बिजनौर, उत्तर प्रदेश: बिजनौर कोतवाली शहर क्षेत्र में दो स्कूली छात्राओं के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। 15 नवंबर से लापता छात्राओं की तलाश में पुलिस जुटी हुई है, लेकिन इस बीच लापता लड़कियों में से एक की मां की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। परिजनों ने जहां पुलिस पर लगातार पूछताछ और उत्पीड़न करने का गंभीर आरोप लगाया है, वहीं पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से निराधार बताया है।READ ALSO:-लखनऊ में खौफनाक वारदात: घर में घुसकर पूछा- 'मुझसे शादी करोगी?', इनकार करते ही चाकू से रेत दिया गला; सीढ़ियों पर 10 मिनट तड़पती रही प्रियांशी
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यह मामला बिजनौर के एक कॉलेज में पढ़ने वाली कक्षा 9 और इंटर की दो छात्राओं से जुड़ा है, जो बीते 15 नवंबर को रहस्यमय तरीके से लापता हो गईं। तभी से पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी हुई हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है।
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मां की बिगड़ी तबीयत, पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप
\r\n\r\nलापता छात्राओं में से एक की मां की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी के लापता होने के गहरे सदमे और पुलिस की लगातार पूछताछ व उत्पीड़न के कारण उनकी हालत खराब हुई है।
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परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस लड़की को ढूंढने के बजाय उनका उत्पीड़न कर रही है, उनके रिश्तेदारों और भाई को हिरासत में रखा गया, और कुछ अभी भी पुलिस हिरासत में हैं। इस घटना ने बिजनौर छात्राएं लापता मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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दबाव बनाने के लिए हुआ था धरना-प्रदर्शन
\r\n\r\nइससे पहले, लापता लड़कियों में से एक के परिजनों ने पुलिस पर बरामदगी का दबाव बनाने के लिए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के पदाधिकारियों और अन्य सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर थाने में कई दिनों तक धरना दिया था। पुलिस अधिकारियों के साथ नोकझोंक के बाद किसी तरह यह धरना समाप्त कराया जा सका था।
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वहीं, दूसरी लड़की के परिजन आर्थिक रूप से कमजोर बताए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कमजोरी के कारण वे पुलिस पर दबाव नहीं बना पाए, और पुलिस ने उनकी इस खामोशी को गलत समझकर उनका उत्पीड़न किया।
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पुलिस का बयान: आरोपों को बताया निराधार
\r\n\r\nपरिजनों द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के गंभीर आरोपों को पुलिस अधिकारियों ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। शहर कोतवाल धर्मेंद्र सोलंकी ने कहा कि परिजनों का किसी तरह का उत्पीड़न नहीं किया जा रहा है, बल्कि जांच को आगे बढ़ाने और छात्राओं को जल्द से जल्द बरामद करने के लिए उनसे सहयोग लिया जा रहा है।
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उन्होंने जोर देकर कहा, "छात्राओं की तलाश लगातार जारी है और पुलिस की कई टीमें इस कार्य में जुटी हुई हैं। सभी आरोप निराधार हैं।" पुलिस का कहना है कि वे सभी संभावित कोणों से जांच कर रही हैं, जिसमें लड़कियों की दोस्ती, उनके फोन रिकॉर्ड्स और संभावित स्थानों की जानकारी शामिल है।
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बिजनौर छात्राएं लापता होने के मामले में एक तरफ जहां पुलिस अपनी जांच की गति बढ़ाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर परिजनों के उत्पीड़न के आरोपों ने पुलिस और आम जनता के बीच तनाव बढ़ा दिया है। इस संवेदनशील मामले में पुलिस के लिए यह आवश्यक है कि वह न केवल छात्राओं को जल्द बरामद करे, बल्कि पारदर्शी तरीके से जांच कर परिजनों का विश्वास भी जीते।
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बिजनौर में 15 नवंबर से लापता दो छात्राओं के रहस्यमय मामले में एक छात्रा की मां की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों ने पुलिस पर उनकी लड़की को ढूंढने के बजाय उत्पीड़न करने और रिश्तेदारों को हिरासत में रखने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, शहर कोतवाल ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि बिजनौर छात्राएं लापता की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार जुटी हुई हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.