Dussehra Pooja : दशहरा पर पूजा का यह है मुहूर्त, इस विधि से करेंगे पूजा तो होगा आर्थिक लाभ, शत्रुओ पर मिलेगी विजय

Dussehra Pooja : साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल दशहरा 15 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
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Dussehra

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दशहरा पर्व (Dussehra festival) की तैयारियां देश में जोरो पर चल रही हैं। आपको जानकारी हो कि साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल दशहरा 15 अक्टूबर को मनाया जाएगा।  सभी दशहरा पर होने वाली विशेष विजय पूजा के लिए सामान व तैयारियों में लगे हुए हैं। दशहरा के बारे बताया जाता है कि यह बुराई पर अच्छाई की जीत (victory of good over evil) के लिए है। इस दिन विशेष शस्त्र पूजा (wepon worship) भी होती है। इस बार दशहरा पूजन के लिए विशेष मुहूर्त सामने आया है। ज्योतिषों के अनुसार इस बार यह पर्व अपने आपे में अलग है।

दशहरा (Dussehra ) के बारे में बताया जाता है कि कई सिर वाले रावण (ravan dahan time) का दशहरे के दिन ही श्रीराम (Shir Ram) ने वध किया था वहीं,  माता दुर्गा (Goddess Durga) ने भी इसी दिन महिषासुर (Mahishasura) का वध कर दिया था। उसके के उपलक्ष्य में यह पर्व मनाया जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार दशमी तिथि 14 अक्टूबर को शाम 6:52 मिनट से लेकर 15 अक्टूबर शाम 6: 02 मिनट तक रहेगी। read also : कलयुग का दानव : दशहरा से पहले धनुष से चलाए ताबड़तोड़ तीर, 5 लोगों की मौत, 2 घायल।

 

ये रहेगी अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि

14 अक्टूबर  की शाम 6:52 मिनट से लेकर 15 अक्टूबर शाम 6:02 मिनट, उदया तिथि में दशमी तिथि 15 अक्टूबर को है।

घर में पूजन का मुहूर्त (Pooja ka muhurat)


दशहरा पर विशेष पूजा का मुहूर्त सुबह 6 बजे से 7:30 (डेढ़ घंटे) तक घर में पूजा करें।

 

रावण दहन का यह है शुभ मुहूर्त (ravan dahan time)


इस बार रावण दहन का मुहूर्त दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक है।

 

पूजा करने के यह हैं तरीके

  1.  दशहरा पर शस्त्र पूजन करने की परंपरा है। शस्त्र पूजन (weapon worship in Dussehra) के पीछे मान्यता है कि ऐसा करने से शत्रुओं पर विजय पक्की होती है। दशहरे के दिन हमें ईशान कोण अर्थात उत्तर-पूर्व दिशा में रंगोली बनानी चाहिए। 
  2. हमें रोली, कुमकुम का प्रयोग कर रंगाली बनानी चाहिए फिर लाल रंग के फूलों से भी रंगोली बना सकते हैं। आप अष्टकमल (asthkamal) की आकृति बना सकते हैं बताया जाता है कि ऐसा करने से देवी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। और घर में सुख समृद्धि आती है ।  read also : अभ्युदय की फ्री कोचिंग में 20 अक्टूबर तक करें रजिस्ट्रेशन: IAS-PCS के साथ ही NEET, JEE, NDA, CDS की भी तैयारी
  3. दशहरा पर शमी के पेड़(Shami Trees) की पूजा करने का भी विशेष महत्व मना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि शमी के पत्तों को अर्पित करने से आर्थिक लाभ होता है। शमी के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से रुके कार्य पूर्ण हो जाते हैं। वहीं, शमी के पेड़ की मिट्‌टी रखने से बुरी ताकतों का प्रभाव नहीं पड़ता है।
  4. वहीं, इस दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन होना भी विशेष मनाना जाता है।
  5. दशहरा पर घर में नकारात्मक ऊर्ज को खत्म करने के लिए रावण दहन की राख को सरसों के तेल में मिला ले और उसे घर की सभी दिशाओं में छिड़कें।
  6. इस दिन पान खाने की भी मान्यता होती है। कहा जाता है कि ऐसा करने से शादीशुदा जीवन सुख होता है।  Read also : अब 10 मिनट में मिलेगा 10 हजार से लेकर 10 लाख तक का लोन, बस Whatsapp पर भेजिए Hi का मैसेज, रकम आपके खाते में

इस तरह करें पूजा

दशहरा यानी विजयदशमी (Vijaydashmi) पर शमी के वृक्ष के पास सरसों के तेल का दीया जलाएं और शमी पेड़ की पूजा मंत्र का जाप करें। उसके बाद अपनी विजय की कामना करें। वहीं, आपक विशेष अस्त्र-शस्त्र पूजा भी कर सकते हैं। उसे करने के लिए चौकी पर लाल रंग का पकड़ा बिछा ले और उसके ऊपर शस्त्र रखकर गंगाजल छिड़कें और फूल चढ़ाएं। कंडों में नवरात्रि के दिन बोये गए जौ को लगाएं। इसके बाद धूप और दीपक जलाकर पूजा करें। उसके बाद पूजा में श्रीराम भगवान, दुर्गा मां, माता सरस्वती, गणेश और बजरंगबली हनुमान की पूजा करें।   Read ALso : Loan ले रखा है या लोन ले रहे हैं? तो इन बातों पर जरूर दें ध्यान, चुकाना होगा कम पैसा, होगी मोटी बचत

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