\r\n\r\n
बिजनौर (क्राइम रिपोर्टर): डिजिटल होती दुनिया में जितनी तेजी से सुविधाएं बढ़ी हैं, उतनी ही तेजी से 'साइबर ठगों' (Cyber Criminals) ने भी अपने पैर पसार लिए हैं। कभी लॉटरी का लालच, तो कभी बिजली बिल कटने का डर दिखाकर ये अपराधी आम जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं। लेकिन अब बिजनौर में इन ठगों की खैर नहीं!READ ALSO:-Bijnor Horror: स्योहारा में मुरादाबाद रोड पर खड़े ट्रक का केबिन बना 'ताबूत', अंदर मिली चालक की संदिग्ध लाश; इलाके में सनसनी, प्रशासन में हड़कंप
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
जनपद बिजनौर पुलिस (Bijnor Police) ने साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को 'सुरक्षित डिजिटल व्यवहार' (Safe Digital Behavior) के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष और निरंतर अभियान छेड़ दिया है। खास बात यह है कि पुलिस अब डंडे के साथ-साथ 'दिमाग' और 'नवीनतम तकनीक' (Latest Technology) का भी इस्तेमाल कर रही है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

1. पुलिस बनी 'हाईटेक': AI का लिया जा रहा सहारा

\r\n\r\n
परंपरागत तरीकों से हटकर, बिजनौर पुलिस ने जागरूकता फैलाने के लिए आधुनिक तकनीक को अपना हथियार बनाया है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    AI वीडियो: पुलिस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित जागरूकता वीडियो और डिजिटल कंटेंट तैयार करवा रही है। इन वीडियो में ग्राफिक्स और एनिमेशन के जरिए समझाया जा रहा है कि ठग कैसे आपको फंसाते हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सोशल मीडिया वार: पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध सोशल मीडिया के जरिए हो रहे हैं, तो इसका जवाब भी सोशल मीडिया पर ही दिया जाएगा। वॉट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए ये वीडियो घर-घर पहुंचाए जा रहे हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

2. स्कूल से लेकर चौपाल तक: हर जगह पुलिस की दस्तक

\r\n\r\n
यह अभियान केवल थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस की टीमें अब फील्ड में उतर चुकी हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    शैक्षणिक संस्थान: जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में विशेष कार्यशालाएं (Workshops) आयोजित की जा रही हैं। यहाँ छात्रों को 'फ्यूचर साइबर वॉरियर्स' के रूप में तैयार किया जा रहा है ताकि वे अपने परिवार को भी सुरक्षित रख सकें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ग्रामीण और शहरी क्षेत्र: पुलिस की टीमें गांवों की चौपालों और शहरी कॉलोनियों में गोष्ठियों (Seminars) का आयोजन कर रही हैं। यहाँ बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को आसान भाषा में साइबर सुरक्षा के पाठ पढ़ाए जा रहे हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

3. इन 5 तरह के फ्रॉड से रहें सावधान

\r\n\r\n
बिजनौर पुलिस अपने अभियान में मुख्य रूप से उन तरीकों के बारे में बता रही है, जिनका इस्तेमाल ठग सबसे ज्यादा करते हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    फेक कॉल (Fake Calls): बैंक अधिकारी, पुलिस या बिजली विभाग का कर्मचारी बनकर कॉल करना और डराकर पैसे मांगना।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    OTP/लिंक फ्रॉड: "आपका केवाईसी अपडेट करना है" या "लॉटरी लगी है"—ऐसे बहाने बनाकर मोबाइल पर आए OTP को मांगना या किसी अनजान लिंक पर क्लिक करवाना।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    सोशल मीडिया अपराध: फेसबुक/इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर दोस्ती करना और फिर ब्लैकमेल करना।
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    OLX/QR कोड फ्रॉड: सामान खरीदने या बेचने के नाम पर QR कोड स्कैन करवाकर खाते से पैसे उड़ा लेना।
    \r\n
  8. \r\n
  9. \r\n
    इन्वेस्टमेंट फ्रॉड: कम समय में पैसे दोगुना करने का लालच देकर ठगी करना।
    \r\n
  10. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

4. हेल्पलाइन 1930: आपका डिजिटल सुरक्षा कवच

\r\n\r\n
इस अभियान का सबसे अहम हिस्सा है 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती कुछ घंटे) की जानकारी देना। बिजनौर पुलिस ने साफ किया है कि अगर किसी के साथ साइबर ठगी हो जाती है, तो उसे घबराने के बजाय तुरंत एक्शन लेना चाहिए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    तुरंत कॉल करें: घटना होते ही तत्काल नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। जितनी जल्दी आप सूचना देंगे, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    नजदीकी थाना: इसके अलावा पीड़ित अपने नजदीकी पुलिस थाने में जाकर भी रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

बिजनौर पुलिस की अपील: 'सतर्क रहें, सुरक्षित रहें'

\r\n\r\n
जनपद पुलिस ने नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी करते हुए प्रतिबद्धता जताई है कि वे आमजन की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध हैं। पुलिस का मूलमंत्र है: "किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज पर प्रतिक्रिया न दें।" याद रखें, आपकी थोड़ी सी सावधानी आपकी जमा पूंजी को सुरक्षित रख सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें