मेरठ में बड़ा हादसा: दो मंजिला मकान गिरा, बच्चे की मौत, कई मलबे में दबे; राहत कार्य जारी

 मामला मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के जयभीम नगर का है। जानकारी के मुताबिक यहां रहने वाले सत्येंद्र का मकान मंगलवार शाम अचानक भरभराकर गिर गया।

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Meerut Hindi News: उत्तर प्रदेश के मेरठ में दो मंजिला मकान गिरने से 7 साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि उसकी बड़ी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और बचाव कार्य में सहयोग किया। उधर घटना से गुस्साए लोगों ने मौके पर हंगामा कर दिया। हादसे की सूचना पर डीएम-एसएसपी मौके पर पहुंचे हैं। राहत कार्य अभी जारी है।

 

भावनपुर क्षेत्र की है घटना

जानकारी के मुताबिक मामला मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के जयभीम नगर का है। जानकारी के मुताबिक यहां रहने वाले सत्येंद्र का मकान मंगलवार शाम अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में सत्येंद्र, उनकी पत्नी तीन बच्चे व अन्य परिजन मलबे में दब गए। हादसा देखकर आसपास मौजूद लोग मौके की तरफ दौड़े और पुलिस को सूचना दी। Read Also : Up Holiday List 2022: UP में 2022 में 24 छुटि्टयां, होली पर लगातार 4 दिन अवकाश; देखें पूरा कैलेंडर

 

क्रेन की मदद से हटाया मलबा, तब घायलों को निकाला

मलबे मे दबे सत्येंद्र और उनकी पत्नी किसी तरह निकलकर बाहर आए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। क्रेन की सहायता से  मलबे को हटाकर दबे लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं लोगों ने पुलिस की मदद से मलबे में दबे घायलों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक सतेंद्र के 4 साल के बच्चे क मौत हो चुकी थी, जबकि उसकी बड़ी बेटी गंभीर रूप से घायल थी जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। Read Also : VI ने भी 20 से 500 रुपये महंगे किए Prepaid Recharge, एक दिन पहले Airtel ने बढ़ाईं थीं टैरिफ दरें

 

बराबर के प्लॉट में चल रहे निर्माण के कारण हुआ हादसा

सत्येंद्र का कहना है कि उनके घर के बारबर वाले प्लाट में मकान निर्माण का कार्य चल रहा है। सत्येंद्र का आरोप है कि सोमवार से उस मकान के लिए नींव खोदने का काम चल रहा है। करीब साढ़े तीन फुट गहरी नींव खुद चुकी है, लेकिन इसके बावजूद मजदूर इसे और  खोदने में लगे थे। सत्येंद्र का कहना है कि उसने मकान मालिक और वहां काम कर रहे मजदूरों को इस बारे में आगाह किया था और नींव और गहरी करने से मना किया था, लेकिन इसके बावजूद वे नहीं माने और करीब साढ़े पांच फुट गहरी नींव खोद दी।

 

सत्येंद्र का कहना है कि इस लापरवाही के कारण ही उनके घर की बुनियाद कमजोर हो गई और वह गिर गया। सत्येंद्र के मुताबिक उनके बेटे की मौत हो गई, जबकि कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं व कई लोग अभी भी मलबे में दबे हैं। सत्येंद्र का आरोप है कि पुलिस प्रशासन न तो राहत कार्य चला रहे हैं और न ही प्लॉट मालिक को मौके पर बुला रहे हैं।

 

सत्येंद्र व अन्य लोगों ने प्लॉट मालिक को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। उधर पुलिस पीड़ित परिवार को कार्रवाई का आश्वास दिया है, फिलहाल राहत कार्य चल रहा है। एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि पूरे मामले में जांच कराई जा रही है। 

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