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कोरोना से ठीक हुए जमातियों ने कहा- हमारे खून का एक-एक कतरा दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए करें प्रयोग

इन जमातियों का कहना है कि अनजाने में हमसे गलती हो गई, लेकिन अब इस गलती को सुधारने का मौका मिला है। यदि हमारी वजह से किसी की जान बचती है तो हमारे खून का एक-एक कतरा डॉक्टर प्रयोग कर सकते हैं।

देश में कोरोना संक्रमण फैलाने के लिए तब्लीगी जमात के लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाता है। लेकिन आज ये ही तब्लीगी जमात से जुड़े लोग कोरोना पीड़ित अन्य मरीजों की जान बचाने के लिए आगे आ रहे हैं। देश में कई जगह कोरोना से ठीक हुए कई जमातियों ने अपना प्लजमा कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए डोनेट करने की इच्छा जताई है। इन जमातियों का कहना है कि अनजाने में हमसे गलती हो गई, लेकिन अब इस गलती को सुधारने का मौका मिला है। यदि हमारी वजह से किसी की जान बचती है तो हमारे खून का एक-एक कतरा डॉक्टर प्रयोग कर सकते हैं।

दिल्ली

झज्जर के एम्स में 142 तबलीगी जमात के लोगों को भर्ती किया गया था। इनमें से 129 तबलीगी जमात के लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। इनमें से कई ने प्लाज्मा थेरपी के लिए अपना प्लाज्मा देने को रजामंदी दी है। दिल्ली सरकार पहले ही ठीक हुए लोगों के प्लाज्मा डोनेट करने की अपील कर चुकी है। यह जानकारी डॉक्टर सुषमा भटनागर ने दी। वह झज्जर हॉस्पिटल में कोरोना सर्विस की चेयरपर्सन हैं। उन्होंने बताया हमने ठीक हुए कुछ मरीजों से उनका खून डोनेट करने की अपील की थी और वे मान गए। अब हम इसकी तैयारी में जुटे हैं।’ उन्होंने बताया कि तबलीगी जमात के लोग भी ब्लड सैंपल देने को तैयार हैं।

गुजरात

वडोदरा में भी कोरोना को हराकर स्वस्थ हो चुके 40 मुस्लिम मरीजों ने भी अपना प्लाजमा देने का फैसला किया है। इनके प्लाजमा से करीब 100 कोरोना के मरीजों का इलाज हो सकेगा। जल्द इनका प्लाजमा लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।

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तमिलनाडू

तमिलनाडू में भी कोरोना से ठीक हो चुके दाे जमातियों ने प्लाजमा दान करने का निर्णय लिया है। इनमें तिरुचिरापल्ली के 40 वर्षीय मोहम्मद जफर और 38 वर्षीय मोहम्मद अब्बास शामिल हैं। दोनों ने खुद आगे आकर प्रशासन से प्लाजमा डोनेट करने की बात कही है।

उत्तरप्रदेश

उत्तरप्रदेश के कानपुर में भी कोरोना को मात देने वाले 7 लोगों ने प्लाजमा डोनेट करने का निर्णय लिया है। इनमें से 6 जमात से जुड़े लोग हैं। इन सभी का कहना है कि इससे बड़ा पुण्य का काम और क्या हो सकता है। हालांकि इनमें से दो जमाती अफ्गानिस्तान से हैं ऐसे में इनका प्लाजमा नहीं लिया जाएगा। बाकी 4 जमातियों में 3 दिल्ली और एक गुजरात से हैं।

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