हाईकोर्ट ने UP के DGP को लगाई कड़ी फटकार, कहा- हमारे आदेश तक प्रयागराज नहीं छोड़ोगे, SP को हटाओ या जबरन रिटायर करो

16 सितंबर 2019 में मैनपुरी में नवोदय विद्यालय में छात्रा का शव मिला था फांसी पर लटका। जुलाई 2021 में दर्ज हुई एफआईआर।
 | 
Allahbad highcourt

whatsapp gif

मैनपुरी की नाबालिग छात्रा की आत्महत्या के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad Highcourt) ने सुनवाई करते हुए उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) के डीजीपी मुकुल गोयल (DGP MUKUL GOEL) को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए डीजीपी को प्रयागराज न छोड़ने के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा कि मै मामले में लापरवाही बरतने वाले एसपी मैनपुरी  तत्काल प्रभाव से हटाओ या जबरन सेवानिवृत्ति दो। कोर्ट ने पुलिस पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए डीजीपी से कहा कि या तो वे कार्रवाई करें या फिर कोर्ट को कड़े कदम उठाने होंगे। 

 

महेंद्र प्रताप सिंह की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एमएन भंडारी तथा न्यायमूर्ति एके ओझा की खंडपीठ ने जवाहर नवोदय विद्यालय मैनपुरी की छात्रा की फांसी के बाद पंचनामे की वीडियो रिकार्डिंग देखी। कोर्ट ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने से लगता है कि छेड़छाड़ की गई है। गले में फांसी के निशान संदेह पैदा कर रहे। कोर्ट ने डीजीपी से कहा है कि वह कार्रवाई करें, नहीं तो कड़ा कदम उठाना पड़ेगा। Read Also : मुस्लिम पुरुष का मूर्तिपूजक महिला के साथ निकाह न तो मान्य है और न ही शून्य है, नहीं मिलेगी पेंशन : हाईकोर्ट

 

कोर्ट ने कहा कि गंभीर आरोप के बावजूद भी अभियुक्तों से पूछताछ नहीं की गई। विवेचक ने देरी का कारण भी नहीं बताया। छात्रा स्कूल में फांसी पर लटकी मिली। मां ने परेशान करने व मारपीट कर फांसी पर लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी के निशान के सिवाय शरीर पर चोट नहीं पाए गए हैं। पंचनामा की फोटोग्राफी नहीं है। सरकारी वकील ने बताया कि एसपी मैनपुरी का तबादला कर दिया गया है। विभागीय जांच कार्यवाही शुरू की गई। Read Also : 'चचाजान' पर भड़की AIMIM, कहा- मुजफ्फरनगर दंगे के वक्त कहां थे टिकैत, भाजपा बोली टिकैत विपक्ष के लिए फिल्डिंग कर रहे

 

यह है पूरा मामला

दरअसल 16 सितंबर 2018 को नवोदय विद्यालय भोगांव में एक छात्रा का शव फांसी पर लटका मिला था। उसके कपड़ों व शरीर पर स्पर्म पाए गए थे। इस घटना में छात्रा के पिता की ओर से विद्यालय के छात्र सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आईजी कानपुर मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता एसआईटी जांच कर रही है। जांच टीम में शामिल एसपी मैनपुरी अजय कुमार ने छात्रा कांड का खुलासा करने के लिए अब तक 21 लोगों के पॉलीग्राफी टेस्ट कराए हैं। 12 लोगों का डीएनए कराने के लिए रक्त के नमूने लिए गए हैं लेकिन जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो इसके लिए एसपी ने 10 अन्य लोगों के डीएनए कराने का फैसला लिया था। इसके बावजूद पुलिस टीम अपराधियों तक पहुंचने में विफल रही है। 24 अगस्त 2021 के आदेश के अनुपालन में केस डायरी के साथ एसआईटी के सदस्य हाजिर हुए और बताया 16 सितंबर 2019 की घटना की एफआईआर 17 जुलाई 2021 को दर्ज कराई गई।

देश दुनिया के साथ ही अपने शहर की ताजा खबरें अब पाएं अपने WHATSAPP पर, क्लिक करें। Khabreelal के Facebookपेज से जुड़ें, Twitter पर फॉलो करें। इसके साथ ही आप खबरीलाल को Google News पर भी फॉलो कर अपडेट प्राप्त कर सकते है। हमारे Telegram चैनल को ज्वाइन कर भी आप खबरें अपने मोबाइल में प्राप्त कर सकते है।