संस्कार भारती ने किया आराधना कार्यक्रम का आयोजन

 शहीद स्मारक में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को किया नमन
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मेरठ। संस्कार भारती मेरठ महानगर द्वारा 7 जनवरी से 26 जनवरी 2023 तक मनाये जा रहे श्रदेय बाबा योगेन्द्र संस्थापक संस्कार भारती के जन्म शताब्दी वर्ष व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन करते हुए आराधना कार्यक्रम अन्तर्गत संस्था अध्यक्ष मंयक अग्रवाल की अध्यक्षता मे शहीद स्मारक मेरठ स्थित राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय के सभागार में आराधना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता पूजन व श्रदेय बाबा योगेन्द्र जी के चित्र पर माल्यार्पण कर हुआ। 

मुख्य वक्ता प्रो० विघ्नेश त्यागी ने स्वंत्रता संग्राम में मेरठ की भूमिका पर सम्बोधन करते हुए कहा कि भारत की आजादी के लिए भारतीय जनमानस में अन्दर ही अन्दर असंतोष उमड़ रहा था। अंग्रेजी शासन को उखाड़ फेंकने के लिए सम्पूर्ण देश ने आवाज उठाने के लिए 31 May 1857 की तिथि घोषित की गई थी परन्तु भारतीय सेना में कार्यरत भारतीय सिपाहियों द्वारा निर्धारित तिथि से 10 May 1857 को मेरठ छावनी में 85 सिपाहियों द्वारा अंग्रेजी के विरुद्ध आजादी की चिंगारी फूट पड़ी। परिणाम स्वरूप मेरठ के आसपास के कस्बों गांवों में यह आग तेजी से फैल गई। स्थानीय व ग्रामीण भी क्रान्ति में शामिल हो गए। मेरठ से शुरू 1857 की क्रान्ति को सावरकर ने 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य संग्राम कहा। काकोरी खजाना लूट की योजना मेरठ में बनाई गई थी। मेरठ से मवाना के विष्णु शरण दुबलिश भी सम्मिलित थे। तत्कालीन जनपद मेरठ के हापुड़ मिलखुवा धौलाना गाजियाबाद बागपत मवाना का स्वंत्रता संग्राम आन्दोलन में अहम भूमिका थी। भारतीय स्वाधीनता संग्राम आंदोलन में मेरठ अनेकों घटनाओं और व्यक्तियों के बलिदान से भरा पड़ा। 

पद्म श्री बाबा योगेन्द्र जी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा बाबा योगेन्द्र जी का त्याग और सादगीपूर्ण जीवन आदर्श अपनाने वाले हम सब के लिए प्रेरणा स्रोत है। सूदूरवर्ती क्षेत्रों में कलाकारों को खोजना उनको मंच प्रदान करने वाली संस्कार भारती के संस्थापक अ०मा० संगठन मंत्री के रूप में उनका अतुलनीय योगदान रहा है। इस अवसर पर प्रो०संजय कुमार व प्रो०अनीता राठी ने भी अपने विचार रखे। संजय जैन व उदिता शर्मा ने देशप्रेम कविताओं का काव्य पाठ किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ दिशा दिनेश ने किया किया । कार्यक्रम उपरांत शहीद स्मारक व 1857 क्रान्ति ज्योति पर पुष्पांजलि वनमन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ संघर्ष शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में हरीश गौरव दत्ता, कमल, राजीव, हरिओम, अनुराग का सहयोग रहा। राजकीय संग्रहालय के अध्यक्ष श्री पतरू जी हरीओम जी का विशेष सहयोग रहा। प्रान्त प्रतिनिधि डॉक्टर सुधाकर आशावादी, राकेश जैन, भारतभूषण, शील वर्द्धन विभाग संयोजक उपस्थित रहे।

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