मेरठ : घर के अंदर एक साथ निकले 40 सांप, इलाके में दहशत; वन विभाग की टीम ने दो दिन में किया रेस्क्यू

मंगलवार को 28 और बुधवार को 12 बच्चे सांप पकड़े गए। वन्यजीव विशेषज्ञ आदित्य तिवारी ने बताया कि आम बोलचाल में इन्हें पानी का सांप कहा जाता है। ये जहरीले नहीं होते। टीम ने घर के आसपास भी तलाश की, लेकिन कुछ नहीं मिला। आशंका है कि बच्चे सांप सीवर के रास्ते घर में घुसे होंगे।
 
उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरस्वती लोक कॉलोनी स्थित एक घर से 40 बच्चे सांप के निकले हैं। यह नजारा देख परिवार के लोग हैरान रह गए। वहीं, इलाके में हड़कंप मच गया, जिसके बाद वन विभाग की टीम को बुलाकर मामले की जानकारी दी गई और बच्चे सांपों को पकड़कर जंगल में छोड़ दिया गया। इसके बाद वहां के लोगों ने राहत की सांस ली।READ ALSO:-बम की तरह फटा AC, बहुमंजिला इमारत में एक फ्लैट में लगी भीषण आग; मची अफरा-तफरी, सामने आया भयावह वीडियो

 

सरस्वती लोक के मकान नंबर सी-220 में जगजीत सिंह अपनी पत्नी प्रीति और बच्चों के साथ रहते हैं। जगजीत सिंह फिलहाल शहर से बाहर हैं। उनकी पत्नी और बच्चे घर पर हैं। सोमवार को उनके घर की पहली मंजिल पर कई छोटे-छोटे कोबरा सांप के बच्चे दिखे। उन्होंने बच्चों को उठाकर बाहर फेंक दिया। मंगलवार और बुधवार को भी जब बच्चे सांप निकले तो परिवार के लोग हैरान रह गए। प्रीति ने मामले की जानकारी पड़ोसियों को दी।

 

बच्चे सांपों को रेस्क्यू किया गया
सूचना वन विभाग को दी गई, जिसके बाद वन विभाग की एसडीओ अंशु चावला और उनकी टीम मौके पर पहुंची। जिस जगह पर बच्चे सांप मिले, वह शौचालय के पास है। वन विभाग के इंस्पेक्टर विशंभर सिंह के नेतृत्व में सांपों के बच्चों को रेस्क्यू किया गया।

 

सांपों के बच्चे छह से सात इंच लंबे थे।
इंस्पेक्टर विशंभर सिंह ने बताया कि सांपों के बच्चों की लंबाई 6-7 इंच है। मंगलवार को 28 और बुधवार को 12 बच्चे पकड़े गए। वन्यजीव विशेषज्ञ आदित्य तिवारी ने बताया कि आम बोलचाल में इन्हें पानी का सांप कहा जाता है। ये जहरीले नहीं होते। टीम ने घर के आसपास भी तलाश की, लेकिन कुछ नहीं मिला। आशंका है कि सांप के बच्चे सीवर के रास्ते घर में घुसे होंगे।