटने के लिए संभल और मेरठ दोनों ज़िलों की साइबर सोशल मीडिया सेल को 24 घंटे एक्टिव मोड पर रखा गया है।
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- \r\n सोशल मीडिया के सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म्स की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।\r\n \r\n
- \r\n अफवाह फैलाने वाले या भड़काऊ कंटेंट शेयर करने वाले अकाउंट्स को चिन्हित कर सीधे एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।\r\n \r\n
\r\n\r\nयातायात व्यवस्था: रूट डायवर्जन और बैरिकेडिंग लागू
\r\n\r\nजुलूस के दौरान आम नागरिकों और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा विशेष रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया है:
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- \r\n जुलूस के मुख्य रास्तों पर भारी वाहनों (Heavy Commercial Vehicles) का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।\r\n \r\n
- \r\n संवेदनशील मोड़ों और चौराहों पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके।\r\n \r\n
- \r\n एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए ग्रीन कॉरिडोर जैसी वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई है।\r\n \r\n
\r\n\r\nसंभल और मेरठ में बारावफात को लेकर की गई यह अभेद्य किलेबंदी इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। तकनीक, प्रशासनिक संवाद और जमीनी मुस्तैदी के इस बेहतरीन संतुलन से यह स्पष्ट है कि त्यौहार को पूरी तरह से शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाएगा।
\r\n\r\nप्रशासन ने सभी नागरिकों से भाईचारे के साथ त्यौहार मनाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की है।
Sabse pehle comment karne wale banein.