CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली पहुंचे CJP नेताओं को फ्लाइट से ही उठा लिया गया। रांका के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरता की गई और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया।

हिरासत में परिवार से बात नहीं

रांका ने दावा किया कि हिरासत के दौरान उन्हें अपने परिवार से बात करने की अनुमति भी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे लोगों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया।

‘राजा की जान तोते में होती है’, ज्ञानेश कुमार पर निशाना

ज्ञानेश कुमार को लेकर BJP पर निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आशुतोष रांका ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर BJP पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “राजा की जान तोते में होती है, इसलिए सरकार ज्ञानेश कुमार को बचा रही है।”

विज्ञापन
विज्ञापन

रांका ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार BJP को चुनाव जिताने के लिए काम कर रहे हैं। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करना चाहती थी।

हालांकि, ज्ञानेश कुमार के BJP के लिए काम करने और सरकार की ओर से उन्हें बचाने के आरोप CJP प्रवक्ता के दावे हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के तौर पर नहीं माना जाना चाहिए।

ध्रुव राठी बोले- ‘मुझे गिरफ्तार नहीं, किडनैप किया गया’

ध्रुव राठी ने हिरासत पर बयान दिया

यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी 11 अक्टूबर को वीडियो जारी कर अपनी हिरासत को लेकर बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि 10 अक्टूबर की सुबह गुरुग्राम स्थित उनके घर पर सादे कपड़ों में कई लोग पहुंचे और उन्हें उनके कमरे से बाहर ले गए।

राठी ने कहा, “मुझे गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया, मेरा किडनैप किया गया।” उनके मुताबिक, उन्हें यह नहीं बताया गया कि किस कानूनी आधार पर ले जाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जूते पहनने तक का समय नहीं दिया गया और बाहर ले जाते समय चोटें आईं।

राठी ने यह भी दावा किया कि उनका और उनके माता-पिता का फोन ले लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 22 से 23 घंटे तक उन्हें वकील से बात करने या फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं मिली। राठी ने इस स्थिति को ‘अनऑफिशियल इमरजेंसी’ बताते हुए सरकार की आलोचना की।

पुलिस ने हिरासत की बात कही, राठी ने उठाए सवाल

हिरासत प्रक्रिया पर सवाल उठे

ध्रुव राठी के बयान के बाद हिरासत की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राठी को 10 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था और रात में रिहा कर दिया गया। राठी ने अपने वीडियो में पुलिस की कार्रवाई को हिरासत के बजाय अपहरण बताया।

CJP प्रदर्शन से पहले नेताओं को लिया गया था हिरासत में

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को 10 अक्टूबर को दिल्ली हवाई अड्डे पर फ्लाइट से उतरने के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया था। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी थी।

11 अक्टूबर को तीनों नेताओं को दिल्ली कैंट स्थित कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ निवारक कार्रवाई की गई थी और रिहाई के लिए एक साल तक शांति बनाए रखने का बांड भरवाया गया।

CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई। इस पूरे घटनाक्रम में हिरासत की वैधता और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों को लेकर विवाद बना हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें