उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले के शेरकोट थाना क्षेत्र स्थित खो बैराज (Kho Barrage) में कूदने वाले धामपुर निवासी 24 वर्षीय युवक योगेश सैनी का चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं लग सका है। बीते शनिवार (21 फरवरी 2026) को योगेश ने बैराज से उफनती नदी में छलांग लगा दी थी। रेस्क्यू टीम और गोताखोर (Divers) लगातार नदी में उसकी तलाश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनके हाथ खाली हैं।READ ALSO:-Meerut News: स्कूल की दहलीज पार करते ही 7वीं की दो चचेरी बहनों ने खाया जहर, अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग; पुलिस की जांच शुरू
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस घटना को लेकर परिजनों का सब्र अब जवाब दे चुका है। मंगलवार को गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने धामपुर उपजिलाधिकारी (SDM) कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। उनकी मुख्य मांग है कि बैराज से पानी का बहाव तुरंत रोका जाए ताकि योगेश की तलाश सही ढंग से की जा सके। इस Bijnor Kho Barrage News ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। मौके की नजाकत को देखते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) और कोतवाल परिजनों को समझाने के प्रयास में जुटे हैं। (Internal link to related article)
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
आइए, इस पूरे मामले के घटनाक्रम, पुलिस प्रशासन के रेस्क्यू ऑपरेशन और परिजनों की मांगों को विस्तार से समझते हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

1. कैसे हुई घटना की शुरुआत? (The Incident at Kho Barrage)

\r\n\r\n
यह पूरा मामला बिजनौर जिले के धामपुर (Dhampur) और शेरकोट (Sherkot) से जुड़ा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, धामपुर क्षेत्र का रहने वाला 24 वर्षीय युवक योगेश सैनी देहरादून (Dehradun) में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
शनिवार को लगाई छलांग: बताया जा रहा है कि योगेश पिछले कुछ समय से पारिवारिक तनाव (Family Stress) और मानसिक परेशानी से गुजर रहा था। शनिवार, 21 फरवरी 2026 को वह किसी तरह शेरकोट स्थित खो बैराज पहुंचा। चश्मदीदों के मुताबिक, इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, योगेश ने अचानक बैराज के ऊपर से गहरी और उफनती नदी में छलांग लगा दी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन नदी के तेज बहाव के कारण योगेश का कुछ पता नहीं चल सका। घटना के दिन से ही उसका परिवार गहरे सदमे में है और बैराज के किनारे टकटकी लगाए बैठा है। (External link: source URL)
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

2. चौथे दिन भी खाली हाथ है रेस्क्यू टीम (Search Operation Continues)

\r\n\r\n
शनिवार से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) आज मंगलवार (चौथे दिन) भी जारी है। प्रशासन ने योगेश की तलाश के लिए गोताखोरों की विशेष टीम (Divers Team) और पीएसी (PAC) की फ्लड यूनिट को भी लगाया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    पानी का तेज बहाव बना बाधा: खो नदी (Kho Nadi) में पानी का बहाव इस समय काफी तेज है, जिसके कारण गोताखोरों को नदी की गहराई तक जाने और तलाशी अभियान चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    जाल डालकर तलाश: बैराज के गेटों के आसपास और नदी के बहाव की दिशा में कई किलोमीटर तक जाल (Nets) डालकर भी युवक को ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अंधेरा और ठंड: रात के समय दृश्यता (Visibility) शून्य हो जाने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को रोकना पड़ता है, जिससे समय और भी अधिक लग रहा है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

3. परिजनों का फूटा गुस्सा, एसडीएम कार्यालय पर किया प्रदर्शन (Family Protests)

\r\n\r\n
अपने जवान बेटे की कोई खबर न मिलने से योगेश का परिवार बुरी तरह टूट चुका है। जब चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस और गोताखोरों की टीम योगेश को ढूंढने में नाकाम रही, तो मंगलवार सुबह परिजनों और उनके समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    एसडीएम कार्यालय पर हंगामा: भारी संख्या में परिजन और ग्रामीण धामपुर एसडीएम (SDM Dhampur) कार्यालय पहुंचे और वहां जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन (Protest) किया।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    पानी का बहाव रोकने की मांग: प्रदर्शनकारियों की सबसे बड़ी और प्रमुख मांग यह है कि जब तक योगेश मिल नहीं जाता, तब तक पीछे से खो बैराज में पानी छोड़ना पूरी तरह से रोक दिया जाए। उनका मानना है कि पानी का जलस्तर कम होने से योगेश के शरीर को ढूंढना आसान हो जाएगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    प्रशासन पर लापरवाही का आरोप: परिजनों का आरोप है कि प्रशासन रेस्क्यू ऑपरेशन में पूरी ताकत नहीं लगा रहा है। यदि शुरुआत में ही पानी रोक दिया जाता, तो शायद युवक का जल्द पता चल जाता। 
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

4. मौके पर पहुंचे सीओ और कोतवाल: समझाने के प्रयास जारी (Police Intervention)

\r\n\r\n
एसडीएम कार्यालय पर परिजनों के उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए स्थानीय थाने के कोतवाल और पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) तुरंत मौके पर पहुंच गए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    शांति बनाए रखने की अपील: पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को शांत कराने की कोशिश की। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि प्रशासन युवक की तलाश में कोई कोताही नहीं बरत रहा है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सिंचाई विभाग से बातचीत: पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया है कि वे सिंचाई विभाग (Irrigation Department) के अधिकारियों से बात कर रहे हैं ताकि तकनीकी रूप से जितना संभव हो सके, बैराज से पानी का फ्लो कम कराया जा सके।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    तकनीकी चुनौती: हालांकि, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि बैराज का पानी पूरी तरह से रोक देना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि इसका असर अन्य क्षेत्रों की सिंचाई और जल व्यवस्था पर पड़ता है। फिर भी बीच का रास्ता निकालने की पूरी कोशिश की जा रही है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

5. मानसिक स्वास्थ्य और युवाओं में बढ़ता तनाव (Mental Health Crisis)

\r\n\r\n
इस Bijnor Kho Barrage News ने एक बार फिर युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव (Mental Stress) और अवसाद की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। 24 वर्षीय योगेश, जो देहरादून में नौकरी कर रहा था, अपने करियर की शुरुआत में ही जिंदगी से हार मान बैठा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    पारिवारिक विवाद या दबाव: शुरुआती जांच में पारिवारिक तनाव की बात सामने आ रही है। आज के दौर में युवाओं पर करियर, नौकरी और पारिवारिक उम्मीदों का भारी दबाव होता है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    संवाद की कमी: कई बार युवा अपनी परेशानियां परिवार या दोस्तों से साझा नहीं कर पाते और अवसाद में घिरकर ऐसा खौफनाक कदम उठा लेते हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    काउंसलिंग की जरूरत: ऐसे मामलों में यह बेहद जरूरी है कि परिवार के लोग युवाओं के व्यवहार में आ रहे बदलावों को समझें और समय रहते उन्हें मनोवैज्ञानिक मदद (Counseling) उपलब्ध कराएं। (External link: source URL)
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

6. खो बैराज की सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल (Security Questions)

\r\n\r\n
यह पहला मौका नहीं है जब शेरकोट के खो बैराज (Kho Barrage, Sherkot) पर इस तरह की घटना सामने आई है। बैराज पर अक्सर लोग घूमने और सेल्फी लेने आते हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    बैरिकेडिंग का अभाव: बैराज के कई हिस्सों में मजबूत जाली या बैरिकेडिंग नहीं है, जिसके कारण कोई भी व्यक्ति आसानी से पानी के करीब पहुंच सकता है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती: स्थानीय लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि बैराज पर पुलिस पिकेट या निजी सुरक्षा गार्ड्स की 24 घंटे तैनाती होनी चाहिए ताकि आत्महत्या के प्रयास जैसी घटनाओं को समय रहते रोका जा सके। प्रशासन को इस घटना से सबक लेते हुए यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने चाहिए।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
धामपुर के युवक योगेश सैनी का शेरकोट के खो बैराज में कूदना एक बेहद दुखद और संवेदनशील मामला है। चार दिन बीत जाने के बाद भी Bijnor Kho Barrage News में युवक की बरामदगी न होना परिजनों के लिए असहनीय पीड़ा का कारण बना हुआ है। परिजनों का एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करना उनके दर्द और हताशा को दर्शाता है। पुलिस और प्रशासन को चाहिए कि वे परिजनों की मांग (पानी का बहाव रोकने) पर सिंचाई विभाग के साथ मिलकर तुरंत कोई तकनीकी समाधान निकालें और रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज करें। इसके साथ ही, बैराज जैसे खतरनाक स्थानों पर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए। हम उम्मीद करते हैं कि प्रशासन के प्रयासों से योगेश का जल्द से जल्द सुराग मिल सकेगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बिजनौर के शेरकोट स्थित खो बैराज में बीते शनिवार (21 फरवरी) को धामपुर निवासी 24 वर्षीय योगेश सैनी ने पारिवारिक तनाव के चलते छलांग लगा दी थी। घटना के 4 दिन बाद भी गोताखोरों की टीम योगेश को नहीं ढूंढ पाई है। युवक की तलाश पूरी न होने से गुस्साए परिजनों ने मंगलवार को धामपुर एसडीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि बैराज का पानी रोका जाए ताकि युवक को आसानी से ढूंढा जा सके। सीओ और कोतवाल मौके पर पहुंचकर आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर रेस्क्यू अभियान तेज करने और सिंचाई विभाग से बात कर जलस्तर कम कराने का आश्वासन दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें