उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में ध्वनि प्रदूषण और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के उल्लंघन को लेकर प्रशासन बेहद सख्त नजर आ रहा है। नजीबाबाद इलाके में नजीबुद्दौला मस्जिद से Bijnor Mosque Loudspeaker के जरिए मानक से अधिक तेज आवाज में अजान होने पर पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। इस मामले में पुलिस ने लाउडस्पीकर और एम्पलीफायर जब्त करते हुए मस्जिद के मुअज्जिन पर मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर को लेकर भ्रामक रिपोर्ट देने वाले एक सिपाही को भी पुलिस अधीक्षक (SP) ने निलंबित कर दिया है।

गश्त के दौरान सुनाई दी तेज आवाज प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 1 बजे उपनिरीक्षक (SI) सौरभ सिंह और कांस्टेबल रोहित नजीबाबाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के लिए गश्त पर थे। इसी दौरान जब पुलिस टीम जीआईसी इंटर कॉलेज के पास पहुंची, तो उन्हें नजीबुद्दौला मस्जिद से लाउडस्पीकर की बहुत तेज आवाज सुनाई दी। पुलिस के मुताबिक, यह आवाज निर्धारित डेसिबल मानकों से काफी ज्यादा थी, जिससे इलाके में ध्वनि प्रदूषण हो रहा था और आम जनमानस को परेशानी हो रही थी।

सामान जब्त, पुलिस को देख भागा मुअज्जिन पुलिस टीम जब वास्तविकता की जांच करने मस्जिद परिसर में दाखिल हुई, तो पता चला कि मोहल्ला मकबरा का रहने वाला 23 वर्षीय युवक मोहम्मद फैजान वहां अजान दे रहा था। हालांकि, पुलिस को कार्रवाई करता देख आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने तुरंत मौके से माइक, एम्पलीफायर और लाउडस्पीकर को अपने कब्जे में ले लिया है। इस पूरे प्रकरण पर नजीबाबाद के क्षेत्राधिकारी (CO) सुनील कुमार ने जानकारी दी है कि आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और विधिक कार्रवाई जारी है।

गलत रिपोर्ट देने वाला सिपाही सस्पेंड इस मामले में विभागीय स्तर पर भी कड़ी कार्रवाई हुई है। बिजनौर के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने नजीबाबाद थाने में तैनात सिपाही ललित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस सिपाही ने धार्मिक स्थलों से ध्वनि विस्तारक यंत्रों को हटाने और मानकों के पालन को लेकर उच्चाधिकारियों को गलत रिपोर्ट सौंपी थी। जांच में सिपाही की लापरवाही सामने आने पर यह सख्त कदम उठाया गया है।

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थाना प्रभारियों को एसपी की चेतावनी इस घटना के मद्देनजर एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। किसी भी धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर केवल तय मानकों के अनुसार ही बजने चाहिए। बीपीओ (BPO) द्वारा दी जाने वाली रिपोर्ट की सत्यता की जांच की जाए। यदि भविष्य में ध्वनि मानकों की अनदेखी या पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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