आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा से धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग का एक ऐसा चौंकाने वाला आगरा फ्रॉड का मामला सामने आया है, जिसने पति-पत्नी की जिंदगी को गहरे संकट में डाल दिया है। आरोप है कि पति के दो पुराने दोस्तों ने पहले उसकी पत्नी का चुपके से नहाते हुए अश्लील वीडियो बनाया। इसके बाद इसी वीडियो का इस्तेमाल कर उन्हें ब्लैकमेल किया और उनके बैंक खाते में आई साइबर ठगी की लगभग ₹15.85 लाख की रकम जबरन निकलवा ली।READ ALSO:-880 करोड़ की 'माता शाकंभरी देवी टाउनशिप' को मंजूरी, 1,436 प्लॉट, शोरूम और EV चार्जिंग स्टेशन; जानें सहारनपुर की इस 'ड्रीम सिटी' में क्या होगा खास?
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मामले की गंभीरता तब सामने आई जब महिला को साइबर क्राइम थाने से नोटिस मिला। पुलिस से मदद न मिलने पर पीड़ित दंपति को न्याय के लिए कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट के आदेश के बाद अब पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, रंगदारी, आपराधिक साजिश, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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ऐसे शुरू हुई ब्लैकमेलिंग की कहानी

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पीड़ित महिला के पति, जो जगदीशपुरा क्षेत्र के निवासी हैं, ने पुलिस को बताया कि ललित असौलिया और आयुष वर्मा निवासी निधि कुंज सेक्टर-13 उनके 10 साल पुराने दोस्त हैं और उनका घर पर आना-जाना था।
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पति के अनुसार, "एक दिन उन्होंने (दोस्तों ने) मेरी पत्नी का नहाते हुए वीडियो बना लिया। वीडियो दिखाकर मुझे वह डराने-धमकाने लगे और उसे वायरल करने की धमकी दी।" जब पीड़ित पति ने दोस्तों से पूछा कि वे क्या चाहते हैं, तो उन्होंने बताया कि उन्हें एक बैंक खाते की जरूरत है जिसमें उनके कुछ परिचित रुपये भेजेंगे। दोस्तों ने तर्क दिया कि वे अपने खाते में रकम नहीं लेना चाहते हैं और यह रकम किसी ट्रेडिंग कंपनी से आएगी। वीडियो वायरल करने की धमकी के चलते पीड़ित दंपति उनकी बातों में आ गए।
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खाते में आए ₹15.85 लाख और निकलवाई रकम

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आरोप है कि धमकाने के बाद आरोपियों ने पीड़ित महिला के बैंक खाते की डिटेल ले ली। कुछ ही समय बाद, महिला के खाते में कई अलग-अलग जगहों से कुल ₹15.85 लाख ट्रांसफर किए गए।
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पैसे आने के बाद, आरोपी आयुष और ललित महिला को अपने साथ बैंक लेकर गए। आयुष बैंक के अंदर गया और चेक के माध्यम से पूरी रकम निकलवा ली। बैंक से बाहर आते ही उसने वह पूरी रकम महिला से ले ली। दंपति उस समय इस बात से अंजान थे कि यह पैसा किसी वैध स्रोत से नहीं, बल्कि एक बड़े साइबर फ्रॉड का हिस्सा था।
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साइबर थाने का नोटिस और कोर्ट की शरण

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कुछ समय बाद, महिला को साइबर क्राइम थाने से नोटिस मिला, जिससे उन्हें पता चला कि उनके खाते में जो रकम आई थी, वह असल में साइबर ठगी की थी। इसके बाद पति-पत्नी को अपने दोस्तों की आपराधिक साजिश का पता चला।
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दंपति ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पुलिस से संपर्क कर पूरी हकीकत बताई, तो पुलिस ने उनकी बात को अनसुना कर दिया। इसके बाद उनके पास न्यायालय की शरण लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही आगरा फ्रॉड का मामला दर्ज किया गया। 
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पुलिस की जांच और क्लीनचिट पर सवाल

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पुलिस ने मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस मुकदमे के बावजूद पीड़ित दंपति को क्लीनचिट नहीं दी गई है। पुलिस के अनुसार, रकम निकालकर देने से पहले उन्हें पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए थी, जो उन्होंने नहीं किया।
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पुलिस अधिकारी ने कहा, "वीडियो बनाकर धमकाने की बात जांच में सही निकलेगी तो आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन रकम साइबर ठगी की है, इसलिए दंपति की भूमिका की भी जांच की जाएगी।" यह आगरा फ्रॉड का मामला ब्लैकमेलिंग, धोखाधड़ी और साइबर अपराध के एक खतरनाक गठजोड़ को दर्शाता है, जिसमें लोगों के निजी वीडियो का इस्तेमाल कर उन्हें आपराधिक गतिविधियों में फंसाया जा रहा है। (External link: Cyber Police Advisory on Money Laundering)
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आगरा में 10 साल पुराने दोस्तों द्वारा दोस्त की पत्नी का अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और उनके खाते में साइबर ठगी के ₹15.85 लाख जमा करवाकर निकलवाने का आगरा फ्रॉड का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर दो आरोपियों (ललित असौलिया और आयुष वर्मा) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब ब्लैकमेलिंग और साइबर फ्रॉड के इस दोहरे अपराध की गहराई से जांच कर रही है।
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