कीथ क्रैच और जॉन चैंबर्स ने विश्वसनीय प्रौद्योगिकी के जरिये अमेरिका-भारत संबंधों को आगे बढ़ाया

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Business Wire India

पर्ड्यू स्थित क्रैच इंस्टीट्यूट फॉर टेक डिप्लोमेसी के चेयरमैन कीथ क्रैच और सिस्को के चेयरमैन एमेरिटस जॉन चैम्बर्स ने यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF - यूएसआईएसपीएफ) वेस्ट कोस्ट समिट में स्वतंत्रता को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण टेक्नालॉजी की भूमिका पर चर्चा की। वाशिंगटन, डीसी और नई दिल्ली में अमेरिका-भारत साझेदारी को मजबूत करने के लिए समर्पित एकमात्र स्वतंत्र संस्थान के रूप में, यूएसआईएसपीएफ व्यवसायों, गैर-लाभकारी संगठनों, डायस्पोरा और भारत व संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकारों के लिए विश्वसनीय भागीदार है।

इस प्रेस विज्ञप्ति में मल्टीमीडिया है। पूरी रिलीज यहां देखें: https://www.businesswire.com/news/home/20220512006044/en/
 
संगठन के अध्यक्ष और सीईओ मुकेश अघी ने कहा, "मैंने अरीबा में कीथ क्रैच के लिए काम किया है और अब यूएसआईएसपीएफ में जॉन चैंबर्स के साथ।" उन्होंने आगे कहा, "ये दोनों मजबूत अमेरिका-भारत संबंधों के सच्चे चैंपियन हैं और हमारे दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए अपने करियर के तहत बहुत कुछ किया है।"

कीथ क्रैच ने कहा, "इतने वर्षों से जो मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण रहे हैं और जैसा मैं अब उन प्रभावों के बारे में सोचता हूं, मेरे मित्र और मेनटॉर (mentor) जॉन चैम्बर्स अलग दिखते हैं।"  उन्होंने आगे कहा, "दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण कंपनियों में से एक, सिस्को के लिए  उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने प्रौद्योगिकी उद्योग को बदल दिया है और यूएसआईएसपीएफ चेयरमैन के रूप में उनकी भूमिका में, उद्यमिता, लैंगिक समानता और नए व्यवसाय निर्माण को बढ़ावा देने पर जॉन का ध्यान अमेरिका, भारत और दुनिया भर में लोगों के जीवन में सुधार करना जारी रखेगा।”

यूएसआईएसपीएफ की सरकार और व्यापारिक नेताओं की सभा से पहले जॉन चैम्बर्स ने कहा, "कीथ इस पीढ़ी के प्रमुख, बहु-क्षेत्रीय बदलाव लाने वालों में से एक हैं और अपने कारोबार, व्यापार, परोपकार, तकनीक, शिक्षा और सरकार में बार-बार साबित किया है।" इन सभी परिवर्तनकारी उपलब्धियों में जो चीज साझी (common thread) है वह है विश्वास पर कीथ का जोर। स्टेट के अंडर सेक्रेटरी के रूप में, कीथ अपने अंतर्निहित "ट्रस्ट प्रिंसिपल" (Trust Principle) सिद्धांत को लागू करके और टेक स्टेटक्राफ्ट (Tech Statecraft) बनाकर उन चीजों को पूरा करने में सक्षम थे, जो पहले नहीं किए गए थे। इसके लिए उन्हें 2022 के नोबल शांति पुरस्कार नामांकन (2022 Nobel Peace Prize) के साथ मान्यता दी गई है।

क्रैच ने स्पष्ट किया कि "ट्रस्ट सिद्धांत" लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है, जैसे कि कानून के शासन का सम्मान, राष्ट्रों की संप्रभुता, मानवाधिकार, श्रम व्यवहार, प्रेस की स्वतंत्रता और पर्यावरण के लिए सम्मान आदि सत्तावादी शासन के शांतिपूर्ण विकल्प के रूप में "सत्ता सिद्धांत” के नियम, पाशविक बल, जबरदस्ती और डराने-धमकाने में निहित है।

क्रैच ने बताया कि दुनिया जब सदी की सबसे बुरी महामारी से जूझ रही थी तो विदेश विभाग में उनके हाइब्रिड लोक सेवक-निजी क्षेत्र की कार्यकारी टीम ने 5जी को नियंत्रित करने के लिए चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मास्टरप्लान को लेकर "ट्रस्ट प्रिंसिपल" को परीक्षण में डाल दिया। यह अवधारणा विश्व स्तर पर प्रतिध्वनित हुई, जैसा कि स्वच्छ नेटवर्क (Clean Network) की सफलता से संकेत मिलता है। इसने 60 देशों को आकर्षित किया, जो दुनिया के दो-तिहाई सकल घरेलू उत्पाद का प्रतिनिधित्व करते हैं और 200 से अधिक दूरसंचार कंपनियां "ट्रस्ट सिद्धांत" का समर्थन करती हैं। इसने चीनी सरकार को भी यह नोटिस दिया कि उसके "शक्ति सिद्धांत" अब बगैर चुनौती नहीं रहेंगे।

अपने संवाद के दौरान, चैंबर्स ने अमेरिकी हाईटेक कंपनी के चैम्पियन क्रैच की ओर भी इशारा किया और ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (टीएसएमसी) [Taiwan Semiconductor Manufacturing Company (TSMC)] की ऑनशोरिंग में अपनी टीम की प्रमुख भूमिका का हवाला दिया। इसकी वजह से अमेरिका - आधारित चिप निर्माण में $300 बिलियन का निवेश हुआ है और $250 बिलियन के द्विदलीय यूएस इनोवेशन एंड कॉम्पिटिशन एक्ट (यूएसआईसीए) [U.S. Innovation and Competition Act (USICA)] को डिज़ाइन किया गया है जो अगली पीढ़ी के लिए अमेरिका के उच्च तकनीकी नेतृत्व को सुरक्षित करने के लिए शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान के लिए निधि देगा।

यूक्रेन में युद्ध के पाठों की ओर बढ़ते हुए, चैम्बर्स क्रैच के फॉर्च्यून आलेख, अगली बोर्ड मीटिंग में अपनी चीन आकस्मिक योजना (Present your China contingency plan at the next board meeting) प्रस्तुत करें। इसमें इस तथ्य पर प्रकाश डाला गया है कि कॉरपोरेट अमेरिका में कई सबसे सम्मानित बोर्ड सदस्य अपने सीईओ से चीन की आकस्मिक योजना की मांग कर रहे हैं। "क्या होगा अगर शी ने पुतिन जैसा कर दिया? " क्रैच ने यूएसआईएसपीएफ में उपस्थित लोगों से पूछा। "निजी उद्योग पर शी की हालिया कार्रवाई (recent crackdown on private industry) और ताइवान (Taiwan) पर हमले की वास्तविक संभावना के साथ , बोर्ड तेजी से समझ रहा है कि चीन के साथ या उसके लिए व्यापार करना जबरदस्त जोखिम का प्रतिनिधित्व करता है। महत्वपूर्ण जोखिमों को कम करने के लिए बोर्ड के सदस्यों का शेयरधारकों के प्रति एक कर्तव्य है।"

क्रैच इंस्टीट्यूट फॉर टेक डिप्लोमेसी (Krach Institute for Tech Diplomacy) के एक महत्वपूर्ण पहलू के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच साझेदारी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ संपन्न हुई । "लोकतंत्र पर हमला हो रहा है और यह ऐसा है जैसा पहले कभी नहीं हुआ। हमारे दोनों देश दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। विश्वास के माध्यम से स्वतंत्रता और शांति को बनाए रखना हमारे रिश्ते के केंद्र में होना चाहिए" क्रैच ने कहा, "अमेरिका के सबसे करीबी दोस्तों में से एक, तकनीकी महाशक्ति, और लोकतंत्र के क्वाड व क्लीन नेटवर्क (Clean Network) अलायंस के सदस्य के रूप में भारत न केवल तकनीकी-सत्तावाद के खिलाफ एक गढ़ (bulwark) है बल्कि भरोसे पर आधारित हमारे साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण है।"

पर्ड्यू स्थित क्रैच इंस्टीट्यूट फॉर टेक डिप्लोमेसी के बारे में:

गैर-पक्षपाती, पर्ड्यू स्थित क्रैच इंस्टीट्यूट फॉर टेक डिप्लोमैसी (Krach Institute for Tech Diplomacy at Purdue) दुनिया का प्रमुख संस्थान है जो टेक स्टेटक्राफ्ट पर केंद्रित जो कूटनीति का एक नया मॉडल है जो उच्च तकनीक क्षेत्र को विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा क्षेत्रों के साथ जोड़ता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्वतंत्रता को आगे बढ़ाने के लिए विश्वसनीय तकनीक का उपयोग किया जाता है । क्रैच इंस्टीट्यूट फॉर टेक डिप्लोमेसी एक 501 (सी) (3) है जो नवाचार में पर्ड्यू की ताकत, प्रौद्योगिकी में गहरी विशेषज्ञता और परिवर्तनकारी नेताओं को शिक्षित करने में वैश्विक कौशल का लाभ उठाता है । यह हमारे सहयोगियों को एकजुट करने, निजी क्षेत्र के नवाचार का लाभ उठाने और विश्वास पर आधारित लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ाने पर केंद्रित है।

अधिक जानकारी के लिए, techdiplomacy.org पर जाएं । पर्ड्यू स्थित क्रैच इंस्टीट्यूट फॉर टेक डिप्लोमेसी को ट्वीटर (Twitter), लिंक्डइन ( LinkedIn) और यूट्यूब (YouTube) पर फॉलो करें।

स्रोत रूपांतर बिजनेस वायर डॉट काम (Businesswire.com) पर देखें: https://www.businesswire.com/news/home/20220512006044/en/
 
संपर्क:
जेम्स नैश
James@rokksolutions.com

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