राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के प्रमुख शहर गाजियाबाद के निवासियों के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर है। शहर की सूरत और सीरत बदलने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने कमर कस ली है। हाल ही में मेरठ कमिश्नर और जीडीए बोर्ड के अध्यक्ष भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में संपन्न हुई बोर्ड बैठक में कई ऐसे ऐतिहासिक और दूरगामी फैसले लिए गए हैं, जो न सिर्फ गाजियाबाद को एक वर्ल्ड-क्लास सिटी बनाएंगे, बल्कि आम जनता को रोजमर्रा की परेशानियों से भी बड़ी निजात दिलाएंगे।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​इस अहम बैठक में जीटी रोड पर नया एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने, नई अत्याधुनिक टाउनशिप बसाने और इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का रास्ता साफ करने जैसे प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। आइए, इन सभी बड़े प्रोजेक्ट्स और गाजियाबाद के भविष्य पर पड़ने वाले इनके प्रभावों को विस्तार से समझते हैं।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​1. ट्रैफिक को नई रफ्तार: जीटी रोड पर बनेगा 4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर

\r\n\r\n
​गाजियाबाद के पुराने और व्यस्त बाजारों की तरफ जाने वाले वाहन चालकों के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी वहां का ट्रैफिक जाम है। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए बोर्ड ने जीटी रोड पर 2 किलोमीटर लंबा, 4-लेन एलिवेटेड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ​क्या होगा रूट? यह नया एलिवेटेड कॉरिडोर घंटाघर रामलीला मैदान से शुरू होकर चौधरी मोड़ होते हुए भाटिया मोड़ तक जाएगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​किन इलाकों को मिलेगी राहत? इस फ्लाईओवर के बन जाने से घंटाघर बाजार, तोराब नगर मार्केट, रामलीला ग्राउंड, बस अड्डा और मेरठ मोड़ की ओर जाने वाले हजारों दैनिक यात्रियों को घंटों के जाम से मुक्ति मिलेगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​कैसे काम करेगा सिस्टम? इसका डिजाइन इस तरह तैयार किया जा रहा है कि शहर के बीच से गुजरने वाले भारी वाहन (Heavy Vehicles) ऊपर एलिवेटेड कॉरिडोर से निकल जाएंगे, जबकि नीचे की सड़क स्थानीय वाहनों और बाजार आने-जाने वालों के लिए खाली रहेगी। इससे नीचे के ट्रैफिक की रफ्तार भी दोगुनी हो जाएगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​फंडिंग और डिजाइन: इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए 'अर्बन चैलेंज फंड' के तहत बैंक से लोन लेकर फंडिंग जुटाई जाएगी। वहीं, इसकी डिजाइनिंग और तकनीकी पहलुओं की जिम्मेदारी देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT रुड़की (IIT Roorkee) और एक थर्ड पार्टी एजेंसी को सौंपी गई है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n
​
\r\n\r\n

2. हरनंदीपुरम आवासीय योजना: सपनों का आशियाना बनाने का रास्ता साफ

\r\n\r\n
​बढ़ती आबादी और आवास की मांग को देखते हुए GDA ने अपनी बहुचर्चित 'हरनंदीपुरम आवासीय योजना' के पहले चरण के काम को तेज करने का फैसला किया है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ​इस पूरी योजना का कुल क्षेत्रफल 501 हेक्टेयर है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​बैठक में योजना के पहले फेज के तहत 24 हेक्टेयर भूमि का भू-उपयोग (Land Use) कृषि (Agriculture) से बदलकर आवासीय (Residential) करने के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​इस बड़े फैसले के बाद अब इस इलाके में प्लॉटिंग का काम, चौड़ी सड़कें बनाने और विश्वस्तरीय पार्क विकसित करने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। रियल एस्टेट के जानकारों का मानना है कि इस योजना से मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए गाजियाबाद में घर खरीदने के नए और शानदार विकल्प खुलेंगे।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
     
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

3. गाजियाबाद की 'एरोसिटी': 541 हेक्टेयर में बसेगा नया कॉमर्शियल हब

\r\n\r\n
​दिल्ली के एयरोसिटी की तर्ज पर अब गाजियाबाद में भी एक हाई-टेक एयरोसिटी टाउनशिप (Aerocity Township) बसाई जाएगी। यह प्रोजेक्ट शहर के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ​कहाँ बनेगी एरोसिटी? यह अत्याधुनिक टाउनशिप गाजियाबाद के मोरटी, मेवला, अटौर और अगरी गांवों की लगभग 541 हेक्टेयर जमीन पर विकसित की जाएगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​कैसे मिलेगी जमीन? इसके लिए किसानों की सहमति से 'लैंड पूलिंग' (Land Pooling) और 'भूमि अधिग्रहण मॉडल' के तहत जमीन जुटाने को प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​क्या-क्या होंगी सुविधाएं? इस एयरोसिटी में फाइव-स्टार होटल, बड़े शॉपिंग मॉल, वर्ल्ड-क्लास कमर्शियल स्पेस (कार्यालय) और प्रीमियम आवासीय टाउनशिप का निर्माण किया जाएगा। यह इलाका भविष्य में गाजियाबाद का सबसे बड़ा कमर्शियल और एंटरटेनमेंट हब बनकर उभरेगा।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​4. इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और ड्रीम प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा: हिंडन पर बनेगा बांध
\r\n\r\n
​गाजियाबाद में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण का इंतजार कर रहे खेल प्रेमियों के लिए भी अच्छी खबर है। स्टेडियम के निर्माण में आने वाली अड़चनों को दूर कर लिया गया है। चूंकि हरनंदीपुरम, इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और एयरोसिटी जैसे ये सभी ड्रीम प्रोजेक्ट्स हिंडन नदी के किनारे स्थित हैं, इसलिए इनकी सुरक्षा GDA की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि बाढ़ या जलभराव से इन बेशकीमती प्रोजेक्ट्स को बचाने के लिए हिंडन नदी के किनारे एक बेहद मजबूत बांध (Dam) का निर्माण कराया जाएगा। यह बांध सुनिश्चित करेगा कि मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर भी इन नए शहरों को कोई नुकसान न पहुंचे।
\r\n\r\n
​
\r\n\r\n

5. शहर के अन्य हिस्सों में विकास: भू-उपयोग में बड़े बदलाव

\r\n\r\n
​GDA ने शहर के अन्य हिस्सों में भी रियल एस्टेट और औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं:
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ​शाहपुर बम्हैटा टाउनशिप: शाहपुर बम्हैटा इलाके में लगभग 80 एकड़ में बन रही नई टाउनशिप के लेआउट को मंजूरी दे दी गई है। साथ ही, यहां 54 एकड़ से अधिक जमीन का उपयोग कृषि से बदलकर आवासीय (Residential) कर दिया गया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​इंदिरापुरम को नई सौगात: इंदिरापुरम के शक्ति खंड-4 में मौजूद होटल के प्लॉट और शक्ति खंड-2 के कुछ कमर्शियल प्लॉट्स को अब 'ग्रुप हाउसिंग कैटेगरी' (Group Housing) में बदलने का प्रस्ताव भी पास हो गया है। इससे इंदिरापुरम में नई मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग्स बनने का रास्ता खुलेगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​हापुड़ में औद्योगिक विकास: गाजियाबाद से सटे हापुड़ जिले के हसनपुर लोधा में 13.15 हेक्टेयर कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलकर उसे औद्योगिक उपयोग (Industrial Use) में लाने की भी मंजूरी दी गई है, जिससे इलाके में नई फैक्टरियां लगेंगी और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n
​
\r\n\r\n

एक नए और स्मार्ट गाजियाबाद का उदय

\r\n\r\n
​गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की इस बोर्ड मीटिंग में लिए गए फैसले महज कागजी नहीं हैं; ये शहर के भूगोल और अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से बदलने वाले कदम हैं। एलिवेटेड कॉरिडोर जहां आम आदमी के समय और ईंधन की बचत करेगा, वहीं एरोसिटी और नई आवासीय योजनाएं शहर में निवेश (Investment) के नए रास्ते खोलेंगी। यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले कुछ ही सालों में गाजियाबाद NCR का सबसे आधुनिक, स्मार्ट और सुविधाजनक शहर बनकर देश के सामने एक नई मिसाल पेश करेगा।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​(नोट: यह रिपोर्ट गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की बोर्ड मीटिंग में लिए गए आधिकारिक फैसलों पर आधारित है। प्रॉपर्टी में निवेश करने से पहले GDA के मास्टरप्लान का विस्तृत अध्ययन अवश्य करें।)
विज्ञापन
विज्ञापन