Mahashivratri 2025: मेरठ में महाशिवरात्रि पर शिव मंदिर में ड्रेस कोड, जानिए धोती-कुर्ता और किन कपड़ों में महादेव के भक्तों को मिलेगी एंट्री

महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर मेरठ के त्रिपुर सुंदरी राजराजेश्वर मंदिर में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। इस मंदिर के महंत राधिका नंद ब्रह्मचारी ने भक्तों के लिए एक खास आदेश जारी किया है, जिसके अनुसार:

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महाशिवरात्रि के पर्व को लेकर शिवालयों में तैयारियां जोरों पर हैं। बाबा के दर्शन-पूजन के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। मेरठ में भी महाशिवरात्रि को लेकर खास तैयारियां की जा रही हैं। अगर आप यहां किसी शिव मंदिर में दर्शन करने जा रहे हैं तो कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर इस मंदिर में बिना धोती कुर्ता और साड़ी के प्रवेश नहीं दिया जाएगा।READ ALSO:-उत्तर प्रदेश में नहीं बढ़ेगा शिक्षामित्रों का मानदेय, इच्छानुसार मिलेगा ट्रांसफर; योगी सरकार का बड़ा ऐलान

 

 ड्रेस कोड:
  • पुरुषों को धोती-कुर्ता और महिलाओं को साड़ी पहनकर ही मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश मिलेगा।
  • जींस, पैंट या अन्य आधुनिक कपड़े पहनकर आने वाले भक्तों को पूजा की अनुमति नहीं दी जाएगी।

 

शिव मंदिर में महंत राधिका नंद ब्रह्मचारी ने एक खास आदेश जारी किया है। जिसमें भक्तों को धोती कुर्ता और महिलाओं को साड़ी पहनने पर ही भगवान शंकर के गर्भगृह में प्रवेश दिया जाएगा। त्रिपुर सुंदर राजराजेश्वर महादेव स्फटिक शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। जिनकी महिमा दूर-दूर तक विद्यमान है। इस मंदिर की स्थापना शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने की थी। ऐसे में अब मंदिर के महंत ने भक्तों के लिए खास आदेश जारी किया है। 

 

नियम का उद्देश्य:
यह नियम प्राचीन परंपराओं को बनाए रखने और शास्त्रों के अनुसार पूजा करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

 

विशेष आयोजन:
  • महाशिवरात्रि पर मंदिर में रात्रि जागरण और विशेष पूजा रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा।
  • भक्त बेलपत्र, दूध, दही, शहद और गंगाजल से रुद्राभिषेक करेंगे।
  • रात भर भजन-कीर्तन का आयोजन होगा।

 

महंत की मानें तो राजराजेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए शास्त्रों के अनुसार विशेष नियम हैं। जिसमें महाशिवरात्रि के दिन अब भक्तों को धोती कुर्ता पहनने के बाद ही मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने दिया जाएगा। वहीं महिलाएं यहां सिर्फ साड़ी में ही पूजा कर सकती हैं, अगर भक्त जींस पैंट या अन्य आधुनिक कपड़े पहनकर मंदिर में आते हैं तो उन्हें पूजा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्राचीन परंपराओं को बनाए रखने और शास्त्रों के अनुसार पूजा करने के उद्देश्य से यह नियम लागू किया गया है। 

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महत्व:
  • त्रिपुर सुंदर राजराजेश्वर महादेव स्फटिक शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं।
  • इस मंदिर की स्थापना शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने की थी।

 

महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर राजराजेश्वरी मंदिर में रात्रि जागरण विशेष पूजा रुद्राभिषेक का आयोजन होने जा रहा है।भक्त बेलपत्र, दूध, दही, शहद और गंगाजल से रुद्राभिषेक करेंगे। रात भर यह क्षेत्र भगवान शिव के भजन कीर्तन से गूंजता रहेगा। जिससे माहौल भक्तिमय हो जाएगा। ऐसे में मंदिर के महंत भी लगातार भक्तों से अपील कर रहे हैं कि वे मंदिर में प्रवेश से पहले शास्त्रों के अनुसार विशेष वस्त्र पहनकर आएं, इस तरह उनकी आस्था और भक्ति पूरी तरह स्वीकार की जाएगी। महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर भक्त भारी संख्या में भगवान शिव और मां जगदंबा का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए यहां पहुंचेंगे।

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