Meerut Corona Case:एक्टिव केस 1038, अभी तक कोरोना संक्रमण से 3 लोगो की मौत, रोज आ रहे, करीब 400 से 500 नए मामले, डबल डोज का भी कोई असर नहीं

 मेरठ में पिछले 4 दिनों में 3 बुजुर्गों की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। तीनों मरीज वे थे जिन्हें वैक्सीन की दोनों डोज लगी हुई थी। तीसरी लहर के संक्रमण में भी वैक्सीन अप्रभावी होती दिख रही है।
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corona in meerut
अब कोरोना की तीसरी लहर से डरने की बहुत जरूरत है। अब केवल मास्क और सामाजिक दूरी ही संक्रमण से बचा सकती है। मेरठ में पिछले 4 दिनों में 3 बुजुर्गों की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई है। तीनों मरीज वे थे जिन्हें वैक्सीन मिली थी। तीसरी लहर के संक्रमण में भी वैक्सीन अप्रभावी होती दिख रही है। वहीं मेडिकल समेत 19 मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें अधिकांश मरीजों को वैक्सीन की दोनों डोज मिल चुकी हैं। इसके बावजूद रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण इन मरीजों में संक्रमण बढ़ गया और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना बनी रही। शुक्रवार देर रात आई रिपोर्ट के बाद मेरठ में 1038 एक्टिव केस हैं और 405 नए मरीज मिले हैं।ये भी पढ़े:- कोरोना की Precaution Dose(एहतियाती खुराक) के लिए आज से अपॉइंटमेंट मिलने शुरू हुए , वॉक-इन सुविधा भी

पूरे यूपी में मेरठ में कोरोना से सबसे ज्यादा मौत
तीसरी लहर में अब तक पूरे राज्य में सबसे ज्यादा मौतें अकेले मेरठ में कोरोना से हुई हैं। यहां 4 दिन में 3 कोरोना मरीजों की जान जा चुकी है। तीनों मरीजों की उम्र 60 साल से अधिक थी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 11 दिसंबर को मेरठ संभाग के गौतमबुद्ध नगर में कोरोना से पहली मौत हुई थी।  2 जनवरी को राज्य में कोरोना से दूसरी मौत देवरिया में हुई। 4 जनवरी को मेरठ के सुभारती अस्पताल में इलाज के दौरान एक कोरोना संक्रमित कपड़ा व्यापारी की मौत हो गई थी। 7 जनवरी को मेरठ के मेडिकल अस्पताल में भर्ती 71 वर्षीय व्यक्ति और रेन शेल्टर में रहने वाले एक बुजुर्ग की कोरोना से मौत हो गई। 

पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों पर कोरोना का अटैक
संभागीय निगरानी अधिकारी डॉ. अशोक तालियां के अनुसार पुरानी बीमारी के मरीजों में कोरोना का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। मेरठ में जो 3 मौतें हुईं, वे सभी किसी न किसी बीमारी के शिकार थे, जो बाद में कोविड बन गईं। कपड़ा व्यापारी हाइपरटेंशन के मरीज थे अनियंत्रित शुगर, 71 साल के बुजुर्ग दिल के मरीज थे, इसी तरह शेल्टर में रहने वाले को भी सीओपीडी की पुरानी बीमारी थी। पुरानी बीमारी के चलते इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम थी और ये लोग कोरोना की चपेट में आ गए। इलाज के बाद भी नहीं बच पाये। अस्पताल पहुंचे 19 मरीजों में से करीब 7 मरीज ऐसे हैं जो कोरोना के साथ ही किसी और बीमारी से पीड़ित हैं। 

3 लेयर पीपीई किट में दी जा रही बॉडी
डीएम के बालाजी ने कहा कि कोरोना का टीकाकरण बढ़ा दिया गया है। बगैर मास्क वालों के चालान भी काटे जा रहे हैं। बच्चों का टीकाकरण भी किया जा रहा है। मेडिकल समेत निजी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है, वहां आने वाले हर मरीज की कोविड जांच हो रही है। कोविड मरीजों के इलाज के लिए गाइडलाइंस भी लागू कर दी गई है। अगर किसी कोविड मरीज से ज्यादा फीस ली जाती है तो अस्पताल पर कार्रवाई की जाएगी और कोविड गाइडलाइंस के तहत कोरोना से मरने वालों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। बॉडी को ड्रिप लेयर किट में दिया जा रहा है।

मौसम और एनसीआर से नजदीकी से बढ़ रहे मरीज
मेरठ और आसपास के जिलों में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने का सबसे बड़ा कारण लगातार बारिश और बढ़ती ठंड के साथ एनसीआर से नजदीकी है। दिल्ली में हवाई यात्रियों के अधिक प्रवाह के कारण, विदेशों से कई लोग उत्तर प्रदेश के शहरों में आ रहे हैं। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में कोरोना फैल रहा है। वहीं, 20 डिग्री से कम तापमान के कारण हवा में लंबे समय तक जीवित रहने के कारण कोरोना वायरस संक्रमण दर को बढ़ा रहा है। 

dr vinit

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