भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड (Aadhaar Card) केवल पहचान का सबूत (Proof of Identity) है, न कि भारतीय नागरिकता, निवास स्थान या जन्मतिथि (Date of Birth) का सुनिश्चित प्रमाण। यह स्पष्टीकरण इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी और निजी संस्थाएं अक्सर आधार को नागरिकता या निवास का अनिवार्य प्रमाण मानकर उपयोग करती हैं। यह घोषणा UIDAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और डाक विभाग (Postal Department) के हालिया आदेशों पर आधारित है।READ ALSO:-नवंबर में 11 दिन बंद रहेंगे बैंक: 5 रविवार, 2 शनिवार के अलावा 4 दिन नहीं होगा कामकाज, फटाफट देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
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आधार क्यों नहीं है नागरिकता और जन्मतिथि का प्रमाण?

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UIDAI का यह रुख कानूनी और तकनीकी कारणों पर आधारित है। आधार (Aadhaar) को भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 या जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत जारी नहीं किया जाता है।
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    नागरिकता नहीं: आधार भारतीय नागरिकता अधिनियम के तहत जारी नहीं किया जाता। यह भारत के निवासी को दिया जाता है, जो यह दर्शाता है कि व्यक्ति भारत में रह रहा है, लेकिन यह कानूनी रूप से उसकी भारतीय नागरिकता सिद्ध नहीं करता।
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    जन्म तिथि नहीं: UIDAI ने साफ किया है कि आधार कार्ड पर दर्ज जन्म तिथि (Date of Birth) केवल 'मान्य' या 'घोषित' (Declared) होती है। आधार के नामांकन (Enrollment) के दौरान, यदि कोई व्यक्ति अपनी जन्मतिथि का कोई आधिकारिक दस्तावेज़ (जैसे जन्म प्रमाण पत्र) प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसकी जन्मतिथि को केवल 'घोषित' माना जाता है। इसलिए, यह जन्मतिथि के पक्के सबूत (Concrete Proof) के रूप में काम नहीं करता।
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    डाक विभाग का आदेश: डाक विभाग ने भी हाल ही में एक आदेश जारी किया है जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आधार नंबर का इस्तेमाल पहचान साबित करने के लिए किया जा सकता है, लेकिन यह निवास प्रमाण या जन्म तिथि का पक्का सबूत नहीं है।
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आधार की वास्तविक कानूनी सीमाएं

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आधार की रचना संसद के आधार अधिनियम, 2016 के तहत की गई है, और इसका मुख्य उद्देश्य देश के निवासियों को सब्सिडी और सरकारी लाभों के वितरण को सुव्यवस्थित करना है।
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    पहचान का प्रमाण: 12 अंकों वाला आधार नंबर (Aadhaar Number) धारक की बायोमेट्रिक और जनसांख्यिकीय (Demographic) पहचान को अद्वितीय रूप से स्थापित करता है। यह व्यक्ति की पहचान साबित करने के लिए एक विश्वसनीय दस्तावेज है।
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    अन्य दस्तावेज अनिवार्य: UIDAI ने सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं को सलाह दी है कि वे नागरिकता, निवास या जन्म तिथि जैसे विशिष्ट उद्देश्यों के लिए हमेशा अन्य सहायक दस्तावेज़ों (Supporting Documents) की मांग करें।
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    भ्रम: यह स्पष्टीकरण उस व्यापक भ्रम को दूर करने के लिए दिया गया है, जिसके तहत बैंक, स्कूल, और अन्य निजी संस्थाएं आधार को सभी उद्देश्यों के लिए एकमात्र अनिवार्य प्रमाण मान लेती हैं।
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