मेरठ : ISI एजेंट सत्येंद्र गिरफ्तार, 3 साल से रूस में भारतीय दूतावास में था तैनात, ISI के हैण्डलर को दे रहा था खुफिया जानकारी

 उत्तर प्रदेश एटीएस ने रूस में रहकर ISI के लिए जासूसी करने वाले एक भारतीय एजेंट को गिरफ्तार किया है। विदेश मंत्रालय में तैनात यह अधिकारी सेना और देश की सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियां ISI हैंडलर्स तक पहुंचा रहा था। 
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उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) ने रूस में भारतीय दूतावास में कार्यरत एक कर्मचारी को मेरठ से गिरफ्तार किया है। सत्येन्द्र सिवाल नाम का यह कर्मचारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसएस के लिए काम करता था। सत्येन्द्र मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में तैनात हैं। वह मूल रूप से हापुड का रहने वाला है। सत्येन्द्र 2021 से भारत के सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा सहायक आईबीएसए (IBSA) के पद पर तैनात था।READ ALSO:-पूनम पांडे को पब्लिसिटी के लिए मौत की फेक न्यूज़ का सहारा लेना पड़ सकता है भारी, AICWA ने की पुलिस से FIR दर्ज करने और की सख्त कार्रवाई की मांग

 

एटीएस (ATS) अधिकारियों के मुताबिक, ISI हैंडलर सत्येन्द्र के संपर्क में थे। वे उसे  पैसों का लालच देकर भारतीय सेना के बारे में खुफिया जानकारी मांग रहे थे। सत्येन्द्र उससे गोपनीय सूचनाएं भी साझा कर रहा था। वह हापुड के शाहमहिउद्दीनपुर गांव का रहने वाला है। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी युवक की हरकतों पर नजर रखी जा रही थी। साथ ही उसके मोबाइल नंबर को भी सर्विलांस पर लगा दिया गया था। 

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सत्येन्द्र सिवाल रूस में भारतीय दूतावास में कार्यरत था। वह IBSA (इंडिया बेस्ड सिक्योरिटी असिस्टेंट) के पद पर तैनात था। एटीएस (ATS) टीम ने उसे पूछताछ के लिए मेरठ बुलाया था। यहां पूछताछ के दौरान वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। अधिकारियों के मुताबिक जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। बताया जा रहा है कि सत्येन्द्र सिवाल के परिवार वालों को इन गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। 

 

लखनऊ एटीएस (ATS) कार्यालय में सत्येन्द्र के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उसके खिलाफ धारा 121 (ए) और सरकारी गोपनीयता अधिनियम 1923 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एटीएस (ATS) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, एक आधार कार्ड, एक पहचान पत्र और नकदी बरामद की गई है। वह वर्ष 2021 से रूस में भारतीय दूतावास के कार्यालय में तैनात था।

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सूत्रों के मुताबिक एटीएस (ATS) टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह आईएसआई हैंडलर के संपर्क में कैसे आया। उसने अब तक आईएसआई (ISI) के साथ क्या जानकारी साझा की है? एटीएस (ATS) टीम उसके मोबाइल के कॉल रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। साथ ही, क्या आईएसआई (ISI) की ओर से उसे पैसे दिए गए थे, अधिकारी उस खाते की डिटेल भी पता करने में जुटे हैं। एटीएस (ATS) अधिकारियों के मुताबिक आरोपी की संदिग्ध गतिविधियों पर पहले से ही संदेह था।  इसी वजह से उन्हें पूछताछ के लिए मेरठ बुलाया गया था। 
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