धार्मिक नगरी में थार कार की छत्त पर बैठ कर पी रहे थे शराब, और कर रहे थे हंगामा, फिर पुलिस ने उतारा नशा
रुद्रप्रयाग में सड़क पर हंगामा कर रहे युवाओं को पुलिस ने सिखाया सबक। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
May 15, 2024, 00:00 IST
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उत्तराखंड में बड़ी संख्या में लोग घूमने आते हैं। इस दौरान कुछ लोग नशीली दवाओं का सेवन करते हैं तो कुछ हंगामा करते हैं। हाल ही में रुद्रप्रयाग में सोनप्रयाग घूमने आए कुछ लोग शराब के नशे में हंगामा करते नजर आए। हालांकि, कुछ देर बाद उनकी हालत और रंग-रूप दोनों बदले नजर आए। इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। READ ALSO:-चारधाम यात्रा : यमुनोत्री-गंगोत्री में 24 घंटे तक जाम, सड़क पर फसें 1000 से ज्यादा वाहन, गुस्साए लोगों का प्रदर्शन
उत्तराखंड पुलिस के सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया गया है जिसमें दिख रहा है कि कुछ युवक थार कार को पार्क करके उसके ऊपर बैठे हैं। ये युवक खुले में शराब पी रहे थे। तभी एक व्यक्ति वहां पहुंचा और पूछा कि आप कहां से आये हैं? एक शख्स जवाब देता है, गाजियाबाद से! इस पर उस व्यक्ति ने फिर पूछा कि यह क्या बदतमीजी कर रहे हो? उस व्यक्ति ने उत्तर दिया, “हम कहां बदतमीजी कर रहे हैं?”
रुद्रप्रयाग स्थित सोनप्रयाग पार्किंग में नशा करते युवकों के विरुद्ध #UttarakhandPolice द्वारा पुलिस एक्ट एवं MV एक्ट के अन्तर्गत चालानी कार्यवाही की गयी।
— Uttarakhand Police (@uttarakhandcops) May 14, 2024
कृपया धार्मिक स्थल पर सदाचरण का व्यवहार करें। इस प्रकार का कृत्य करने वालों की सूचना तत्काल डायल 112 पर पुलिस को दें। pic.twitter.com/o8KjiTxKmd
वीडियो शेयर करते हुए उत्तराखंड पुलिस ने बताया है कि रुद्रप्रयाग में सोनप्रयाग पार्किंग में नशा कर रहे युवकों के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस द्वारा पुलिस एक्ट और एमवी एक्ट के तहत चालान की कार्रवाई की गई। कृपया धार्मिक स्थलों पर अच्छा व्यवहार करें। ऐसी हरकत करने वालों की सूचना तुरंत 112 नंबर डायल कर पुलिस को दें।
उत्तराखंड पुलिस की इस कार्रवाई पर कई लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक ने लिखा कि पुलिस को असामाजिक लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। धर्म की नगरी में लोगों की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। एक अन्य ने लिखा कि ये अमीर लोग धर्म की नगरी में शराब पीने जाते हैं? इन लोगों को जेल में डाल देना चाहिए। एक ने लिखा कि उत्तराखंड को गंदा करने में ऐसे लोगों की बड़ी भूमिका है। सबक तो सिखाया ही जाना चाहिए।