Bijnor: शेरकोट में ब्रश कारोबारी के घर वन विभाग का छापा, 8 किलो नेवले के बाल और 1500 ब्रश बरामद

शेरकोट के शेखान मोहल्ले में ब्रश निर्माता फैक्टरी (Painting Brush Sherkot) के मालिक बदरुद्दीन पुत्र शमसुद्दीन के घर और गोदाम पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारा।

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Sherkot Bijnor
Bijnor Sherkot News : पुलिस और वन विभाग के तमाम प्रयासों के बावजूद उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के शेरकोट कस्बे (Sherkot) में नेवले के बालों से ब्रश बनाने का काम (Brush With Mongoose Hair) बंद होने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को वन विभाग ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर शेरकोट के एक ब्रश कारोबारी के घर और गोदाम से प्रतिबंधित नेवले के करीब 8 किलो बाल और 1500 से ज्यादा बने, अधबने ब्रश भी बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि ब्रश बनाने के लिए नेवले को मारकर उनके बाल निकाले गए थे।

 

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बदरुद्दीन पर मुकदमा दर्ज

थानाध्यक्ष मनोज कुमार परमार ने बताया कि शेरकोट के शेखान मोहल्ले में ब्रश निर्माता फैक्टरी (Painting Brush Sherkot) के मालिक बदरुद्दीन पुत्र शमसुद्दीन के घर और गोदाम पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारा। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद ब्रश कारोबारी बदरुद्दीन फरार हो गया। पुलिस ने जब तलाशी ली तो बदरुद्दीन के घर और गोदाम से करीब 8 किलो बाल और 1380 तैयार ब्रश व 200 अधबने ब्रश बरामद किए हैं। पुलिस ने बदरुद्दीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। . Also Read - योगी पर अखिलेश का वार: कहा- उत्तराखंड से बाबा का पलायन न होता तो यूपी के 5 साल खराब नहीं होते

 

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7 साल की सजा का है प्रावधान

बता दें कि नेवले को संरक्षण की श्रेणी में रखा गया है, नेवला पर्यावरण संतुलन में बेहद मददगार होता है। इसे किसानों का हितैषी भी कहा जाता है। नेवले का शिकार करते हुए पकड़े जाते समय सात साल की सजा का प्रावधान है, लेकिन इसके बावजूद नेवले के बालों के ब्रश बनाए जाते हैं, जिसके लिए नेवले को मारना पड़ता है। बताया जा रहा है कि तस्कर तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, तराई, बुंदेलखंड और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में नेवले का शिकार कर उसके बाल ब्रश बनाने के कारखानों में बेच देते हैं। नेवले के बालों की विदेशों में भारी डिमांड है। खासकर नेवले के बालों से बने ब्रश से पेंट करने वाले ब्रश बनाए जाते हैं, जिनकी दीवाली पर ज्यादा डिमांड होती है। Read Also : मेरठ पहुंचे सीएम योगी, कहा- यहां बन रहा खेल विश्वविद्यालय देशभर के खिलाड़ियों के लिए नई दिशा तय करेगा

 

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प्रसिद्ध है शेरकोट का ब्रश उद्योग (Sherkot)

बिजनौर के शेरकोट कस्बे को ब्रश नगरी कहा जाता है और यहां घर-घर में ब्रश बनाने का काम होता है। शेरकोट में बने ब्रश देश-विदेश तक में सप्लाई होते हैं। वॉल पेटिंग के ब्रश के साथ ही चित्रकारी और दाढ़ी बनाने के ब्रश यहां बनाए जाते हैं। बताया जा रहा है कि नेवले के बाल मुलायम होते हैं और इनकी डिमांड ज्यादा रहती है, इसीलिए कई कारोबारी चित्रकारी और दाढ़ी बनाने के ब्रश में नेवले के बालों का इस्तेमाल करते हैं। पुलिस समय-समय पर यहां ब्रश कारोबारियों के यहां छापा मारकर प्रतिबंधित नेवले के बाल और इससे बने ब्रश बरामद करती है, लेकिन इसके बावजूद ब्रश कारोबारी बेखौफ होकर इस छोटे जानवर की जान की परवाह किए बिना धड़ल्ले से नेवले के बालों के ब्रश बना रहे हैं।

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