Bike Modification: आपको पता है बाइक मॉडिफाई कराने के लिए लेनी होती है RTO से अनुमति?, ये होती है पूरी कानूनी प्रक्रिया, देखें

Bike Modification : प्रतिबंधित मॉडिफिकेशन कराने पर मोटर व्हील एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है।
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Bike Modification : बाइक हो या स्कूटी हम उसे भीड़ से अलग दिखाने के लिए उसे मॉडिफाई कराते हैं। क्या आपको पता है कि हल्के-फुल्के बदलावों को छोड़कर अन्य बड़े मॉडिफिकेशन के लिए आरटीओ से अनुमति लेनी होती है। अनुमति ना लेकर स्वयं मॉडिफिकेशन कराने पर आपको भारी जुर्माना यहां तक की जेल भी जाना पड़ सकता है।

 

बाइकर्स कुछ ऐसे भी हैं जो बाइक की पफॉर्मेंस को अच्छा करने के लिए भी मॉडिफाई कराते हैं। किसी बाइक को मॉडिफाई कराना कहां तक सही है। इस सब के बारे में आज हम जानकारी देने वाले हैं।

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एक मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला

मॉडिफिकेशन के एक मामले को लेकर कोर्ट ने 2019 में एक मामले में सुनाई करते हुए फैसला सुनाया। जिसमें कुछ मॉडिफिकेशन को प्रतिबंधित करार दिया गया, जबकि कुछ को अनुमति दी गई। अगर आप प्रतिबंधित मॉडिफिकेशन कराते हैं तो नए मोटर व्हीकल एक्ट के धारा 52(1) (Motor Vehicle Act) के तहत आपके वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द (registration cencel) करने व 5 हजार रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रावधान है।

 

ये मॉडिफिकेशन है मान्य (Valid bike Modification)

जानकारी के अनुसार बाइक में छोटे-मोटे बदलाव करने पर प्रतिबंध नहीं है। इन बदलावों में आप इंजन बेली, टेल टिडी, डिकल्स, विज़र्स, विंगलेट आदि कर सकते हैं। जानकारों का कहना है कि इन बदलावों से बाइक के मूल खासियत में  बदलाव नहीं होता है। हां, आप टायर भी बदल सकते हैं, परंतु वह उस मॉडल के वैरियंट को सपोर्ट करते हों। अगर आप मॉडल में फिट ना होने वाले टायर लगाते हैं तो वह अवैध हैं। 

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ये मॉडिफिकेशन हैं प्रतिबंधित 

बाइक में एग्जॉस्ट कैन (exhaust can), ओपन साइलेंसर, हेंडल, इंजन में बदलाव बाइक के डिजाइन से अलग कोई पार्ट फिट करना प्रतिबंधित है, जो बाइक के मूल डिजाइन को बदल दे। आप ना तो बाइक का इंजन बदल सकते हैं और ना ही रंग को बदला जा सकता है। 

 

रंग और इंजन बदलने के लिए RTO से अनुमति

जानकारी के अनुसार बाइक का रंग और इंजन बदलना प्रतिबंधित है। अगर आप बदलने की सोच रहे हैं तो इंजन बदलने के लिए आपको आरटीओ से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना होगा। फार्म में आपको मेंशन करना होगा कि आप कौन सा रंग करेंगे। नियमों के अनुसार यह रंग मान्य होगा या नहीं। इस पर RTO से ऑर्डर दिया जाएगा।

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इतना ही नहीं इंजन बदलवाने के बाद दोबारा रजिस्ट्रेशन (Re registration) के लिए आवेदन करना होगा। इंजन संशोधनों के लिए एक और शर्त यह है कि पुराने और नए दोनों इंजन एक ही ईंधन पर चलने चाहिए।

 

बाइक के रंग बदलने के लिए ऐसे भरे अनुमति के लिए फार्म

 

1: सबसे पहले, आपको आरसी बुक के साथ बाइक के रंग और कीमत का नमूना लेकर आरटीओ उस आरटीओ में जाना होगा जहां से आपकी बाइक पंजीकृत हुई है।

2: बाइक के रंग को बदलवाने के लिए एनएवीएम फॉर्म भरें। इसके बाद, रंग मॉडिफिकेशन को स्वीकार करते हुए आरटीओ से अप्रूवल लेटर मिलने का इंतजार करें।

3: आरटीओ से अप्रूवल मिलने के बाद आप किसी भी अधिकृत वर्कशॉप पर जाकर बाइक का पेंट बदलवा सकते हैं। ध्यान रखें कि बदला हुआ रंग उसी रंग का होना चाहिए जिसे आरटीओ ने मंजूरी दी थी।

4: पेंट बदलवाने के बाद एक बार फिर अपनी बाइक के रंग का सैंपल अप्रूवल लेटर के साथ आरटीओ में जमा करें। यहां आरटीओ अधिकारी आपकी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में रंग का बदलाव दर्ज करेगा। इसके लिए आपको सरकार द्वारा तय किए गए शुल्क का भुगतान करना होगा।

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नए मोटर व्हीकल एक्ट में है रजिस्ट्रेशन रद्द करने का प्रावधान

बाइक मोडिफिकेशन कुछ ही सीमा तक ठीक है। अगर आप बिना आरटीओ अनुमति के प्रतिबंधित मॉडिफिकेश कराते हैं तो नए मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) की धारा 52(1) के तहत वाहनों रजिस्ट्रेशन रद करने के साथ ही पांच हजार रुपये जुर्माने का भी प्रावधान है।

 

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