भारत बंद में किसानों को मिला वकीलों का साथ, मेरठ बार एसोसिएशन ने 27 सितंबर को कोर्ट में काम बंद रखने का किया एलान

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Meerut Bar
 

नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) के विरोध में किसानों ने 27 सितंबर को 'भारत बंद' (Bharat Bandh) का एलान किया है। विभिन्न राजनीतिक दलों समेत देश भर के  संगठनों ने किसानों के बंद को अपना समर्थन दिया है। प्रदर्शनकारी (Protest) किसानों को अब इसमें मेरठ के वकीलों (Advocate) का साथ मिला है। किसानों के भारत बंद के समर्थन में मेरठ बार एसोसिएशन (Meerut Bar Association) ने 27 सितंबर को कोर्ट (Meerut Court) में काम बंद रखने का एलान किया है। न्यायाधीश मेरठ को भी पत्र भेजकर इस संबंध में जानकारी दे दी गई है।

जिसमें मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर सिंह त्यागी ने कहा कि किसानों के प्रदर्शन पर सरकार का रवैया चिंताजनक है। वकील किसानों का समर्थन करते हैं और उनके साथ खड़े हैं। कृषि कानून, किसानों और वकीलों दोनों के लिए उचित नहीं है।


महामंत्री सचिन चौधरी के मुताबिक पत्र में मेरठ बार एसोसिएशन की तरफ से कहा गया है की भारत सरकार द्वारा पारित, कृषि कानूनों के विरोध में देश के अलग अलग संगठनों के किसान पिछले दस माह से धरना दे रहे हैं। किसान देश की रीढ़ की हडडी हैं। भारत की जीडीपी में किसानों का मुख्य योगदान है, लेकिन भारत सरकार गंभीरता से इस पर विचार नहीं कर रही है।

पत्र में आगे लिखा है कि किसान संगठनों द्वारा 27 सितंबर 2021 को देश व्यापी बंद का आह्वान किया है। मेरठ बार एसोसिएशन ने सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया है की 27 सितंबर को वकील न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे।

बता दें कि मेरठ बार एसोसएिशन में मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बागपत, बुलंदशहर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, जेपीनगर, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, हाथरस समेत 22 जिले हैं।


गौरतलब है कि तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर पिछले नौ महीने से दिल्ली बॉर्डर पर किसान डेरा डाले हुए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 27 सितंबर के ‘भारत बंद’ के लिए दिशानिर्देश जारी किए है।


भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पिछले हफ्ते कहा था कि तीन कृषि कानून जब तक वापस नहीं लिए जाते हैं तब तक वो अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा है कि जब तक हम जीत नहीं जाते तब तक कोई ताकत हमें वहां से हटा नहीं सकती।

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