"दोस्ती"... यह शब्द विश्वास का दूसरा नाम होता है। लेकिन जब यही विश्वास धोखा दे जाए और दोस्त ही जान का दुश्मन बन जाए, तो इंसानियत से भरोसा उठ जाता है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने रिश्तों की परिभाषा को तार-तार कर दिया है।READ ALSO:-यूपी में ठंड का 'टॉर्चर': इटावा मनाली से भी ठंडा, 40 जिलों में घना कोहरा; हार्ट पेशेंट्स पर आफत, जानें कब खुलेंगे आपके बच्चों के स्कूल?
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
हल्दौर थाना क्षेत्र की झालू चौकी के अंतर्गत आने वाले गांव खारी में मंगलवार की सुबह सूरज की किरणें एक परिवार के लिए अंधेरा लेकर आईं। यहां एक 38 वर्षीय युवक का खून से लथपथ शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान इस्लामुद्दीन के रूप में हुई है, जो पेशे से एक वेल्डर था और अपने परिवार का एकमात्र सहारा था।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस के लिए यह मामला एक चुनौती बन गया है क्योंकि जिन लोगों पर हत्या का आरोप है, वे कोई और नहीं बल्कि मृतक के अपने दोस्त हैं।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

वारदात की वो काली रात: पल-पल की कहानी

\r\n\r\n
खबरिलाल की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और ग्रामीणों व परिजनों से बात करके उस काली रात की टाइमलाइन तैयार की है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सोमवार, रात 8:00 बजे: आखिरी मुलाकात खारी गांव निवासी इस्लामुद्दीन (38 वर्ष) पुत्र शराफत अली अपने घर पर मौजूद था। परिजनों के मुताबिक, रात करीब 8 बजे उसके गांव के ही तीन दोस्त घर के बाहर आए। उन्होंने इस्लामुद्दीन को आवाज दी। इस्लामुद्दीन ने अपनी पत्नी से कहा कि वह थोड़ी देर में वापस आ रहा है और दोस्तों के साथ चला गया। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह अब कभी वापस नहीं लौटेगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
रात 10:30 बजे: संपर्क टूटा करीब दो-ढाई घंटे बीत जाने के बाद भी जब इस्लामुद्दीन नहीं लौटा, तो परिवार को चिंता होने लगी। पत्नी ने फोन मिलाया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। धीरे-धीरे रात गहराती गई और परिवार की बेचैनी बढ़ती गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मंगलवार, सुबह 3:00 बजे: खौफनाक मंजर रात भर परिजन और गांव के कुछ लोग इस्लामुद्दीन की तलाश करते रहे। सुबह करीब 3 बजे, जब गांव के कुछ लोग खारी और गौसपुर टोपरी (टोकरी) के बीच वाले रास्ते से गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर सड़क किनारे झाड़ियों के पास पड़ी एक लाश पर गई। पास जाकर देखा तो वह इस्लामुद्दीन था। उसका शरीर ठंडा पड़ चुका था और पेट से खून बह रहा था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन: क्या कह रही है लाश?

\r\n\r\n
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्राइम सीन को देखकर पुलिस ने कई अहम सुराग जुटाए हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    गोली का निशान: इस्लामुद्दीन के पेट में गोली मारी गई थी। घाव को देखकर फॉरेंसिक जानकारों का मानना है कि गोली बेहद करीब से (Point Blank Range) मारी गई है। यह इशारा करता है कि हत्यारा मृतक का परिचित था और उसे पास बुलाकर या धोखे से गोली मारी गई।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    हथियार की बरामदगी: शव के पास से ही पुलिस को एक 315 बोर का अवैध देसी तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इसी तमंचे से गोली चलाई गई थी? क्या हत्यारों ने जानबूझकर हथियार वहां छोड़ा ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके? या फिर भागते वक्त हड़बड़ी में हथियार गिर गया?
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    संघर्ष के निशान नहीं: शव के आसपास ज्यादा संघर्ष (Struggle) के निशान नहीं मिले हैं। इसका मतलब है कि इस्लामुद्दीन को संभलने का मौका ही नहीं मिला। उसे अचानक मौत के घाट उतारा गया।
    \r\n
  6. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

शक के घेरे में 'तीन यार', तीनों फरार

\r\n\r\n
इस पूरी 'मर्डर मिस्ट्री' की सुई उन तीन दोस्तों पर आकर टिक गई है, जिनके साथ इस्लामुद्दीन घर से निकला था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के भाई ने पुलिस को बताया, "मेरा भाई तो सीधा-सादा वेल्डर था। उसकी किसी से दुश्मनी नहीं थी। वे तीनों दोस्त उसे बुलाकर ले गए थे। अगर उन्होंने उसे नहीं मारा, तो वे भागे क्यों हैं?"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पुलिस जांच में यह तथ्य सबसे अहम बन गया है कि घटना के बाद से ही तीनों दोस्त अपने घरों से गायब हैं। उनके मोबाइल फोन स्विच ऑफ जा रहे हैं। पुलिस ने उनकी तलाश में कई जगहों पर दबिश दी है, लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं लगा है। यह फरारी उनके ऊपर लगे आरोपों को और पुख्ता कर रही है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

5 मासूमों के सिर से उठा पिता का साया: परिवार का दर्द

\r\n\r\n
इस्लामुद्दीन की मौत सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं है, बल्कि एक पूरे परिवार की तबाही है। वह अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जो अब बेसहारा हो चुका है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    3 बेटियां और 2 बेटे: मृतक के कुल 5 बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी अभी किशोरावस्था में है। इन बच्चों की आंखों में अब सिर्फ आंसू और भविष्य का डर है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    रोजी-रोटी का संकट: इस्लामुद्दीन गांव में ही वेल्डिंग का काम करता था। उसी की कमाई से घर का चूल्हा जलता था। अब परिवार के सामने भरण-पोषण का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    पत्नी का विलाप: इस्लामुद्दीन की पत्नी का हाल देखकर हर किसी का दिल पसीज गया। वह बार-बार बेहोश हो रही है। उसका कहना है कि उसे इंसाफ चाहिए, चाहे कातिल कोई भी हो।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिसिया कार्रवाई और अधिकारियों का बयान

\r\n\r\n
बिजनौर पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। घटना की सूचना मिलते ही सीओ सिटी संग्राम सिंह (CO City Sangram Singh), हल्दौर थाना प्रभारी (SHO) और झालू चौकी इंचार्ज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई:

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    पंचनामा और पोस्टमॉर्टम: शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा गया और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल बिजनौर भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत का सही समय और गोली की दिशा स्पष्ट होगी।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    फॉरेंसिक जांच: डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट्स और खून के नमूने लिए हैं।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    मुकदमा दर्ज: परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं (IPC 302 - हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    सर्विलांस टीम सक्रिय: पुलिस की सर्विलांस टीम मृतक और उसके फरार दोस्तों के मोबाइल की 'कॉल डिटेल रिकॉर्ड' (CDR) और 'लोकेशन हिस्ट्री' खंगाल रही है। इससे पता चलेगा कि घटना के वक्त वे कहां थे और उनकी आखिरी बात किससे हुई थी।
    \r\n
  8. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सीओ सिटी संग्राम सिंह का आधिकारिक बयान:

\r\n\r\n
\r\n
"आज सुबह सूचना प्राप्त हुई कि हल्दौर थाना क्षेत्र के खारी गांव के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा है। मौके पर पुलिस टीम ने जांच की तो पता चला कि मृतक का नाम इस्लामुद्दीन है और उसे गोली लगी है। शव के पास से एक तमंचा भी मिला है। परिजनों ने गांव के ही तीन लोगों पर संदेह व्यक्त किया है, जिनके साथ वह रात में गया था। पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं। संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही घटना का अनावरण कर दिया जाएगा।"
\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

क्यों हो रही हैं ऐसी घटनाएं? (विश्लेषण)

\r\n\r\n
'खबरिलाल' की टीम ने जब इस घटना की तह तक जाने की कोशिश की, तो ग्रामीण इलाकों में बढ़ते अपराध के कुछ प्रमुख कारण सामने आए:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    अवैध हथियारों की आसान उपलब्धता: शव के पास मिला देसी तमंचा इस बात का सबूत है कि गांवों में अवैध हथियार कितनी आसानी से मिल जाते हैं। मामूली विवाद में इनका इस्तेमाल जानलेवा साबित होता है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    नशे का चलन: अक्सर देखा गया है कि दोस्तों के बीच बैठकर शराब पीने के दौरान पुराने विवाद उभर आते हैं, जो हत्या का कारण बनते हैं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या घटना के वक्त ये लोग नशे में थे?
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    छोटी रंजिश, बड़ा अंजाम: कई बार पैसों के लेनदेन या जमीन के छोटे विवाद भी इस तरह की घटनाओं को जन्म देते हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आगे क्या? पुलिस के सामने 3 बड़े सवाल

\r\n\r\n
भले ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी भी कई सवाल अनुत्तरित हैं जिनका जवाब पुलिस को तलाशना होगा:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    हत्या का मोटिव (Motive) क्या था? आखिर वो कौन सी बात थी जिसकी वजह से बचपन के दोस्तों ने इस्लामुद्दीन की जान ले ली?
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    तमंचा किसका था? क्या वह तमंचा इस्लामुद्दीन का था या हत्यारे उसे अपने साथ लाए थे?
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    तीसरा कौन? क्या वहां इन चारों के अलावा कोई और भी मौजूद था?
    \r\n
  6. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पुलिस का दावा है कि वह 24 से 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर देगी। लेकिन जब तक आरोपी पकड़े नहीं जाते, खारी गांव में डर और मातम का माहौल बना रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें