मेरठ : ''आयुष्मान योजना'' में 2 अस्पतालों ने किया फर्जीवाड़ा, लाइसेंस हुए सस्पेंड, आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का इलाज कर रहे फर्जी डॉक्टर

मेरठ में आयुष्मान भारत योजना के नाम पर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। मुफ्त इलाज के नाम पर मरीजों की जान से खेलने के खेल में दो निजी अस्पतालों श्री भूषण और कमल के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
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मेरठ में आयुष्मान भारत योजना के नाम पर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। मुफ्त इलाज के नाम पर मरीजों की जान से खेलने के खेल में दो निजी अस्पतालों श्री भूषण और कमल के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। श्री भूषण अस्पताल पर भी सील लगा दी गई है। इस फर्जीवाड़े में अब एक और नामी डॉक्टर का नाम लेकर फर्जी तरीके से मरीजों का इलाज करने का सच सामने आया है। 

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डॉक्टरों के नाम का फर्जीवाड़ा
न्यूटिमा अस्पताल के यूरोसर्जन डॉ. शरत चंद्र के नाम पर श्री भूषण व कमल अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत ऑपरेशन किया जा रहा था। लेकिन डॉक्टर को इसकी जानकारी नहीं थी। जब मरीज की हालत बिगड़ी तो न्यूटिमा अस्पताल में फिर से मरीज डॉक्टर के पास आया तो पता चला कि उसके नाम पर किसी और फर्जी डॉक्टर ने मरीज का गलत ऑपरेशन किया था। 

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इसी अस्पताल के एक अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर विश्वजीत बैंबी के नाम के दुरुपयोग का मामला भी खुला है। इन अस्पतालों ने डॉ. बैंबी के नाम पर मरीजों से इलाज के नाम पर पैसे लिए। लेकिन डॉ बैंबी को इसकी जानकारी नहीं थी। जबकि मरीज के डिस्चार्ज लीफलेट पर डॉ. बैंबी का नाम और गलत रजिस्ट्रेशन नंबर मिला है। इसकी शिकायत दोनों डॉक्टरों ने सीएमओ से की है।

 

आयुष्मान योजना के रजिस्ट्रेशन में डाले फर्जी कागजात
आयुष्मान भारत योजना में पंजीकृत होने के लिए अस्पताल को विशेषज्ञ डॉक्टरों के नाम, पंजीकरण संख्या और अन्य दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। श्री भूषण अस्पताल ने डॉ. शरत चंद्र के नाम पर कागजात लगाए, जबकि डॉ. शरद का कहना है कि उन्होंने किसी को कोई दस्तावेज नहीं दिया। 

 

डॉक्टरों के नाम का दुरुपयोग
सीएमओ ने डॉक्टरों की शिकायत पर तीन सदस्यों की जांच कमेटी बनाई। कमेटी ने जब न्यूटिमा अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों व मरीज से पूरे मामले की जानकारी ली तो पूरा मामला सामने आया। श्री भूषण, कमल अस्पताल डॉ. शरद चंद्र के नाम और पंजीकरण संख्या का दुरुपयोग कर रहा था। जिस की कोई भी जानकारी डॉक्टर को नहीं थी। garauv

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