100 अफसर और 49 श्रद्धालु पाकिस्तान में करेंगे दर्शन

भारत-पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर 611 दिनों के बाद बुधवार को फिर खुल गया। पहले दिन 100 अफसर और 49 श्रद्धालु करतारपुर जा रहे हैं। आज जाने वाले कुल 100 अफसरों में केंद्र और पंजाब के 50-50 अफसर शामिल हैं।

विशेष अनुमति के बाद होगा बॉर्डर क्रॉस

टीम को विशेष अनुमति के बाद बॉर्डर क्रॉस कराया जाएगा और यह टीम शाम तक लौट आएगी। दर्शन करने गए 49 श्रद्धालुओं में गुरु नानक देव की 17वीं पीढ़ी के बाबा सुखदीप सिंह बेदी भी शामिल हैं।

कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगी होनी जरूरी

सभी श्रद्धालुओं को अपने साथ निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट और कोविड टीकाकरण सर्टिफिकेट रखना होगा। जो भी यात्री करतार साहिब जाएंगे, उन्हें उसी दिन शाम को वापस लौटना होगा।

आम श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए करना होगा इंतजार

आम श्रद्धालुओं को करतारपुर कॉरीडोर से दर्शन के लिए फिलहाल 8 से 10 दिन तक इंतजार करना होगा। पंजाब के CM सीएम चरणजीत सिंह चन्नी अपनी कैबिनेट के साथ गुरुवार को करतारपुर साहिब के दर्शन करने जाएंगे।

16 मार्च 2020 से रजिस्ट्रेशन हुए थे बंद

16 मार्च 2020 से करतारपुर साहिब कॉरिडोर के लिए रजिस्‍ट्रेशन बंद कर दिया था। अब पूरे 1 साल 8 महीनों के बाद भारत के गृह मंत्रालय ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर को खोलने की अनुमति दी है।

4.5 किमी लबा है करतारपुर कॉरिडोर

करतापुर कॉरिडोर करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबा है। इस कॉरिडोर के बनने से भारत में डेरा बाबा नानक और पाकिस्‍तान में मौजूद गुरुद्वारा दरबार साहिब सीधे जुड़ गए हैं।

पाकिस्तान के लिए नहीं पड़ती वीजा की जरूरत

9 नवंबर 2019 में इस कॉरिडोर का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था। खास बात है कि यहां से पाकिस्‍तान जाने के लिए वीजा की जरूरत नहीं पड़ती है।

पाकिस्तान में भी होगा एंटीजन टेस्ट

एक बार जब श्रद्धालु पाकिस्‍तान की सीमा में दाखिल होंगे तो उनका रैपिड एंटीजन टेस्‍ट (Rapid Antigen Test ) भी वहां होगा।