लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज अब तेजी से बदल रहा है। पिछले कुछ हफ्तों से सुबह और शाम के समय जो हल्की ठंडक या खुशनुमा अहसास बना हुआ था, वह अब पूरी तरह से गायब हो चुका है। सूबे में गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सूरज की तपिश और आसमान से बरसती आग ने लोगों को अभी से बेहाल करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, पूरे उत्तर प्रदेश में पिछले 3 दिनों से मौसम पूरी तरह से शुष्क (Dry) बना हुआ है। बारिश की कोई बूंद नहीं गिरी है और न ही आसमान में बादलों का कोई डेरा है। इस शुष्क मौसम की वजह से प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अचानक 2 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।Read also:-मुजफ्फरनगर को CM योगी की ऐतिहासिक सौगात: अब 'नगर निगम' बनेगा मुजफ्फरनगर, 951 करोड़ की परियोजनाओं से बदलेगी पूरे जिले की तस्वीर
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वर्तमान में, उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य के बिल्कुल आसपास चल रहे हैं। लेकिन, असली चिंता का विषय आने वाले दिन हैं। मौसम विज्ञान विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, आज से प्रदेश में चल रही तेज रफ्तार पछुआ हवाओं का सिलसिला थम जाएगा। हवाओं के रुकने का सीधा असर तापमान पर पड़ेगा, जिससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की और भयानक वृद्धि हो सकती है। आने वाले दिनों में लगभग सभी जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर जाएगा, जिससे प्रदेश में इस सीजन के सबसे भीषण गर्मी के दौर की आधिकारिक शुरुआत हो जाएगी।
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राजधानी लखनऊ का हाल: आसमान साफ और तीखी धूप
\r\n\r\nराजधानी लखनऊ के मौसम की बात करें, तो यहां भी गर्मी ने अपना असर दिखाना तेज कर दिया है। सोमवार को सुबह से ही लखनऊ का आसमान पूरी तरह साफ रहा और दिन चढ़ने के साथ ही तीखी और चिलचिलाती धूप निकली। हालांकि, सुबह और शाम के समय 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज रफ्तार से हवाएं भी चलीं, जिससे शाम के वक्त थोड़ी राहत महसूस हुई।
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आंकड़ों की बात करें तो लखनऊ में सोमवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो कि इस समय के सामान्य तापमान से 2 डिग्री सेल्सियस कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। लेकिन मौसम विज्ञान विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह राहत बहुत ही अल्पकालिक है। मंगलवार को राजधानी के अधिकतम तापमान में सीधे 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। अनुमान है कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। आने वाले वीकेंड तक लखनऊ का तापमान भी 40 डिग्री की दहलीज को छू लेगा। शहरवासियों को दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने पर गर्म थपेड़ों का सामना करना पड़ सकता है।
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बांदा बना आग का गोला, बिजनौर में रही सबसे ज्यादा राहत
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के तापमान पर नजर डालें तो भारी असमानता देखने को मिल रही है, लेकिन गर्मी का ट्रेंड हर जगह ऊपर की तरफ ही है। सोमवार को बुंदेलखंड क्षेत्र का बांदा जिला पूरे उत्तर प्रदेश का सबसे गर्म जिला बनकर उभरा। बांदा में आसमान से मानों आग बरसी और वहां अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह तापमान क्षेत्र के लिए सामान्य माना जा रहा है, लेकिन इंसानी शरीर के लिए यह चिलचिलाती गर्मी का सूचक है। बांदा और उसके आसपास के इलाकों में लू के थपेड़ों ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया है।
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दूसरी ओर, अगर सबसे कम तापमान की बात करें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश का बिजनौर जिला पूरे प्रदेश में सबसे ठंडा (या यों कहें कि सबसे कम गर्म) रहा। बिजनौर में सोमवार को न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रात के समय यहां अभी भी हल्की राहत बनी हुई है, लेकिन दिन के समय यहां भी सूरज की तपिश महसूस की जा रही है।
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क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?
\r\n\r\nमौसम के इस अचानक बदलते मिजाज पर मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर अतुल सिंह ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में मौसम के ड्राई (शुष्क) होने के बाद, पिछले 4 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में औसतन 7 से 9 डिग्री सेल्सियस की उल्लेखनीय और तेज वृद्धि दर्ज की गई है। इस अचानक उछाल के साथ अधिकतम तापमान अब धीरे-धीरे सामान्य के करीब पहुंच रहे हैं और जल्द ही इसे पार कर जाएंगे।
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डॉक्टर सिंह ने आगे बताया कि इसके अतिरिक्त, दिन के समय जो 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे (और कभी-कभी झोंकों में 40 किमी/घंटे) की गति से तेज पछुआ हवाएं चल रही थीं, उनका दौर 14 अप्रैल के बाद से कमजोर पड़ने लगेगा। हवाओं के रुकने का मतलब है कि गर्मी का असर और अधिक तीखा लगेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आगामी सप्ताह में पूरे उत्तर प्रदेश के ऊपर कोई भी सक्रिय मौसम तंत्र (Active Weather System) या पश्चिमी विक्षोभ मौजूद नहीं है। आसमान बिल्कुल साफ रहेगा और बादलों की कोई आवाजाही नहीं होगी। इसके कारण, तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की सम्भावित क्रमिक वृद्धि हो सकती है।
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परिणामस्वरुप, राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में अनेक स्थानों पर अधिकतम तापमान जल्द ही 40°C का खतरनाक स्तर पार करके सामान्य से अधिक हो जाएगा। लोगों को अब भीषण लू (Heatwave) का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
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यूपी-वेस्ट (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) में मौसम का तांडव
\r\n\r\nपश्चिमी उत्तर प्रदेश, जिसमें मेरठ, गाजियाबाद, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, सहारनपुर, नोएडा, मथुरा और आगरा जैसे प्रमुख शहर आते हैं, वहां सूरज के तेवर पूरी तरह से तल्ख हो चुके हैं। आने वाले दिनों में यहां लू (Heatwave) का असर बहुत साफ और भयंकर देखने को मिलेगा।
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- \r\n तापमान में भारी उछाल: मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा जैसे एनसीआर के शहरों के साथ-साथ मथुरा और आगरा में आज अधिकतम तापमान 36°C से 38°C के बीच बना हुआ है। कंक्रीट के जंगल होने के कारण एनसीआर में गर्मी का अहसास वास्तविक तापमान से 2-3 डिग्री ज्यादा होता है। अगले 3 से 4 दिनों में यहां का तापमान तेजी से बढ़कर 40°C से 42°C तक पहुंचने की पूरी संभावना है।\r\n \r\n
- \r\n गर्म हवाएं (लू) का कहर: पश्चिमी दिशा से आ रही 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलेंगी। यह हवाएं शरीर को झुलसाने वाली होंगी, जिससे दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलना बेहद मुश्किल और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।\r\n \r\n
- \r\n आसमान की स्थिति: आसमान पूरी तरह से साफ रहेगा, बादलों का नामोनिशान नहीं होगा और तीखी धूप निकलेगी। पश्चिमी यूपी में फिलहाल दूर-दूर तक बारिश या बूंदाबांदी की कोई संभावना नहीं है। किसानों को अपनी गेहूं की कटी हुई फसल को लेकर भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।\r\n \r\n
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यूपी-ईस्ट (पूर्वी उत्तर प्रदेश) में सूखी गर्मी का प्रकोप
\r\n\r\nपूर्वी उत्तर प्रदेश में भी मौसम तेजी से करवट ले रहा है। पूर्वांचल के कई जिलों के लिए भीषण गर्मी और लू का अलर्ट जारी किया गया है।
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- \r\n बढ़ती तपिश और बेहाल जनजीवन: गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, कुशीनगर, जौनपुर, देवरिया, बलिया और आजमगढ़ जैसे जिलों में आज अधिकतम तापमान 37°C के आसपास दर्ज किया जा रहा है। प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में तो पत्थर और घाटों की वजह से गर्मी और भी ज्यादा सताती है। यहां भी इस हफ्ते के अंत तक पारा 40°C के पार चला जाएगा और कुछ स्थानों पर यह 43°C तक भी छू सकता है।\r\n \r\n
- \r\n अलर्ट और व्यापक प्रभाव: पूर्वी यूपी के 20 से ज्यादा जिलों में तेज गर्मी को लेकर येलो अलर्ट की स्थिति बन रही है। तेज पछुआ हवाओं के कारण यहां उमस के बजाय सूखी गर्मी (Dry Heat) का प्रकोप बहुत ज्यादा रहेगा। हवा में नमी (Humidity) का स्तर गिरकर 11% से 15% के बीच आ गया है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बहुत बढ़ जाता है।\r\n \r\n
- \r\n किसानों और आम जनता के लिए सलाह: दिन में चल रही तेज गर्म हवाओं को देखते हुए किसानों को अपनी तैयार फसल को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। जरा सी चिंगारी इस मौसम में खेतों में भयंकर आग का रूप ले सकती है। आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, सूती कपड़े पहनें, और अपने साथ हमेशा पानी की बोतल रखें। नींबू पानी, छाछ और ओआरएस का सेवन बढ़ाते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।\r\n \r\n
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कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश के निवासियों को अब इस साल की पहली भीषण गर्मी का सामना करने के लिए कमर कस लेनी चाहिए। आने वाले 10 से 15 दिनों तक मौसम में किसी भी तरह के बदलाव या बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। तापमान में यह लगातार हो रही वृद्धि न केवल दैनिक जीवन को प्रभावित करेगी बल्कि स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल सकती है। इसलिए, मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और लू से बचाव के सभी आवश्यक उपाय अपनाएं।
Sabse pehle comment karne wale banein.