'पतंजलि कभी झूठा प्रचार नहीं करता, हम झूठे हैं और गलती की है, तो हम मृत्युदंड की सजा को तैयार', सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी पर क्या बोले बाबा रामदेव

बाबा रामदेव ने कहा कि हमारे खिलाफ साजिश रची जा रही है। कुछ डॉक्टरों ने एक ग्रुप बना लिया है जो लगातार योग और आयुर्वेद के खिलाफ प्रचार करता रहता है। यदि हम झूठे हैं और हमने गलती की है तो हम मृत्युदंड के लिए भी तैयार हैं।
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BABA RAMDEV
सुप्रीम कोर्ट द्वारा पतंजलि को फटकार लगाने और गलत प्रचार न करने की हिदायत देने की खबर के बाद अब योग गुरु बाबा रामदेव का भी बयान सामने आया है।  बाबा रामदेव ने साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ डॉक्टरों ने एक ग्रुप बना लिया है जो लगातार योग और आयुर्वेद के खिलाफ प्रचार करता है। अगर हम झूठे हैं तो हम पर 1000 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाना चाहिए।' अगर हमने गलती की है तो हम  हम मृत्युदंड के लिए भी तैयार हैं।'READ ALSO:-दिल्ली वासियों को मिलेगी लग्जरी प्रीमियम बस सेवा, सार्वजनिक परिवहन की दिशा में केजरीवाल सरकार की बड़ी पहल

 

योग गुरु स्वामी रामदेव कहते हैं, ''कल से अलग-अलग मीडिया साइट्स पर एक खबर वायरल हो रही है कि सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आप गलत प्रचार करेंगे तो जुर्माना लगेगा। हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं लेकिन हम कोई गलत प्रचार नहीं कर रहे हैं। कुछ डॉक्टरों ने एक ग्रुप बना लिया है जो लगातार योग, आयुर्वेद आदि के खिलाफ प्रचार करता रहता है।

 


बाबा रामदेव ने कहा, 'अगर हम झूठे हैं तो हम पर 1000 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाएं और हम मौत की सजा के लिए भी तैयार हैं लेकिन अगर हम झूठे नहीं हैं तो उन लोगों को सजा दें जो असल में गलत प्रचार कर रहे हैं। पिछले 5 साल से रामदेव और पतंजलि को निशाना बनाकर दुष्प्रचार किया जा रहा है। 

 SANJAY

IMA ने दायर की थी याचिका
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की याचिका पर सुनवाई करते हुए पतंजलि के खिलाफ अपनी मौखिक टिप्पणी में कहा, 'पतंजलि आयुर्वेद के ऐसे सभी झूठे और भ्रामक विज्ञापनों पर तुरंत रोका जाए। अदालत ऐसे किसी भी उल्लंघन को बहुत गंभीरता से लेगी।

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सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि से मांगा जवाब
आईएमए की याचिका पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और आयुष मंत्रालय और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को नोटिस जारी किया गया था। संक्षिप्त सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने पतंजलि आयुर्वेद से कहा कि वह चिकित्सा की आधुनिक पद्धतियों के खिलाफ भ्रामक दावे और विज्ञापन प्रकाशित न करें।
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