मेरठ: लतीफपुर में जमानत पर छूटे युवक की हत्या, पत्नी ने प्रधान पर लगाया आरोप, थाने पहुंचा आरोपी बोला-मुझपर हमला किया तो आत्मरक्षा में चलाई गोली
गांव के बाहर दोस्त संग शराब पी रहे परमजीत पर बाइक और कार सवारों ने की फायरिंग, पुरानी रंजिश बनी हत्या का कारण, पुलिस जांच में जुटी
Apr 2, 2025, 23:03 IST
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मेरठ: मेरठ के सरूरपुर थाना क्षेत्र के लतीफपुर गांव में बुधवार रात एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान परमजीत सिंह उर्फ गुल्ला पुत्र छगन सिंह के रूप में हुई है, जो हाल ही में किशनपुर गांव के तीरथ सिंह की हत्या के मामले में जमानत पर जेल से छूटा था। घटना के बाद मृतक की पत्नी ने गांव के प्रधान पर हत्या का आरोप लगाया है, जबकि मृतक तीरथ सिंह के पिता ने पुलिस को बताया कि उन्होंने आत्मरक्षा में परमजीत को गोली मारी थी।READ ALSO:-बिजनौर: बीच सड़क पर युवती और युवक के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा, प्रेमी को जड़े थप्पड़, धोखे का आरोप, वीडियो हुआ वायरल
घटना का विवरण:
बुधवार रात परमजीत सिंह अपने दोस्त गुरमुख सिंह के साथ गांव के बाहर बैठकर शराब पी रहा था। तभी अचानक बाइक और कार से 6-7 लोग वहां पहुंचे और दोनों युवकों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में परमजीत को कई गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गुरमुख गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका इलाज चल रहा है। फायरिंग की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों युवकों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने परमजीत को मृत घोषित कर दिया।
पत्नी ने लगाया ग्राम प्रधान पर हत्या का आरोप:
मृतक परमजीत की पत्नी पायल ने गांव के प्रधान दिलदार सिंह गोरे पर अपने पति की हत्या करवाने का आरोप लगाया है। पायल का कहना है कि उसके पति परमजीत का प्रधान दिलदार सिंह से पुरानी रंजिश थी, क्योंकि परमजीत दिलदार के जीजा तीरथ सिंह की हत्या के मामले में जेल गया था। पायल ने आरोप लगाया कि दिलदार सिंह ने तीरथ सिंह के पिता प्रभु सिंह के साथ मिलकर परमजीत की हत्या की साजिश रची और शूटरों से उसे मरवा दिया। पायल ने बताया कि प्रधान दिलदार सिंह गांव में लोगों से अक्सर कहता था कि वह परमजीत को मरवा देगा।
तीरथ सिंह के पिता का दावा- आत्मरक्षा में चलाई गोली:
वहीं, घटना के बाद मृतक तीरथ सिंह के पिता प्रभु सिंह घायल अवस्था में हस्तिनापुर थाने पहुंचे और पुलिस को बताया कि गांव के बाहर परमजीत ने उन्हें देखकर जान से मारने की कोशिश करते हुए गोली चलाई थी, जो उन्हें छूकर निकल गई। प्रभु सिंह ने दावा किया कि उनके पास भी तमंचा था और उन्होंने खुद को बचाने के लिए परमजीत को गोली मार दी।
पुरानी रंजिश का इतिहास:
हत्या की यह रंजिश साल 2024 से चली आ रही थी। लतीफपुर गांव से एक किलोमीटर दूर किशनपुर गांव के रहने वाले तीरथ सिंह की शादी लतीफपुर गांव में दिलदार सिंह गोरे की बहन के साथ हुई थी। परमजीत और तीरथ सिंह के बीच तब से रंजिश चल रही थी जब तीरथ ने लतीफपुर में अपने साले दिलदार सिंह को प्रधानी का चुनाव लड़वाया था और दिलदार सिंह चुनाव जीत गया था। इसी रंजिश के चलते तीरथ सिंह की रात में हत्या कर दी गई थी, जिसके आरोप में परमजीत समेत कई लोग जेल गए थे। परमजीत 4 महीने पहले ही जमानत पर छूटा था और गांव में रंजिश के कारण वह अपनी पत्नी और बच्चों को साथ लेकर दिल्ली में रहने लगा था। वह दो दिन पहले ही गांव में जोड़ मेले में शामिल होने के लिए आया था।
पुलिस जांच और हिरासत:
एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले में लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस ने तीरथ सिंह के पिता प्रभु सिंह को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही, अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं पर गहनता से छानबीन कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
