\r\n\r\n
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक बार फिर पहचान छिपाकर दूसरे समुदाय की युवती को प्रेम जाल में फंसाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया के दौर में पनप रहे इस तरह के डिजिटल फरेब ने शहर में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। शहर कोतवाली क्षेत्र में एक मुस्लिम युवक द्वारा अपनी असली पहचान और धर्म छिपाकर, एक हिंदू नाम 'समीर' का इस्तेमाल करते हुए हिंदू युवती से बातचीत और संबंध बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा था।READ ALSO:-Bijnor Crime Files: वो 'सड़क हादसा' जो निकला सोची-समझी साजिश! 20 लाख की 'सुपारी', स्विफ्ट कार और एक 'मफलर'; पुलिस ने 48 घंटे में बेनकाब किया समीर का कातिल
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब युवती को युवक की असलियत का पता चला और उसने विरोध किया। इसके बाद युवक ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। पीड़िता की गुहार पर हिंदू संगठनों (बजरंग दल) के कार्यकर्ताओं ने हस्तक्षेप किया और एक सुनियोजित योजना के तहत आरोपी को धर दबोचा। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

क्या है पूरा मामला? इंस्टाग्राम पर बिछाया जाल

\r\n\r\n
यह पूरा प्रकरण बिजनौर शहर कोतवाली क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, सिरधनी निवासी हैदर का पुत्र वसीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बेहद सक्रिय था। आरोप है कि वसीम ने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए एक शातिर चाल चली। उसने 'समीर' नाम का उपयोग करते हुए इंस्टाग्राम पर एक नहीं, बल्कि कई फर्जी आईडी बना रखी थीं।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
इन फर्जी आईडी के जरिए उसने शहर की एक हिंदू युवती से संपर्क साधा। खुद को हिंदू 'समीर' बताकर उसने युवती से बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे उसे अपने विश्वास में ले लिया। युवती भी उसे समीर समझकर उससे बात करती रही। डिजिटल दुनिया की आड़ में चल रहा यह धोखा कुछ समय तक चलता रहा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

विरोध करने पर दी चैट वायरल करने की धमकी

\r\n\r\n
सूत्रों के मुताबिक, कुछ समय बाद युवती को युवक की गतिविधियों पर संदेह हुआ और किसी तरह उसे उसकी असलियत का पता चल गया कि वह समीर नहीं, बल्कि वसीम है और दूसरे समुदाय से ताल्लुक रखता है। असलियत सामने आने पर जब युवती ने उससे बातचीत बंद करने और दूरी बनाने की कोशिश की, तो आरोपी वसीम अपनी असली रंगत पर आ गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
आरोप है कि वसीम ने युवती को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। उसने युवती को धमकी दी कि अगर उसने बात करना बंद किया या किसी को कुछ बताया, तो वह उनकी निजी चैट और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। इस ब्लैकमेलिंग से युवती बुरी तरह घबरा गई और मानसिक तनाव में आ गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

रामलीला मैदान के पास हाईवोल्टेज ड्रामा: ऐसे जाल में फंसा आरोपी

\r\n\r\n
आरोपी की धमकियों से परेशान होकर युवती ने हिम्मत जुटाई और अपनी परेशानी कुछ हिंदू संगठनों के सदस्यों से साझा की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिसे अक्सर 'लव जिहाद' के पैटर्न से जोड़कर देखा जाता है, संगठन के कार्यकर्ता तुरंत सक्रिय हो गए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
कार्यकर्ताओं ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक योजना बनाई। योजना के तहत, गुरुवार सुबह आरोपी युवक को शहर के रामलीला मैदान के पास बुलाया गया। जैसे ही वसीम वहां पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे संगठन के लोगों और कुछ स्थानीय लोगों ने उसे घेर लिया और पकड़ लिया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मौके पर काफी हंगामा हुआ। (प्रारंभिक सूचनाओं में पिटाई का जिक्र था, हालांकि मुख्य स्रोत में 'पकड़ लिया' शब्द का प्रयोग किया गया है)। इसके बाद, कार्यकर्ताओं ने आरोपी युवक को शहर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस का बयान और कार्रवाई: आरोपी भेजा गया जेल

\r\n\r\n
मामले के तूल पकड़ते ही बिजनौर पुलिस हरकत में आ गई। एसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र में एक प्रकरण सामने आया है जिसमें एक युवक द्वारा अपना नाम बदलकर और पहचान छिपाकर सोशल मीडिया के माध्यम से एक युवती से बातचीत की जा रही थी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
एसपी सिटी ने बताया कि इस संबंध में पीड़िता पक्ष की ओर से मिली शिकायत (तहरीर) के आधार पर पुलिस ने तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी वसीम को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए युवक की पहचान सिरधनी निवासी वसीम पुत्र हैदर के रूप में हुई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह ने जानकारी दी कि गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या आरोपी ने अन्य युवतियों के साथ भी इस तरह का फरेब किया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस की सख्त हिदायत: कानून हाथ में न लें

\r\n\r\n
इस घटना के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा आरोपी को पकड़े जाने के बाद उत्पन्न स्थिति को देखते हुए पुलिस ने एक सख्त संदेश भी दिया है। एसपी सिटी ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पुलिस का कहना है कि यदि किसी के पास किसी अपराध की जानकारी है, तो उसे तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए। पुलिस कानून के अनुसार निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करेगी। इस तरह की घटनाओं में भीड़ द्वारा न्याय करने की कोशिश से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा रहता है, जिससे पुलिस सख्ती से निपटने के मूड में है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सोशल मीडिया पर पहचान छिपाना बना बड़ा खतरा

\r\n\r\n
बिजनौर की यह घटना एक बार फिर डिजिटल युग में युवतियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर पहचान छिपाना बेहद आसान हो गया है। अपराधी तत्व इसका फायदा उठाकर भोली-भाली युवतियों को अपने जाल में फंसाते हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
यह मामला तथाकथित 'लव जिहाद' के उन मामलों की याद दिलाता है, जहां धर्म और नाम छिपाकर संबंध बनाए जाते हैं और बाद में युवतियों का शोषण किया जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसे मामलों को लेकर पहले से ही सख्त कानून मौजूद हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी की बातों पर आंख मूंदकर भरोसा करने से पहले उसकी असलियत परखना जरूरी है। अभिभावकों को भी अपने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए ताकि वे वसीम जैसे शातिर अपराधियों का शिकार न बनें।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
फिलहाल, वसीम सलाखों के पीछे है और पुलिस उसके मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट्स की खंगाल रही है, ताकि उसके इस फरेब की पूरी गहराई का पता लगाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें