Sri Lanka Crisis : रक्षा मंत्रालय ने दिए दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश, इस्तीफा देने के बाद नेवल बेस पर छिपे प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे त्रिंकोमाली नेवल बेस (Trincomalee Naval Base)  पर जाकर छिप गए हैं।
 
Sri Lanka Crisis : श्रीलंका के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। देश गृह युद्ध की ओर बढ़ चला है। पिछले तीन दिनों में चार दर्जन से ज्यादा लोगो की मौत हो चुकी हैं। महिंदा राजपक्षे के समर्थक और विरोधी भीड़े हुए हैं। अब सरकार ने दंगाईयों को देखते हुए गोली मारने के आदेश दिए हैं। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे (Sri Lankan President Gotabaya Rajapaksa) द्वारा लोगों से 'हिंसा और बदले की भावना वाले काम' रोकने की अपील के बाद मंत्रालय का यह आदेश सामने आया है।

जानकारी के अनुसार बेकाबू होते हालातों को देखते हुए सरकार ने साफ कहा है कि अगर कोई दंगा करता दिखता है तो उसे गोली मार दी जाएग। आदेश में कहा गया है कि अगर कोई लूटपाट या संपत्ति को नुकसान करता दिखता है। तो उसे बख्शा नहीं जाए, गोली मार दी जाए। read : Gold-Silver Price 11 May : सस्ता हुआ सोना, चांदी की कीमत में भी गिरावट, बुलियन मार्केट ने जारी किए रेट, देखें

 

त्रिंकोमाली नेवल बेस पर रह रहे राजपक्षे

देश में यह हालात सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण बिगड़े हैं। जिसके चलते आम लोगों में सरकार के खिलाफ भारी आक्रोष देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति के कार्यालय और आवास के बाहर भारी मात्रा में सेना के जवान तैनात किए गए हैं। वहीं, इस्तीफा देने के बाद प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे (Prime Minister Mahinda Rajapakse) त्रिंकोमाली नेवल बेस (Trincomalee Naval Base)  पर रह रहे हैं। 
बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी नेवल बेस पर भी पहुंच गए। वे राजपक्षे को बाहर निकालने की मांग कर रहे थे। इस बीच सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने राजपक्षे परिवार के वफादारों को देश से भागने से रोकने के लिए कोलंबो में एयरपोर्ट की ओर जाने वाली सड़क पर एक जांच चौकी बना दी है।  यह भी पढ़ें - वीडियो देखें : मुजफ्फरनगर के एक गांव में हुई मुनादी - "कोई दलित राजबीर प्रधान की ट्यूबवेल पर दिख गया तो 5 हजार जुर्माना और 50 जूते मारे जाएंगे"

 

मंत्री, सांसदों के घर हमले 


हंबनटोटा (Humbantota port) में राजपक्षे के पैतृक घर, 14 पूर्व मंत्रियों, 18 सांसदों और राजपक्षे परिवार के प्रति वफादार नेताओं के घरों पर हमला किया। इनमें से कई घरों को प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी। विपक्षी नेताओं ने महिंदा राजपक्षे पर सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों के विरुद्ध हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। 

पाकिस्तान, नेपाल भी कंगाली की ओर ?

श्रीलंका की इस हालत में सबसे ज्यादा हाथ पड़ोसी चीन का है। चीन से अरबों डालर का कर्ज लेते समय सरकार ने यह भी चिंता नहीं कि यह कर्ज वापस कैसे और कहां से किया जाएगा। अब आलम यह है कि श्रीलंका के पास चीन के कर्ज की किस्त तक देने के लिए पैसे नहीं है। 

 

इसी प्रकार पाकिस्तान और नेपाल का भी हालत होता जा रहा है। पाकिस्तान में चीन के राष्ट्रपति सी जिनपिग का ड्रीम प्रोजेक्ट सीपीसी के तहत किए जा रहे काम को रोकने की धमकी दी। चीन ने कहा कि पहले जो कर्ज लिया है उसे वापस करें, वरना हम सीपीसी का काम बंद कर देंगे। दूसरी ओर नेपाल पर चीन के कर्ज तले दबा हुआ है। ओली सरकार ने चीन से काफी कर्ज लिया। अब नेपाल उसे चुकाने में असमर्थ दिख रहा है।