हलाल सर्टिफिकेट विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से मांगा जवाब, दिया दो हफ्ते का वक्त

हलाल सर्टिफिकेट को लेकर दो महीने पहले शुरू हुआ विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। आज इस मामले पर ऊपरी अदालत में सुनवाई हुई। हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने सरकार के फैसले को चुनौती दी है। कोर्ट ने अब इस मुद्दे पर एसएसएसआई (SSSI) और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को नोटिस भेजा है और दो हफ्ते के भीतर जवाब देने को कहा है। 
 
उत्तर प्रदेश में हलाल सर्टिफिकेट के खिलाफ दर्ज मामले में हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही दो सप्ताह के भीतर जवाब देने को भी कहा है। पिछले साल नवंबर में उत्तर प्रदेश पुलिस ने फर्जी हलाल सर्टिफिकेट बांटने के आरोप में इस कंपनी समेत कई संस्थानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। READ ALSO:-'लड़कियां अपनी यौन इच्छा पर काबू रखें', कलकत्ता HC की यह टिप्पणी आपत्तिजनक और अनावश्यक, जानिए सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा क्यों कहा

 

उन पर वित्तीय लाभ हासिल करने के लिए लोगों की धार्मिक भावनाओं से खेलने का आरोप है। हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में अपने खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की है। यहां कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में हलाल सर्टिफिकेट पर रोक लगाने को लेकर राज्य सरकार और FSSAI से जवाब मांगा है। 

 

क्या है ये पूरा मामला?
पिछले साल 18 नवंबर को उत्तर प्रदेश सरकार ने हलाल प्रमाणित उत्पादों के निर्माण, बिक्री, भंडारण और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया था। ये बैन काफी सुर्खियों में रहा था। अब सुप्रीम कोर्ट इसे चुनौती देने वाली हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की रिट याचिका पर सुनवाई कर रहा है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस बीआर गवई और संदीप मेहता की बेंच कर रही है। 

 

क्या हैं याचिकाकर्ता की दलीलें?
याचिकाकर्ता के वकील ने इस मामले में अंतरराज्यीय व्यापार पर असर का हवाला दिया है। वकील ने यह भी दावा किया कि विभिन्न राज्यों में राजनीतिक दलों के सदस्यों द्वारा ऐसी शिकायतें दर्ज करायी जा रही हैं और वहां भी उत्तर प्रदेश की तर्ज पर यह प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने कहा कि मामला बेहद अहम है और इस पर कोर्ट का ध्यान जरूरी है।