डोडा (जम्मू-कश्मीर): जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से गुरुवार को एक हृदयविदारक खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। डोडा जिले के भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण सड़क हादसे में भारतीय सेना के 10 जवान शहीद हो गए हैं। वहीं, कई अन्य जवानों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।READ ALSO:-मेरठ: स्कूटी से आया, घर पर चिपका नोटिस देखा और उड़ गए होश... अलकायदा का 'ब्रेनवॉश एक्सपर्ट' उजैद कुरैशी ऐसे हुआ फरार, इंडियन आर्मी थी निशाने पर
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यह घटना 22 जनवरी, 2026 की दोपहर को हुई जब सेना का एक काफिला अपनी नियमित गश्त पर था। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और रेस्क्यू के लिए हेलीकॉप्टर की मदद लेनी पड़ी।
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 खाई में गिरने से 4 जवानों की मौत हो गई।

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खानी टॉप के पास कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

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सैन्य अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, यह दुर्घटना डोडा जिले के भद्रवाह सब-डिवीजन स्थित खानी टॉप (Khani Top) इलाके के पास हुई।
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    घटनास्थल: भद्रवाह-चंबा रोड, जो अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और तीखे मोड़ों के लिए जाना जाता है।
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    वाहन: दुर्घटनाग्रस्त वाहन सेना का एक 'बुलेट प्रूफ' (Bullet Proof) ट्रक था। खबरों के मुताबिक, इसमें कुल 17 जवान सवार थे।
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    वजह: प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वाहन एक ऊंची पहाड़ी पोस्ट की तरफ जा रहा था। इसी दौरान एक तीखे मोड़ पर ड्राइवर ने गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया। सड़क पर फिसलन और घुमावदार रास्ता होने के कारण वाहन सीधे सड़क से नीचे लुढ़क गया।
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गाड़ी करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। खाई इतनी गहरी थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और जवानों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
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रेस्क्यू ऑपरेशन: घायलों को एयरलिफ्ट कर उधमपुर भेजा गया

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हादसे की सूचना मिलते ही सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला और संयुक्त रूप से एक व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
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    कठिन रेस्क्यू: घटनास्थल पर गहरी खाई और दुर्गम रास्ता होने के बावजूद, बचाव दल ने रस्सियों के सहारे नीचे उतरकर जवानों को बाहर निकाला।
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    शहादत: दुर्भाग्यवश, घटनास्थल पर ही कुछ जवानों के शहीद होने की पुष्टि हो गई थी। बाद में गंभीर चोटों के कारण शहीदों की संख्या बढ़कर 10 हो गई।
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    घायलों का इलाज: हादसे में घायल हुए जवानों को मलबे से निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर रूप से घायल जवानों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें सेना के हेलीकॉप्टर द्वारा एयरलिफ्ट किया गया और उधमपुर स्थित कमांड हॉस्पिटल (Command Hospital, Udhampur) भेजा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।
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उपराज्यपाल ने जताया गहरा शोक

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इस त्रासदी पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट साझा करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
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एलजी मनोज सिन्हा ने कहा, "डोडा में एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क दुर्घटना में हमारे 10 बहादुर भारतीय सेना के जवानों की जान जाने से गहरा दुख हुआ। हम हमेशा अपने बहादुर सैनिकों की उत्कृष्ट सेवा और सर्वोच्च बलिदान को याद रखेंगे। मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।"
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उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और वरिष्ठ अधिकारियों को घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

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डोडा और किश्तवाड़ जैसे पहाड़ी जिलों की सड़कें बेहद खतरनाक मानी जाती हैं। यहां अक्सर तीखे मोड़ और गहरी खाइयां ड्राइवरों के लिए चुनौती पेश करती हैं।
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    कुछ समय पहले ही पुंछ-राजौरी सेक्टर में भी सेना के वाहनों के साथ दुर्घटनाएं हुई थीं।
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    जनवरी की शुरुआत में ही गुलमर्ग सेक्टर में भी एक हादसे में सेना के पोर्टर्स की जान गई थी।
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इन घटनाओं ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सैन्य वाहनों की आवाजाही और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालांकि, सेना के ड्राइवर अत्यधिक प्रशिक्षित होते हैं, लेकिन कई बार मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां ऐसी घटनाओं का कारण बन जाती हैं।
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डोडा में हुआ यह हादसा देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। 10 जांबाज सैनिकों का जाना उनके परिवारों और पूरे राष्ट्र के लिए एक गहरा आघात है। फिलहाल, पूरा देश नम आंखों से अपने वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दे रहा है और अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे घायल जवानों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है। सेना ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (Court of Inquiry) के आदेश दे दिए हैं ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
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22 जनवरी 2026 को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भद्रवाह-चंबा रोड पर सेना का वाहन 200 फीट गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे में 10 जवान शहीद हो गए हैं, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं जिन्हें उधमपुर एयरलिफ्ट किया गया है। एलजी मनोज सिन्हा ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
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