बिजनौर (ब्यूरो रिपोर्ट): उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखना और उन्हें पूरी तरह से पारदर्शी और नकलविहीन (Cheat-free) संपन्न कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। अक्सर परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले सॉल्वर गैंग (Solver Gang) और 'मुन्नाभाइयों' पर नकेल कसने के लिए प्रशासन अब बेहद अलर्ट मोड पर काम कर रहा है।READ ALSO:-कोतवाली शहर में सनसनीखेज मामला: संदिग्ध परिस्थितियों में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस, CO सिटी ने दी जानकारी
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इसी कड़ी में शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को बिजनौर जनपद में आयोजित 'होमगार्ड परीक्षा' (Home Guard Exam) को सुव्यवस्थित, शांतिपूर्ण और पूर्ण रूप से पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिले की तेजतर्रार जिलाधिकारी (District Magistrate - DM) जसजीत कौर ने खुद मोर्चा संभाला। डीएम जसजीत कौर ने भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमले के साथ मुख्यालय स्थित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया और सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nआज 25 अप्रैल, 2026 को उ0प्र0 होमगार्ड परीक्षा को नकल विहीन एवं शान्तिपूर्वक सम्पन्न कराने के दृष्टिगत परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। pic.twitter.com/xnqvg466yG
\r\n— DM / DEO Bijnor UP (@dmbijnor) April 25, 2026
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राजकीय कन्या इंटर कॉलेज और आरजीपी इंटर कॉलेज में सघन चेकिंग
\r\n\r\nपरीक्षाओं के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या धांधली को रोकने के लिए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बिजनौर शहर के प्रमुख परीक्षा केंद्रों का रुख किया। उन्होंने मुख्य रूप से दो बड़े केंद्रों— राजकीय कन्या इंटर कॉलेज (Government Girls Inter College), बिजनौर तथा आरजीपी इंटर कॉलेज (RGP Inter College), बिजनौर का विस्तृत निरीक्षण किया।
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डीएम के अचानक परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने से केंद्र व्यवस्थापकों (Center Superintendents) और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। हालांकि, निरीक्षण के दौरान दोनों ही प्रमुख केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी तरह से चाक-चौबंद और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुव्यवस्थित रूप से संचालित पाई गईं।
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निरीक्षण के मुख्य बिंदु: प्रशासन की पैनी नजर
\r\n\r\nजिलाधिकारी ने केवल बाहर से ही मुआयना नहीं किया, बल्कि परीक्षा प्रणाली की हर एक बारीकी को खुद परखा। उनके निरीक्षण के प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे:
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- \r\n स्टाफ और एग्जामिनर्स की पहचान: अक्सर परीक्षाओं में फर्जी ड्यूटी लगाकर नकल कराने के मामले सामने आते हैं। इसे रोकने के लिए डीएम ने परीक्षा कक्षों (Examination Halls) में ड्यूटी दे रहे सभी एग्जामिनर्स (Invigilators/कक्ष निरीक्षकों) के आधिकारिक पहचान पत्रों (ID Cards) की सघन चेकिंग की। इसके साथ ही केंद्र परिसर में कार्यरत अन्य सभी सहायक कार्मिकों के पहचान पत्र भी चेक किए गए, जो उनके पास मौजूद पाए गए।\r\n \r\n
- \r\n अनाधिकृत प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध: केंद्र के मुख्य द्वार पर ही पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। परीक्षार्थियों की सघन तलाशी (Frisking) के बाद ही उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी जा रही थी। किसी भी बाहरी या अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित था।\r\n \r\n
- \r\n मूल दस्तावेजों से मिलान: परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र (Admit Cards) का उनके मूल पहचान पत्रों (आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि) से बारीकी से मिलान किया गया, ताकि किसी भी 'प्रॉक्सी कैंडिडेट' (दूसरे की जगह परीक्षा देने वाले) को पकड़ा जा सके।\r\n \r\n
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CCTV कंट्रोल रूम बना 'तीसरी आंख': डिजिटल सर्विलांस से निगरानी
\r\n\r\nआज के डिजिटल युग में नकल माफियाओं पर नकेल कसने का सबसे बड़ा हथियार तकनीक है। शासन के सख्त निर्देशों के तहत सभी परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों (CCTV Cameras) से लैस किया गया है।
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निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जसजीत कौर ने परीक्षा केंद्रों में बनाए गए 'सीसीटीवी कंट्रोल रूम' (CCTV Control Room) का विशेष रूप से जायजा लिया। उन्होंने मॉनिटर स्क्रीन पर बैठकर देखा कि क्या हर परीक्षा कक्ष, गैलरी और मुख्य द्वार की स्पष्ट रिकॉर्डिंग हो रही है या नहीं।
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- \r\n कंट्रोल रूम के सभी कैमरे चालू (Operational) अवस्था में पाए गए।\r\n \r\n
- \r\n कैमरों के जरिए हर एक परीक्षार्थी और कक्ष निरीक्षक की गतिविधियों पर सतत निगरानी (Continuous Monitoring) रखी जा रही थी।\r\n \r\n
- \r\n व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया और केंद्र व्यवस्थापकों की सराहना की।\r\n \r\n
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भारी पुलिस बल की तैनाती: परिंदा भी नहीं मार सकता पर
\r\n\r\nशांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जसजीत कौर के साथ जिले के आला पुलिस अधिकारी और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
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परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू की गई थी और 100 मीटर के दायरे में फोटोकॉपी या साइबर कैफे की दुकानों को बंद रखा गया था। इसके अलावा, जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट (Sector Magistrates) भी लगातार भ्रमणशील रहे, ताकि कहीं भी कोई अप्रिय स्थिति या कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो।
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प्रशासन का स्पष्ट संदेश: शुचिता से कोई समझौता नहीं
\r\n\r\nबिजनौर प्रशासन द्वारा की गई इस स्तर की सख्ती परीक्षार्थियों के लिए एक बड़ा और सकारात्मक संदेश है। जो युवा दिन-रात मेहनत करके सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं, उनके अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें एक 'समान अवसर' (Level Playing Field) प्रदान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
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जिलाधिकारी जसजीत कौर की इस सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिजनौर जिले में शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं की शुचिता के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में कोई भी व्यक्ति, गिरोह या केंद्र व्यवस्थापक परीक्षाओं में धांधली या नकल कराने का प्रयास करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) और एनएसए (NSA - राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) जैसी कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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फिलहाल, बिजनौर प्रशासन की इस मुस्तैदी के चलते जिले भर में होमगार्ड भर्ती परीक्षा का यह चरण पूरी तरह से शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और नकलविहीन रूप से संपन्न हो गया है, जिससे प्रशासन और पुलिस महकमे ने बड़ी राहत की सांस ली है।
Sabse pehle comment karne wale banein.