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उत्तरप्रदेश

UP में लॉकडाउन की नई गाइडलाइन : दूसरे जिले में जाने के लिए परमिशन जरूरी; इन कामों के लिए लेना होगा पास

उत्तर प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए सरकार ने लाकडाउन की अवधि को बढ़ा दिया है। ऐसे में सरकार ने इमरजेंसी में लोगों के लिए ई-पास की व्यवस्था की है। वहीं सरकार ने निम्र सेवाओंं को ई-पास से छूट प्रदान की है। निम्नलिखित सेवाओं को ई-पास की आवश्यकता नहीं है।

उत्तरप्रदेश में योगी सरकार ने किसी भी हाल में पूर्ण लॉकडाउन लगाने से इनकार किया था, लेकिन अब प्रदेश पूर्ण लॉकडाउन की ओर बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में जहां पहले शनिवार और रविवार का लॉकडाउन ही लागू था, लेकिन बाद में यह 2 दिन से 3 दिन, उसके बाद 5 दिन और अब 10 दिन का हो गया है। यानी 20 दिन में तीन बार जबकि छह दिन में दूसरी बढ़ा लॉकडाउन का दायरा बढ़ गया है।

दरअसल कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 30 अप्रैल की शाम आठ बजे से जारी मिनी लॉकडाउन को 10 मई यानी सोमवार सुबह 7 बजे तक के लिए पूरे प्रदेश में बढ़ा दिया है। इससे पहले 29 अप्रैल को पंचायत चुनाव के आखिरी चरण का मतदान हुआ था। उसी दिन सरकार ने वीकेंड लॉकडाउन का दायरा बढ़ाते हुए पाबंदियों को मंगलवार सुबह 7 बजे तक के लिए बढ़ाया गया था। इसके बाद तीन मई को लॉकडाउन की अवधि 6 मई यानी गुरुवार सुबह तक के लिए बढ़ा दी थी।

ई-पास जारी किया जाएगा
प्रदेश में ‘मिनी लॉकडाउन’ के बीच सरकार ने गाइडलाइन जारी की है। अब आवश्यक वस्तुओं के आवागमन के लिए ई-पास जारी होगा। साथ ही आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति करने वाली संस्थाओं को भी पास लेना होगा। आमजन भी चिकित्सा सेवा लेने के लिए ई-पास का आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए आपको rahat.up.nic.in पर जाना होगा। इसके बाद rahat.up.nic/epass पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर- 1076 पर आवश्यक वस्तुओं की सेवा न मिल पाने की दशा में शिकायत कर सकते हैं।

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ई-पास पोर्टल में संस्थागत पास का भी प्रावधान है। जिसमें संस्था आवेदक सहित 5 कर्मियों के लिए आवेदन कर सकते हैं। ई-पास इलेक्ट्रॉनिक कॉपी भी मान्य होगी।

एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए भी पास जरूरी

साथ ही जनपद की सीमा के साथ अंतर्जनपदीय सीमा के लिए भी ई-पास जारी होंगे। संस्थाओं के लिए पास की अवधि सम्पूर्ण अवधि तक होगी। वहीं, पब्लिक के लिए जनपदीय पास की वैधता 1 दिन और अंतर्जनपदीय पास की वैधता 2 दिन होगी।

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इसलिए बढ़ा लॉकडाउन
प्रदेश में हाल ही में पंचायत चुनाव और मतगणना सम्पन्न हुई है। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का कहीं भी पालन नहीं किया गया। प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने जमकर भीड़ जुटाई। ऐसे में अब गांवों में भी तेहि से संक्रमण फैलने का डर है। इसी को देखते हुए सरकार ने लॉकडाउन को बढाने का फैसला लिया है। हालांकि ऐसे हाल में चुनाव कराकर योगी सरकार में पूरे प्रदेश की जनता को खतरे में डाल दिया है।

इन सेवाओं में E-pass की आवश्यकता नहीं है
1.औद्योगिक गतिविधियां
2.मेडिकल व आवश्यक सेवाओं तथा वस्तुओं की आपूर्ति तथा आवश्यक वस्तुओं का परिवहन
3.मेडिकल व स्वास्थ्य तथा औद्योगिक इकाइयों में उपस्थिति तथा उद्योग सम्बंधी कार्य
4.ई कामर्स आपरेशन
5.आपात चिकित्सास्थिति वाले व्यक्ति
6.दूरसंचार सेवाएं, डाक सेवा,प्रिंट एवं इलैक्ट्रोनिक मीडिया तथा इंटरनेट सेवा से जुटे व्यक्ति

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