मेरठ (Meerut News): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में रफ्तार का कहर एक बार फिर दो हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां निगल गया। मंगलवार सुबह मवाना क्षेत्र में हुए एक हृदयविदारक सड़क हादसे में भारतीय सेना के एक जवान और उनके बचपन के दोस्त की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा इतना भीषण था कि देखने वालों की रूह कांप गई। गन्ने से लदे एक तेज रफ्तार ट्रक ने ओवरटेक करने की कोशिश कर रही बुलेट मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बिजनौर जिले के चांदपुर निवासी सेना के जवान शुभम चौधरी और उनके साथी मोहित की मौके पर ही जान चली गई।READ ALSO:-मेरठ में रूह कंपा देने वाली वारदात: लिव-इन पार्टनर ने गला घोंटकर महिला को उतारा मौत के घाट, बच्चों के साथ भी रची थी खौफनाक साजिश
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इस घटना के बाद से मृतकों के पैतृक गांव में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है।
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हादसे की आंखों देखी: रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर

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यह दर्दनाक घटना मवाना खुर्द पुलिस चौकी के पास राफन चौराहे के नजदीक घटी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मंगलवार की दोपहर करीब 11 बजे एक काले रंग की बुलेट मोटरसाइकिल पर दो युवक मेरठ से बिजनौर की ओर जा रहे थे। मोटरसाइकिल की रफ्तार सामान्य थी, लेकिन हाईवे पर गन्ने से लदे वाहनों की कतार और ओवरलोड ट्रकों की आपाधापी ने सड़क को खतरनाक बना दिया था।
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बताया जा रहा है कि बुलेट सवार युवकों ने आगे चल रहे एक गन्ने से लदे ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान सामने से आ रहे किसी वाहन से बचने या संतुलन बिगड़ने के कारण उनकी बाइक ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। टक्कर लगते ही बाइक सड़क पर गिर पड़ी और दोनों युवक ट्रक के पिछले पहियों की चपेट में आ गए।
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मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि मंजर इतना भयावह था कि उसे देखा नहीं जा रहा था। ट्रक का भारी-भरकम पहिया युवकों के सिर के ऊपर से गुजर गया। हेलमेट पहने होने के बावजूद जवान शुभम का सिर बुरी तरह कुचल गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उनके साथी मोहित का शरीर भी बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था। सड़क पर करीब 30 मीटर तक मांस के लोथड़े और खून बिखर गया था, जिससे वहां से गुजरने वाले राहगीर भी सहम गए। (Internal link to related article: मेरठ-बिजनौर हाईवे पर बढ़ते हादसे और सुरक्षा के सवाल)
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मृतकों की पहचान: देश का रक्षक और उसका साथी

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घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मवाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब जांच शुरू की, तो मृतकों की जेब से मिले दस्तावेजों और ऑनलाइन बाइक नंबर के जरिए उनकी पहचान हो सकी।
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    शुभम चौधरी (सेना का जवान): 28 वर्षीय शुभम चौधरी बिजनौर जिले के चांदपुर थाना क्षेत्र के रुकनपुर (बहमनशोरा) गांव के रहने वाले थे। शुभम भारतीय सेना में कार्यरत थे और देश सेवा का जज्बा रखते थे। जानकारी के मुताबिक, वह 2019 बैच के जवान थे और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में तैनात थे। कुछ रिपोर्ट्स में उनकी तैनाती अरुणाचल प्रदेश भी बताई गई है। शुभम हाल ही में छुट्टी लेकर अपने घर आए थे।
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    मोहित (उर्फ भूरा): 30 वर्षीय मोहित भी उसी गांव (रुकनपुर) के निवासी थे और शुभम के करीबी दोस्त थे। मोहित खेती-बाड़ी का काम संभालते थे और अपने परिवार का सहारा थे।
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पारिवारिक पृष्ठभूमि: शुभम के पिता का नाम राजवीर सिंह है। शुभम अपने माता-पिता के लाडले थे और दो भाइयों व एक बहन में सबसे छोटे थे। उनकी शादी करीब दो साल पहले हुई थी, लेकिन अभी उनकी कोई संतान नहीं थी। छुट्टी पर आए बेटे की मौत की खबर ने उनकी पत्नी और माता-पिता को तोड़कर रख दिया है। वहीं, मोहित के पिता का नाम ओमराज है। मोहित अविवाहित थे। दोनों दोस्तों की एक साथ मौत से पूरे रुकनपुर गांव में चूल्हे नहीं जले हैं। 
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पुलिस की कार्रवाई और जांच

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हादसे के बाद ट्रक चालक मौके का फायदा उठाकर ट्रक छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही सीओ मवाना पंकज लवानिया और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को क्षत-विक्षत हालत में सड़क से हटाया और मोर्चरी भिजवाया।
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पुलिस ने गन्ने से लदे ट्रक और क्षतिग्रस्त बुलेट मोटरसाइकिल को अपने कब्जे में ले लिया है। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि ट्रक नंबर के आधार पर मालिक और चालक का पता लगाया जा रहा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि हादसे की सटीक वजह का पता चल सके कि क्या बाइक स्लिप हुई थी या ट्रक ने साइड मारी थी।
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मेरठ-बिजनौर हाईवे: हादसों का 'ब्लैक स्पॉट'

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मेरठ से बिजनौर को जोड़ने वाला यह मार्ग हाल के दिनों में हादसों का गढ़ बन गया है। जिसे स्थानीय लोग अब 'मौत का हाईवे' भी कहने लगे हैं।
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    गन्ने के ओवरलोड ट्रक: इस सीजन में चीनी मिलें चालू होने के कारण हाईवे पर गन्ने से लदे ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की भरमार है। अक्सर ये वाहन क्षमता से अधिक लदे होते हैं और सड़क के बीचोबीच चलते हैं, जिससे पीछे आने वाले दोपहिया वाहनों के लिए जगह नहीं बचती।
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    ओवरटेकिंग की जल्दबाजी: संकरी सड़क और भारी ट्रैफिक के बीच ओवरटेकिंग करना जानलेवा साबित हो रहा है। इस हादसे में भी ओवरटेकिंग के दौरान संतुलन बिगड़ना एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
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    हेलमेट भी नहीं बचा सका जान: सेना के जवान शुभम ने हेलमेट पहन रखा था, जो एक जिम्मेदार नागरिक और सैनिक होने का प्रमाण है। लेकिन जब भारी वाहन का पहिया ही सिर के ऊपर से गुजर जाए, तो हेलमेट भी बेअसर साबित हो जाता है। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि हेलमेट के साथ-साथ सड़क पर सुरक्षित दूरी और ट्रैफिक नियमों का पालन कितना जरूरी है।
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मेरठ के मवाना में हुआ यह सड़क हादसा (Road Accident) हमें फिर सचेत करता है कि सड़क पर एक छोटी सी चूक जीवन भर का दर्द दे सकती है। भारतीय सेना ने अपना एक वीर जवान खो दिया, और एक परिवार ने अपना बुढ़ापे का सहारा। प्रशासन को चाहिए कि गन्ने के सीजन में ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराए और ओवरलोड वाहनों पर नकेल कसे। हम अपने पाठकों से अपील करते हैं कि हाईवे पर भारी वाहनों से उचित दूरी बनाकर चलें और ओवरटेक करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।
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मेरठ के मवाना क्षेत्र में मंगलवार को गन्ने से लदे ट्रक की चपेट में आने से बिजनौर निवासी सेना के जवान शुभम चौधरी और उनके दोस्त मोहित की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों बुलेट मोटरसाइकिल से बिजनौर लौट रहे थे। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश जारी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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