बिजनेस डेस्क: वैश्विक भू-राजनीतिक (Geopolitical) मंच से आ रही बड़ी खबरों का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर साफ दिखने लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा सैन्य तनाव अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच हुआ सीजफायर (युद्धविराम) आधिकारिक तौर पर खत्म होने के बाद खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर बमबारी और मिसाइल हमलों का दौर शुरू हो चुका है।
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​इस ताजा सैन्य टकराव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में अचानक भीषण आग लग गई है। महज एक ही दिन के भीतर कच्चे तेल के दामों में 7 प्रतिशत से अधिक की भारी उछाल दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार में आए इस भूचाल के बावजूद, भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर फिलहाल आंच नहीं आई है।
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​डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला: क्यों भड़की कच्चे तेल की कीमतें?

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​मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने का सीधा संबंध होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हुई एक बड़ी घटना से है। इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिकी प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
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    ​शांति समझौता रद्द: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज संकट के बाद ईरान के साथ चल रहे शांति समझौते को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की घोषणा कर दी है।
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    ​बातचीत के रास्ते बंद: राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका अब इस मुद्दे पर ईरान के साथ किसी भी स्तर की बातचीत नहीं करेगा।
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    ​सप्लाई चेन प्रभावित होने का डर: चूंकि दुनिया का एक बड़ा तेल व्यापार होर्मुज के रास्ते ही होता है, इसलिए यहां सीजफायर खत्म होने और मिसाइल हमलों के शुरू होने से कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति ठप होने का डर पैदा हो गया है, जिसने कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है।
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भारत में कीमतों पर क्या पड़ा असर? (9 जुलाई 2026 की स्थिति)

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​अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के $76 प्रति बैरल के पार निकल जाने के बाद भी भारतीय सरकारी तेल विपणन कंपनियों (जैसे IOCL, BPCL, HPCL) ने घरेलू बाजार में राहत बरकरार रखी है। गुरुवार, 9 जुलाई 2026 के लिए जारी की गई नई दर सूची में पेट्रोल और डीजल के पुराने दामों को ही लागू रखा गया है।
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​देश में 25 मई 2026 के बाद से ईंधन की खुदरा कीमतों में कोई भी फेरबदल नहीं किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले मई के महीने में कच्चे तेल के दबाव के चलते महज 11 दिनों के भीतर चार बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए थे, लेकिन पिछले करीब डेढ़ महीने से कीमतें पूरी तरह स्थिर बनी हुई हैं।
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​देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के आज के भाव

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​भारतीय तेल कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आज देश के महानगरों और प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें इस प्रकार हैं:
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शहर (City)
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पेट्रोल का भाव (₹/लीटर)
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डीजल का भाव (₹/लीटर)
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दिल्ली (Delhi)
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102.12
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95.20
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नोएडा (Noida)
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102.12
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97.56
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लखनऊ (Lucknow)
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101.89
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95.36
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चंडीगढ़ (Chandigarh)
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101.51
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89.47
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रांची (Ranchi)
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105.26
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100.49
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चेन्नई (Chennai)
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107.77
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99.55
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मुंबई (Mumbai)
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111.21
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97.83
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पटना (Patna)
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113.37
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99.36
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कोलकाता (Kolkata)
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113.51
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99.82
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भोपाल (Bhopal)
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114.57
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99.64
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आगे क्या होगा? भारतीय बाजारों के लिए चुनौती

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​हालांकि भारतीय तेल कंपनियों ने आज कीमतों को स्थिर रखकर आम जनता को बड़ी राहत दी है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह राहत लंबी अवधि तक तभी टिक पाएगी जब अमेरिका-ईरान के बीच का यह सैन्य गतिरोध जल्द थमेगा। भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल लगातार महंगा बना रहता है, तो आने वाले दिनों में तेल कंपनियों पर घाटा कम करने के लिए घरेलू कीमतों में बढ़ोतरी करने का दबाव बेहद बढ़ सकता है। फिलहाल, तेल बाजार की नजरें पूरी तरह से खाड़ी देशों के अगले घटनाक्रमों पर टिकी हुई हैं।
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