[नई दिल्ली | ऑटो डेस्क/स्पेशल रिपोर्ट]
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दिनांक: 16 फरवरी, 2026 (संदर्भित 14 फरवरी नोटिस)
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दिल्ली की सड़कों पर गाड़ी चलाना अब केवल ट्रैफिक नियमों का पालन करना भर नहीं रह गया है, बल्कि अपनी गाड़ी की 'उम्र' का हिसाब रखना भी जिंदगी और मौत (गाड़ी की मौत) का सवाल बन गया है। अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और आपकी गैरेज या घर के बाहर कोई पुरानी विंटेज या भरोसेमंद पारिवारिक कार खड़ी है, तो यह खबर आपके लिए एक खतरे की घंटी नहीं, बल्कि सायरन है।READ ALSO:-अमरोहा का छेबड़ा बाईपास: शिव मंदिर के पास कांवड़ियों पर पथराव से हड़कंप, जन्मदिन की पार्टी के दौरान विवाद ने लिया हिंसक रूप; सिपाही समेत 6 घायल
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दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग (Delhi Transport Department) ने प्रदूषण (Pollution) के खिलाफ अपनी लड़ाई को एक नए और बेहद आक्रामक चरण में पहुंचा दिया है। 14 फरवरी, जिसे दुनिया प्यार के दिन के रूप में मनाती है, उसी दिन दिल्ली के वाहन मालिकों के लिए एक दिल तोड़ने वाला 'सार्वजनिक नोटिस' जारी किया गया है। इस नोटिस का लब्बोलुआब यह है— "अब कोई चेतावनी नहीं, सीधा एक्शन होगा।"
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इस विस्तृत रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि सरकार का यह नया फरमान क्या है, यह आप पर कैसे असर डालेगा, कानून क्या कहता है और सबसे महत्वपूर्ण— आप अपनी गाड़ी को कबाड़ बनने से कैसे बचा सकते हैं।
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क्या है 14 फरवरी का 'अलर्ट नोटिस'?

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दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा जारी किया गया नोटिस स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देता है कि अब प्रशासन पुरानी गाड़ियों के मालिकों के साथ कोई रियायत बरतने के मूड में नहीं है।
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नियम की मुख्य बातें:

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    कौन सी गाड़ियां निशाने पर?
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      डीजल वाहन: जो 10 साल या उससे अधिक पुराने हैं।
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      पेट्रोल वाहन: जो 15 साल या उससे अधिक पुराने हैं।
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    क्या कार्रवाई होगी? नोटिस के अनुसार, ऐसी गाड़ियों को 'End of Life' (EOL) यानी 'आयु समाप्त' माना जाएगा। यदि ये गाड़ियां दिल्ली की किसी भी सार्वजनिक जगह (Public Place) पर चलती हुई या खड़ी हुई (Parked) भी पाई गईं, तो उन्हें तुरंत जब्त कर लिया जाएगा।
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    सबसे बड़ा बदलाव: पहले पुलिस या प्रशासन चेतावनी देता था या चालान काटता था। लेकिन इस नोटिस में साफ लिखा है— "बिना किसी पूर्व नोटिस के जब्त और स्क्रैप किया जाएगा।" (Seized and Scrapped without any prior notice).
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महत्वपूर्ण: "यह नियम केवल चलती गाड़ियों पर लागू नहीं है। यदि आपकी हाउसिंग सोसाइटी के बाहर सड़क पर आपकी 15 साल पुरानी पेट्रोल कार धूल फांक रही है, तो क्रेन उसे उठाकर ले जाएगी और सीधा स्क्रैप यार्ड में डाल देगी।"
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'एंड ऑफ लाइफ' (EOL) वाहन: तकनीकी पहलू

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आम आदमी के लिए यह समझना जरूरी है कि EOL वाहन आखिर हैं क्या और सरकार इन्हें क्यों हटाना चाहती है।
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BS-III और उत्सर्जन मानक: नोटिस में विशेष रूप से BS-III (भारत स्टेज-3) और उससे कम उत्सर्जन मानक वाली गाड़ियों का जिक्र किया गया है। ये इंजन तकनीक पुरानी हो चुकी हैं और आधुनिक BS-VI इंजनों की तुलना में कई गुना अधिक जहरीला धुआं छोड़ती हैं।
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    नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx): पुरानी डीजल गाड़ियां भारी मात्रा में NOx छोड़ती हैं, जो दिल्ली की हवा को जहरीला बनाने का मुख्य कारण है।
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    पार्टिकुलेट मैटर (PM 2.5): पुराने इंजन से निकलने वाले सूक्ष्म कण फेफड़ों के कैंसर और अस्थमा का कारण बनते हैं।
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सरकार का तर्क है कि दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) अक्सर 'गंभीर' श्रेणी में रहता है, और इन "चलते-फिरते चिमनियों" को हटाना अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि मजबूरी है।
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कार्रवाई की प्रक्रिया: जब्ती से स्क्रैपिंग तक

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यह जानना बेहद डरावना हो सकता है कि आपकी कार के साथ क्या होगा। परिवहन विभाग ने इसके लिए एक 'स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर' (SOP) तैयार किया है।
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    इंफोर्समेंट टीम की तैनाती: परिवहन विभाग ने विशेष टीमों का गठन किया है जो ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर काम करेंगी। ये टीमें रिहायशी इलाकों और मुख्य सड़कों दोनों जगह सक्रिय रहेंगी।
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    पहचान (Identification): वाहन डेटाबेस (Vahan Database) के जरिए गाड़ी की नंबर प्लेट स्कैन की जाएगी। जैसे ही सिस्टम बताएगा कि गाड़ी की उम्र सीमा पार हो चुकी है, टीम उसे घेर लेगी।
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    जब्ती (Seizure): मौके पर ही वाहन को जब्त कर लिया जाएगा। मालिक को चाबी सौंपनी होगी। यदि गाड़ी लॉक है और मालिक नहीं है, तो उसे क्रेन से टो (Tow) कर लिया जाएगा।
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    स्क्रैपिंग (Scrapping): जब्त की गई गाड़ी को सीधे सरकार द्वारा अधिकृत RVSF (Registered Vehicle Scrapping Facility) भेजा जाएगा।
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      वहां गाड़ी के टुकड़े-टुकड़े कर दिए जाएंगे।
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      चेसिस नंबर काटा जाएगा।
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      इंजन को नष्ट किया जाएगा।
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      अंत में, मालिक को एक प्रमाण पत्र मिलेगा कि उनकी गाड़ी अब अस्तित्व में नहीं है।
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चेतावनी: एक बार गाड़ी स्क्रैपिंग फैसिलिटी में चली गई, तो उसे वापस लाने का कोई कानूनी रास्ता लगभग असंभव है।
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बचने का एकमात्र रास्ता: NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट)

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सरकार ने गाड़ी मालिकों को एक 'एग्जिट रूट' (बचने का रास्ता) भी दिया है, लेकिन उसके लिए समय बहुत कम है। नोटिस में स्पष्ट आग्रह किया गया है: "अपनी गाड़ियों को दिल्ली-एनसीआर से बाहर ले जाने के लिए तुरंत NOC प्राप्त करें।"
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NOC प्रक्रिया क्या है?

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अगर आपकी गाड़ी 10 साल (डीजल) या 15 साल (पेट्रोल) पुरानी होने वाली है या हो चुकी है, और आप उसे स्क्रैप नहीं करना चाहते, तो आपको उसे ऐसे राज्य में बेचना या ट्रांसफर करना होगा जहां ये नियम लागू नहीं हैं।
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    कहां ले जा सकते हैं? राजस्थान, बिहार, या उत्तर प्रदेश के वे जिले जो NCR (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में नहीं आते। (नोट: आपको गंतव्य राज्य के आरटीओ (RTO) से पहले पता करना होगा कि वे उस उम्र की गाड़ी का रजिस्ट्रेशन स्वीकार करेंगे या नहीं।)
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    कैसे मिलेगा NOC?
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      परिवहन विभाग की वेबसाइट (Parivahan Sewa) पर जाएं।
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      'Application for NOC' का विकल्प चुनें।
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      आवश्यक विवरण भरें और फीस जमा करें।
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      ध्यान दें: यदि गाड़ी की समय सीमा पूरी तरह समाप्त हो चुकी है (जैसे डीजल की 15 साल से ऊपर), तो शायद NOC भी न मिले। यह मुख्य रूप से उन गाड़ियों के लिए है जो सीमा के करीब हैं (जैसे 9 साल 11 महीने पुरानी डीजल कार)।
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विशेष नोट: NOC लेने का मतलब यह नहीं है कि आप उस गाड़ी को दिल्ली में चला सकते हैं। NOC मिलने के बाद आपको तुरंत वाहन को दिल्ली सीमा से बाहर करना होगा।
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दिल्लीवासियों पर प्रभाव: आर्थिक और भावनात्मक चोट

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सरकार का यह कदम पर्यावरण के लिए जरूरी हो सकता है, लेकिन मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह किसी आर्थिक झटके से कम नहीं है।
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    पुनर्विक्रय मूल्य (Resale Value) शून्य: इस नोटिस के बाद, पुरानी कारों की मार्केट वैल्यू दिल्ली में जीरो हो गई है। कोई भी डीलर ऐसी गाड़ी नहीं खरीदेगा जिसे वह बेच न सके।
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    नई गाड़ी का खर्च: एक मध्यम वर्गीय परिवार जिसने 12 साल पहले 5 लाख की पेट्रोल कार खरीदी थी, वह आज भी अच्छी कंडीशन में हो सकती है। उसे अचानक स्क्रैप करने का मतलब है कि उन्हें नई कार खरीदने के लिए फिर से 8-10 लाख रुपये खर्च करने होंगे।
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    विंटेज और इमोशनल वैल्यू: कई लोगों के पास अपने माता-पिता की निशानियां या पहली कमाई से खरीदी गई गाड़ियां हैं। यह नीति भावनाओं को नहीं, केवल आंकड़ों को देखती है।
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कानूनी इतिहास: यह अचानक नहीं हुआ

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यह समझना जरूरी है कि यह नोटिस रातों-रात नहीं आया है। इसकी जड़ें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के 2015 के आदेश और सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसलों में हैं।
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    2015: NGT ने पहली बार दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से पुरानी डीजल और 15 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया।
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    2018: सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को बरकरार रखा और परिवहन विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
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    2024-25: GRAP (Graded Response Action Plan) के तहत प्रदूषण के स्तर बढ़ने पर पाबंदियां और सख्त होती गईं।
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    2026 (वर्तमान): अब सरकार ने 'वेट एंड वॉच' की नीति खत्म कर 'डायरेक्ट एक्शन' का नोटिस जारी किया है।
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सरकार की आगामी 'सफाई मुहिम'

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परिवहन विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह नोटिस केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं है, बल्कि एक "मेगा ड्राइव" (Mega Drive) की पूर्व-सूचना है।
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    टास्क फोर्स का गठन: विभाग ने विशेष प्रवर्तन दस्तों (Enforcement Squads) का गठन किया है जो केवल EOL वाहनों को टारगेट करेंगे।
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    टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल: ट्रैफिक कैमरों और ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों का डेटा इस्तेमाल किया जाएगा यह पता लगाने के लिए कि पुरानी गाड़ियां कहां मूव कर रही हैं।
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    आरडब्ल्यूए (RWA) का सहयोग: संभावना है कि भविष्य में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स को भी निर्देश दिए जाएं कि वे अपनी सोसायटियों में खड़ी अवैध गाड़ियों की सूची दें।
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क्या हैं आपके विकल्प? (Action Plan for Owners)

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अगर आप इस श्रेणी में आने वाले वाहन के मालिक हैं, तो आपके पास अब केवल तीन विकल्प बचे हैं:
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विकल्प
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विवरण
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सलाह
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विकल्प 1: स्क्रैप करें
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सरकार द्वारा अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर जाएं।
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यह सबसे सुरक्षित और कानूनी तरीका है। आपको स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट मिलेगा जिससे नई गाड़ी खरीदने पर रोड टैक्स में छूट मिल सकती है।
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विकल्प 2: NOC लें और बेचें
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गाड़ी को एनओसी लेकर दूसरे राज्य में बेच दें।
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यह तब ही संभव है जब गाड़ी की आरसी अभी भी वैध हो और गंतव्य राज्य उसे स्वीकार करे। इसमें समय लगता है।
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विकल्प 3: इलेक्ट्रिक में कन्वर्ट करें
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सरकार ने कुछ पुरानी गाड़ियों को 'रेट्रोफिटिंग' (Retrofitting) की अनुमति दी थी।
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यह प्रक्रिया महंगी है और केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किट और एजेंसियों से ही करानी होगी। इसकी व्यावहारिकता (Feasibility) कम है।
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अब लापरवाही की गुंजाइश नहीं

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दिल्ली सरकार का 14 फरवरी का नोटिस एक स्पष्ट संदेश है: "दिल्ली की हवा को साफ करने के लिए आपकी पुरानी गाड़ी की बलि दी जाएगी।" यह कड़वा है, लेकिन सत्य है।
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अगर आपकी गाड़ी 10 साल (डीजल) या 15 साल (पेट्रोल) की समय सीमा पार कर चुकी है, तो उसे सड़क पर निकालने का जोखिम न उठाएं। 500 रुपये बचाने के चक्कर में आप अपनी पूरी गाड़ी और उस पर मिलने वाली स्क्रैप वैल्यू भी खो सकते हैं। समझदारी इसी में है कि या तो वैधानिक तरीके से उसे स्क्रैप कराएं और सर्टिफिकेट लें, या तुरंत एनओसी लेकर उसे राज्य से बाहर भेजें।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और परिवहन विभाग आने वाले दिनों में और भी सख्त कदम उठा सकते हैं। इसलिए, "सावधानी हटी, तो गाड़ी (हमेशा के लिए) घटी।"
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FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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Q1: मेरी पेट्रोल गाड़ी 14 साल 11 महीने पुरानी है। क्या मुझे डरने की जरूरत है? A: तकनीकी रूप से अभी आपकी गाड़ी सेफ है, लेकिन आपके पास सिर्फ 1 महीना बचा है। 15 साल पूरे होते ही वह अवैध हो जाएगी। बेहतर है अभी से एनओसी की प्रक्रिया शुरू करें।
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Q2: अगर पुलिस मेरी गाड़ी जब्त कर ले, तो क्या जुर्माना देकर वापस मिल सकती है? A: नए नोटिस के अनुसार, EOL वाहनों को सीधे स्क्रैप करने का प्रावधान है। हालांकि, कुछ विशेष मामलों में भारी जुर्माना (10,000 से 20,000 रुपये तक) और एक लिखित अंडरटेकिंग (शपथ पत्र) देने पर कि आप गाड़ी को निजी स्थान पर पार्क करेंगे और नहीं चलाएंगे, गाड़ी छोड़ी जा सकती है। लेकिन यह रिस्की है और कोर्ट के विवेक पर निर्भर करता है।
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Q3: क्या मैं अपनी पुरानी गाड़ी को इलेक्ट्रिक में बदलवा सकता हूं? A: हां, दिल्ली सरकार ने पुरानी पेट्रोल/डीजल गाड़ियों को इलेक्ट्रिक में कन्वर्ट (Retrofitting) करने की अनुमति दी है, लेकिन यह केवल सरकार द्वारा अप्रूव्ड एजेंसियों से ही होना चाहिए। इसका खर्च काफी ज्यादा (3 से 5 लाख रुपये) हो सकता है।
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Q4: स्क्रैप करने पर क्या फायदा मिलेगा? A: जब आप अधिकृत सेंटर (RVSF) पर गाड़ी स्क्रैप कराते हैं, तो आपको एक 'डिपॉजिट सर्टिफिकेट' मिलता है। इसे नई गाड़ी खरीदते समय दिखाने पर शोरूम से डिस्काउंट और रोड टैक्स में छूट का लाभ मिल सकता है।
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(यह रिपोर्ट दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग द्वारा 14 फरवरी को जारी सार्वजनिक नोटिस और मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों पर आधारित है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम जानकारी के लिए परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।)
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