मेरठ: चाइल्ड पोर्नोग्राफी कंटेंट मामले में लिसाड़ीगेट में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, मोबाइल में मिली आपत्तिजनक चीजें, यह है पूरा मामला

 इंटरनेट पर दुनिया भर में प्रतिबंधित चाइल्ड पोर्नोग्राफी सामग्री पोस्ट करने के मामले में सीबीआई की टीम ने मेरठ में छापा मारा। शुक्रवार को सीबीआई की टीम लिसाडिगेट इलाके की जाकिर कॉलोनी पहुंची।
 
सीबीआई ने मेरठ के लिसाड़ी गेट इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ कथित तौर पर बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री ऑनलाइन प्रसारित करने के आरोप में कार्रवाई की है। अधिकारियों ने बताया कि इंटरपोल के जरिए तुर्की से मिली जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। आरोपी की पहचान लिसाड़ीगेट, मेरठ निवासी निसार के रूप में हुई है।Read Also:-Video : छठी मंजिल से गिरकर छात्र की मौत, दोस्तों से बात करते हुए संतुलन बिगड़ा, बालकनी की जाली टूटने से गिरा नीचे, घटना हुई सीसीटीवी में कैद

 

यह बताया गया कि वह कथित रूप से टेक्स्ट के रूप में डिजिटल इमेज बनाने के लिए व्हाट्सएप का उपयोग कर रहा था। इसके जरिए वह बाल यौन शोषण सामग्री फैलाता था। बताया गया कि सीबीआई को तुर्की से उसकी गतिविधियों की जानकारी मिली थी।

 

मेरठ के लिसाड़ी गेट थाने के नासिर सैफी के मोबाइल से चाइल्ड पोर्नोग्राफी सामग्री की ऑनलाइन बिक्री का खुलासा हो सकता है। सीबीआई की टीम नसीर का मोबाइल लेकर चली गई है। आरोप है कि मोबाइल में काफी डाटा था, जिसे डिलीट कर दिया गया। डाटा रिकवर करने के लिए टीम लगी हुई है।

 
जानकारी के मुताबिक तुर्की की राजधानी अंकारा में चाइल्ड पोर्नोग्राफी सामग्री बेचने की शिकायत पर भारत में सीबीआई में मामला दर्ज किया गया था। जब जांच की गई तो मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी निसार का नाम ऑनलाइन बिक्री के संदेह में सामने आया। सीबीआई की टीम दो दिन पहले लिसाड़ी गेट पर निसार से पूछताछ करने आई थी और फिर उसका मोबाइल लेकर लौट गई। एसएसपी रोहित सिंह सजवान का कहना है कि इस मामले को लेकर थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई है। टीम आई और निसार से मोबाइल ले गई।

 

छापेमारी के बाद निसार घर से फरार हो गया
बताया जा रहा है कि सीबीआई की टीम ने निसार को पकड़ लिया और उसके पास से बरामद मोबाइल का फर्द बनाया और मोबाइल लेकर चली गई। इस पूरी छापेमारी के तार पीएमओ से जुड़े हैं। सीबीआई के जाने के बाद पुलिस थाने में निसार को थाने बुलाया, लेकिन वह घर से भाग गया। मोहल्ले के लोगों के मुताबिक निसार को लेकर उन्हें इस तरह का शक कभी नहीं हुआ था। 

 

चाइल्ड पोर्नोग्राफी एक गंभीर अपराध है
बता दें कि देश में चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी करीब 250 वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन्हें डाउनलोड कर वायरल करना अपराध की श्रेणी में आता है। इस मामले में निसार को आरोपी बताया जा रहा है।