चमोली में हिमस्खलन: 7 हजार मीटर ऊंचे त्रिशूल पर्वत पर पर चढ़ाई करने जा रहे नौसेना के 5 जवान और एक पोर्टर लापता

Avalanche in Chamoli : नेवी का 20 सदस्यीय दल माउंट त्रिशूल पर चढ़ाई कर रहा था। सुबह करीब साढ़े 5 बजे दल के 5 मेंबर और उनके साथ चल रहा एक पोर्टर बर्फीले तूफान की चपेट में आ गया।

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Navy mountaineering Team Came Under Avalanche in Chamoli Uttarakhand
Navy mountaineering Team Came Under Avalanche in Chamoli Uttarakhand : शुक्रवार सुबह एक बार फिर उत्तराखंड के चमोली में हिमस्खलन (Avalanche in Chamoli Uttarakhand) होने से नौसेना का पर्वतारोही दल (Navy mountaineering Team) इसकी चपेट में आ गया। बता दें कि नेवी का 20 सदस्यीय दल माउंट त्रिशूल पर चढ़ाई कर रहा था। सुबह करीब साढ़े 5 बजे दल के 5 मेंबर और उनके साथ चल रहा एक पोर्टर बर्फीले तूफान की चपेट में आ गया। इस घटना के बाद से ही सभी 6 लोग लापता हैं। नेवी और प्रशासन ने उनकी खोज शुरू की, लेकिन अब तक उनका पता नहीं चल पाया है। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से भी राहत-बचाव टीम माउंट त्रिशूल भेजी गई है।

 

6700 मीटर की ऊंचाई के आसपास बर्फीले तूफान से हुआ सामना (Avalanche in Chamoli)

बता दें कि नेवी का दल करीब 15 दिन पहले 7 हजार 120 मीटर ऊंची त्रिशूल चोटी पर चढ़ाई करने के लिए रवाना हुआ था। शुक्रवार सुबह जब टीम आगे बढ़ी, तो 6700 मीटर की ऊंचाई के आसपास बर्फीले तूफान से उनका सामना हुआ। टीम के 5 मेंबर और एक पोर्टर एवलांच में फंस गए और उसके बाद से वे लापता हैं। ग्राउंड रेस्क्यू टीम के साथ-साथ हेलिकॉप्टर्स, सेना, एयरफोर्स, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) तलाशी अभियान में जुटे हैं। Read Also : जीसस के कपड़ों से लेकर पैगंबर साहब के प्याले जैसे नकली आइटम रखकर बनाया एंटीक म्यूजियम, दिखाकर ठगे 10 करोड़ रुपए
 

 

माउंट त्रिशूल चमोली जनपद की सीमा पर स्थित कुमांऊ के बागेश्वर जनपद में है। तीन चोटियों का समूह होने के कारण इसे त्रिशूल कहते हैं। आरोहण के लिए चमोली जनपद के जोशीमठ और घाट से पर्वतारोही टीमें जाती हैं। इससे पहले हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में ट्रैकिंग के लिए खंमीगर ग्लेशियर में 16 ट्रेकर्स का दल लापता हो गया था। इसमें से 11 सदस्यों को रेस्क्यू कर लिया गया।

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