देश के उत्तरी, दक्षिणी और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में मौसम लगातार और बहुत तेजी से बदल रहा है। मार्च महीने की शुरुआत में लोगों को लगा था कि इस बार गर्मी सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी, क्योंकि पहले 15 दिनों में ही कई जगहों पर तापमान 40°C को पार कर गया था। लेकिन, मार्च के दूसरे पखवाड़े (15 दिन के बाद का समय) में मौसम ने ऐसी करवट ली है कि लगभग हर राज्य में आंधी, बारिश और ओले गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी अप्रत्याशित बदलाव को देखते हुए मौसम विभाग ने एक नया IMD Weather Alert जारी किया है। इस अलर्ट के अनुसार, आम जनता और किसानों को अगले कुछ दिनों तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। यह अचानक हुआ मौसमी बदलाव न केवल दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि कृषि क्षेत्र के लिए भी एक बड़ा संकट बन गया है।READ ALSO:-मेरठ में खौफनाक बवाल: दौराला रोड के रेस्टोरेंट में पिज्जा खाने गई किशोरियों से छेड़छाड़, दो समुदायों के बीच चले लाठी-डंडे और धारदार हथियार
\r\n\r\n\r\n\r\n
इस विस्तृत रिपोर्ट में हम जानेंगे कि आखिर किन राज्यों में IMD Weather Alert का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है, पहाड़ों पर बर्फबारी का क्या हाल है, और आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
12 राज्यों में IMD Weather Alert: बारिश और आंधी की चेतावनी
\r\n\r\nभारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 12 प्रमुख राज्यों के लिए भारी बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का गंभीर अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी राजस्थान सहित पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्से इस मौसमी बदलाव की चपेट में हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए ताज़ा IMD Weather Alert में जिन राज्यों को शामिल किया गया है, वे इस प्रकार हैं:
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
- \r\n
- \r\n पूर्वोत्तर भारत: सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा। इन राज्यों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है।\r\n \r\n
- \r\n पूर्वी भारत: पश्चिम बंगाल और ओडिशा में गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी इन क्षेत्रों में मौसम को और अधिक अस्थिर बना रही है।\r\n \r\n
- \r\n दक्षिण भारत: कर्नाटक और केरल में भी मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
दक्षिण भारत और उत्तर भारत: उमस और कोहरे का अजीब संगम
\r\n\r\nएक तरफ जहां कुछ राज्यों में बारिश हो रही है, वहीं अन्य राज्यों में मौसम का बिल्कुल अलग ही रूप देखने को मिल रहा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n कर्नाटक और केरल का हाल: कर्नाटक के तटीय इलाकों और केरल में आज का मौसम बेहद उमस भरा रहने वाला है। बारिश के बाद तेज धूप निकलने से इन क्षेत्रों में ह्यूमिडिटी (नमी) का स्तर काफी बढ़ गया है, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।\r\n \r\n
- \r\n उत्तर प्रदेश और बिहार में कोहरा: वहीं दूसरी ओर, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मार्च के अंत में सर्दी जैसी स्थिति बन गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार में रविवार सुबह भी कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। स्थिति यह थी कि विजिबिलिटी (दृश्यता) घटकर मात्र 50 से 100 मीटर रह गई। इस घने कोहरे के कारण सुबह के समय यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और कई ट्रेनों तथा उड़ानों की आवाजाही में देरी दर्ज की गई।\r\n \r\n
\r\n\r\n
राजस्थान: एक राज्य, दो तरह का मौसम
\r\n\r\nराजस्थान का मौसम इस समय सबसे ज्यादा चकित करने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में फिलहाल 2 तरह का मौसम एक साथ देखा जा रहा है:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n बारिश से गिरा तापमान: पश्चिमी राजस्थान के आधे हिस्से में लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। यहाँ लोगों को एक बार फिर से हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है।\r\n \r\n
- \r\n गर्मी का प्रकोप: जबकि बाकी आधे राज्य में गर्मी लगातार बढ़ रही है। शनिवार के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा 39.9°C तापमान श्रीगंगानगर में दर्ज किया गया, जो झुलसाने वाली गर्मी का संकेत है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
किसानों पर कुदरत की मार: बैक टू बैक आ रहे वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण प्रदेश में भले ही गर्मी कम हो गई हो, लेकिन किसानों के लिए यह IMD Weather Alert एक बहुत बुरी खबर लेकर आया है। शनिवार को एक और नया सिस्टम एक्टिव हुआ, जिसके चलते जैसलमेर के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। तेज बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया। जैसलमेर के रामगढ़ और कुछड़ी के एरिया में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जहां खेतों में कटाई के लिए तैयार रखी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। राज्य के 45 जिलों में आंधी-बारिश का असर है और 17 जिलों में भारी ओलावृष्टि हुई है। हालांकि, अगले 4 दिनों के लिए राजस्थान में कहीं भी भारी आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन रविवार को 8 जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट (Yellow Alert) जरूर जारी किया गया है।
\r\n\r\n 
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और एवलांच (हिमस्खलन) का मंडराता खतरा
\r\n\r\nपहाड़ी राज्यों में तो मौसम ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। भारी बर्फबारी और बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
- \r\n
- \r\n उत्तराखंड और सिक्किम: इन दोनों राज्यों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने एवलांच (Avalanche - हिमस्खलन) का गंभीर खतरा जताया है।\r\n \r\n
- \r\n सड़कें हुईं बंद: सिक्किम में भारी बर्फबारी के कारण पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। गंगटोक से त्सोमगो झील (Tsomgo Lake) और नाथुला पास (Nathu La Pass) जाने वाली महत्वपूर्ण सड़क को सुरक्षा कारणों से पूरी तरह बंद कर दिया गया है।\r\n \r\n
- \r\n हिमाचल प्रदेश में लौट आई सर्दी: हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले पांच दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है। इस बेमौसम बर्फबारी के कारण राज्य में एक बार फिर कड़ाके की सर्दी बढ़ गई है और तापमान शून्य से नीचे चला गया है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
डिफेंस जियोइनफॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (DGRE), चंडीगढ़ के सटीक पूर्वानुमान के आधार पर, राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र ने संबंधित जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। आज तीन जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है, जबकि पांच जिलों में बारिश, गरज-चमक और बर्फबारी की प्रबल संभावना जताई गई है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
छत्तीसगढ़ और झारखंड में आसमानी आफत: ओले और बिजली का कहर
\r\n\r\nदेश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की भयानक घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n छत्तीसगढ़ का शिमला: प्रदेश के कई हिस्सों में हुई हल्की बारिश के कारण तापमान 5 डिग्री तक घट गया है। शनिवार को छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में ऐसा नजारा दिखा मानो लोग शिमला या मनाली में हों। यहां इतनी भारी मात्रा में ओले गिरे कि खेतों और सड़कों पर बर्फ की एक सफेद मोटी चादर बिछ गई।\r\n \r\n
- \r\n बिजली गिरने से मौतें: इस मौसमी उथल-पुथल ने कुछ लोगों की जान भी ले ली है। जशपुर जिले के दुलदुला क्षेत्र में तेज बारिश के दौरान बिजली गिरने (Lightning strike) से एक गरीब मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई।\r\n \r\n
- \r\n झारखंड का हाल: बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय गर्मी के टकराव के कारण झारखंड में भी आंधी-बारिश और ओले गिरने के हालात बने हुए हैं। दुमका जिले के डिगवाडीह गांव में भी आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पास खड़ा दूसरा शख्स बुरी तरह झुलस गया, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
वेस्टर्न डिस्टरबेंस (Western Disturbance) क्या है और यह मौसम को कैसे बदल रहा है?
\r\n\r\nबार-बार जारी हो रहे इस IMD Weather Alert के पीछे का मुख्य वैज्ञानिक कारण 'वेस्टर्न डिस्टरबेंस' या पश्चिमी विक्षोभ है। पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) और कैस्पियन सागर के ऊपर उत्पन्न होने वाला एक अतिरिक्त-उष्णकटिबंधीय तूफान (Extra-tropical storm) है। जब यह तूफान ऊपरी वायुमंडल में तेज हवाओं (Jet Streams) के साथ पूर्व की ओर यानी भारत, पाकिस्तान और नेपाल की तरफ बढ़ता है, तो अपने साथ भारी मात्रा में नमी लेकर आता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
जब यह नमी से भरी हवाएं हिमालय के ऊंचे पहाड़ों से टकराती हैं, तो पहाड़ी राज्यों (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड) में भारी बर्फबारी होती है और मैदानी इलाकों (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, यूपी) में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि होती है। इस साल मार्च में एक के बाद एक कई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ भारत से टकराए हैं, जिस कारण मार्च की शुरुआत की तेज गर्मी अचानक इस सर्द और तूफानी मौसम में बदल गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी 26 मार्च से एक और नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इस वजह से भारत के उत्तरी व पश्चिमी हिस्से में एक बार फिर बूंदाबांदी हो सकती है और घने बादल छा सकते हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
बिहार का मौसम: कुहासा और बारिश का यलो अलर्ट
\r\n\r\nपड़ोसी राज्य बिहार में भी पिछले 2 दिनों से ज्यादातर जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हो रही है। कुछ जिलों में तो ओले भी गिरे हैं। इस बेमौसम बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बारिश के बाद रविवार सुबह समस्तीपुर, मधुबनी, जमुई, गोपालगंज और बेतिया जिलों में भारी कुहासा (कोहरा) देखा गया। इस कुहासे के कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई, जिससे सड़कों पर वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर गाड़ी चलानी पड़ी। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 6 जिलों में बारिश का 'यलो अलर्ट' जारी किया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को ज्यादा ठंड का सामना नहीं करना पड़ेगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
अगले 2 दिनों के मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान (23 और 24 मार्च)
\r\n\r\nभारत मौसम विज्ञान विभाग के ताज़ा बुलेटिन के अनुसार, आने वाले दो दिनों तक मौसम में पूरी तरह से स्थिरता आने की कोई उम्मीद नहीं है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
23 मार्च का मौसम पूर्वानुमान:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n पहाड़ी राज्य: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की आशंका बनी हुई है। पर्यटकों को संवेदनशील इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।\r\n \r\n
- \r\n मध्य भारत: महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की संभावना है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
24 मार्च का मौसम पूर्वानुमान:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश में मौसम और अधिक खराब हो सकता है। यहां के कुछ इलाकों में भारी बारिश की स्पष्ट आशंका जताई गई है, जिससे भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ सकता है।\r\n \r\n
- \r\n पश्चिमी और मध्य भारत: महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि, आने वाले 24 घंटों के बाद मैदानी इलाकों में तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी का दौर शुरू होगा, और गर्मी वापस लौटेगी। अगले 24 घंटे में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट और दर्ज की जा सकती है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
मार्च महीने में मौसम का यह विचित्र बर्ताव स्पष्ट रूप से जलवायु परिवर्तन (Climate Change) और मजबूत पश्चिमी विक्षोभों का नतीजा है। जहां एक ओर तापमान 40 डिग्री तक पहुँच गया था, वहीं दूसरी ओर अचानक आई इस बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी ने पूरे देश के मौसम को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार जारी हो रहे IMD Weather Alert से यह साफ है कि हमें अभी कुछ और दिनों तक इस अस्थिर मौसम का सामना करना पड़ेगा। इस बदलते मौसम में सबसे ज्यादा नुकसान हमारे अन्नदाता (किसानों) को हुआ है, जिनकी पकी हुई फसलें खेतों में बर्बाद हो गई हैं। इसके साथ ही आकाशीय बिजली और हिमस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने भी जान-माल का नुकसान किया है। ऐसे में आम जनता के लिए यही सलाह है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें, खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिना जरूरत पहाड़ों की यात्रा करने से बचें।
\r\n\r\n\r\n\r\n
Summary: देशभर में मार्च के महीने में मौसम ने अचानक करवट ली है। जहाँ शुरुआत में भीषण गर्मी थी, वहीं अब पश्चिमी विक्षोभ के कारण आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। IMD ने 12 राज्यों में अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में बारिश से फसलें तबाह हो गई हैं, जबकि हिमाचल और सिक्किम में बर्फबारी और हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है। बिजली गिरने से छत्तीसगढ़ और झारखंड में जनहानि भी हुई है। 26 मार्च से एक और नया वेदर सिस्टम सक्रिय होने वाला है, इसलिए लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
Sabse pehle comment karne wale banein.