Connect with us

Hi, what are you looking for?

मेरठ

बेटी बचाओ : आपके 1 रुपये का दान बचा सकता है 1.5 साल की इशानी की जान, इस मासूम के पास सिर्फ 4 महीने का वक्त

एक रुपये में क्या होता है अक्सर लोग यह कहते सुने जाते हैं, लेकिन एक रुपये से किसी मासूम की जान बच सकती है। जी हां आपके लिए एक रुपये की कोई कीमत न हो, लेकिन मेरठ की रहने वाली डेढ़ साल की मासूम इशानी के लिए आपका दिया एक रुपया उसे एक नई जिंदगी दे सकता है। जरूरत है बस इस अभियान में इशानी के साथ चलने की।

Ishani Verma

दरअसल मेरठ के ब्रह्मपुरी की रहने वाली इशानी वर्मा को एक ऐसी खतरनाक दुर्लभ बीमारी है जिसका इलाज भारत में नहीं है। इशानी महज डेढ़ साल की है, लेकिन इस छोटी सी उम्र में वह मौत से हर रोज लड़ रही है। रात में सो नहीं पाती है, दर्द से तड़पती है। कुछ खाती है या दूध भी पीती है तो उसे निगलने में दिक्कत होती है। इशानी के पास महज 4 महीने का समय बचा है। डॉक्टरों का कहना है कि इशानी को बचाना है और उसे ठीक करना है तो उसे एक इंजेक्शन देना होगा जो 16 करोड़ रुपये का है।

Zolgensma इंजेक्शन की कीमत क्यों है 16 करोड़, कैसे करता है काम और कितना है असरदार; जानें सब कुछ

16 करोड़ एक ऐसी रकम है जिसे एक आम आदमी जिंदगी भर कमाने के कल्पना भी नहीं कर सकता इशानी के माता पिता बेटी को यह इंजेक्शन लगवाना चाहते हैं, लेकिन इतनी बड़ी रकम जुटा पाना उनके लिए नामुमकिन सा है। न तो इतनी बड़ी रकम कोई बैंक लोन देता है न ही दोस्तो और रिश्तेदारों से उधार ले सकते। हालांकि भारत की जनता चाहे तो इशानी को एक नई जिंदगी मिल जाएगी। देश के 135 करोड़ लोगों में से महज 16 करोड़ लोग सिर्फ एक-एक रूपया भी दे दें तो इशानी के इलाज के लिए पैसा इकट्‌ठा हो जाएगा।

Advertisement. Scroll to continue reading.
Ishani Verma
कौन है इशानी

इशानी मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र (Brahampuri meerut) के मास्टर कॉलोनी की रहने वाली है। इशानी (Ishani) के पिता अभिषेक वर्मा एक आईटी कंपनी में नौकरी करते हैं, जबकि मां नीलम वर्मा हाउस वाइफ हैं। इशानी का जन्म 27 अगस्त 2019 को हुआ था। इशानी की मां नीलम वर्मा के मुताबिक जन्म के सात-आठ माह तक तो इशानी सामान्य बच्चे की तरह ही थी, लेकिन उसके बाद उसके पैरों का हिलना डुलना धीरे-धीरे बंद होने लगा। अब वह डेढ़ साल की है। इस वक्त वह पैर बिल्कुल नहीं हिला पाती है। हल्की सी मूवमेंट पैरों के पंजों में होती है। सीधा हाथ बहुत कम हिल पाता है। वह रात में सो नहीं पाती, खुद से करवट नहीं ले पाती, दर्द से तड़पती है, पूरी रात गोदी में लेकर सुलाना पड़ता है। कुछ खाती है तो उसे निगलने में दिक्कत होती है।

बस चार महीने का समय बाकी

इशानी (Ishani varma) के पिता ने बताया कि बेटी की इस बीमारी की एक ही दवाई है, वह है  Zolgensma इंजेक्शन। यह इंजेक्शन स्वीटजरलैंड से मंगाया जाना है, जिसकी कीमत 16 करोड़ रुपये है। ऐसे में उन्होंने फंड जुटाने के लिए मिलाप और इंपेक्ट गुरु का सहारा लिया। बीते एक माह से वह यह इशानी के इलाज के लिए फंड जुटा रहे हैं, लेकिन अब तक सिर्फ 7 लाख रुपये ही एकत्र हो पाए हैं। अब सिर्फ चार महीने बाकी है, ऐसे में अभिषेक और नीलम यह सोचकर परेशान हैं कि इन चार महीनों में इशानी के लिए इतनी बड़ी रकम का इंतजाम कैसे करेंगे।

क्या है SMA बीमारी?
स्पाइनल मस्क्यूलर अट्रॉफी (SMA) बीमारी हो तो शरीर में प्रोटीन बनाने वाला जीन नहीं होता। इससे मांसपेशियां और तंत्रिकाएं (Nerves) खत्म होने लगती हैं। दिमाग की मांसपेशियों की एक्टिविटी भी कम होने लगती है। चूंकि मस्तिष्क से सभी मांसपेशियां संचालित होती हैं, इसलिए सांस लेने और भोजन चबाने तक में दिक्कत होने लगती है।

अगर आप इशानी की मदद करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए बैंक खाते में अपनी सहयोग राशि भेज सकते हैं

Advertisement. Scroll to continue reading.

Bank Name : State bank of India
Account Number : 40092127329
ifsc Code : SBIN0002379
Name : Ishani Verma

इसके अलावा आप मिलाप और इम्पैक्ट गुरु वेबसाइट पर जाकर भी इशानी के इलाज के लिए सहयोग कर सकते हैं।

मिलाप पर डोनेट करने के लिए क्लिक करें
इम्पैक्ट गुरु पर डोनेट करने के लिए क्लिक करें

Advertisement. Scroll to continue reading.

Click to comment

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Advertisement
Advertisement

और खबरें पढ़ें

Advertisement