भारत का नया रिकार्ड : पुरुषों से ज्यादा हुई महिलाओं की संख्या, सर्वे के अनुसार देश की जनसंख्या लगभग स्थिर

National family health survey : 2015-16 में प्रति 1000 हजार पुरुष पर महिलाओं की संख्या 991 थी। वहीं, 2016 में देश में प्रजनन दर 2.2 थी। जो अब घटकर 2 रह गई है। इसका मतलब यह हुआ है कि देश की जनसंख्या स्थिर स्थिति में है।
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 National family health survey : भारत ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। ऐस सर्वे के अनुसार देश के लिए यह अच्छी खबर है कि पहली बार पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या बढ़ी है। इस आंकड़े को नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (National family health survey) द्वारा जारी किया गया है। सर्वे के मुताबिक देश की कुल आबादी में प्रति एक हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या 1020 है।

 

2015-16 के सर्वे में इतनी थी दर

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे में 2015-16 में प्रति 1000 हजार पुरुष पर महिलाओं की संख्या 991 थी। वहीं, 2016 में देश में प्रजनन दर 2.2 थी। जो अब घटकर 2 रह गई है। इसका मतलब यह हुआ है कि देश की जनसंख्या स्थिर स्थिति में है। उत्तर प्रदेश में प्रजनन दर 2.4 है। यह भी पढ़ें - Jewar Airport: दुनिया के चौथे सबसे बड़े एयरपोर्ट की पीएम मोदी आज रखेगें आधारशिला, देखें

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यूपी, एमपी, राजस्थान की प्रजन्न दर 2.1

जानकारी के अनुसार ज्यादातर राज्यों की  कुल प्रजनन दर (टीएफआर) (Total Fertility Rate) घटती देखी जा रही है। वर्तमान में यह 2.0 हो गई है। कुल प्रजनन दर चंडीगढ़ में 1.4 है जबकि उत्तर प्रदेश में 2.4 है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और उत्तर प्रदेश को छोड़कर सभी राज्यों में प्रजनन क्षमता स्तर 2.1 है। इस सर्वे में यह तथ्य भी सामने आए  सेक्सय रेशियों में सुधार शहरों की तुलना में गांवों में ज्यादा बेहतर हुआ है। गांवों में हर 1,000 पुरुषों पर 1,037 महिलाएं हैं, जबकि शहरों में 985 महिलाएं हैं।  read also : UPPSC Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन ने निकाली हैं भर्तियां, आप भी इस तरह कर सकते हैं Apply, देखें

 

बदलते भारत में अभी भी बेटे की चाहत ज्यादात

भारत हर क्षेत्र में लगातार तरक्की कर रहा है। हर क्षेत्र में महिलाएं बराबर काम कर रहीं है। परंतु सर्वे में अभी बच्चों के जन्म का लिंग अनुपात अभी भी 929 ही है। इका मतलब यह हुआ है कि लोग अभी भी लड़के के जन्म हो ही ज्यादा महत्वता देते हैं। वर्तमान में प्रति 1000 नवजातों में लड़िकयों की संख्या 929 ही है। कई राज्य लिंग परीक्षण से लेकर कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम चल रहा हैं। जिससे लोगों की सोच को बदला जा सके।   यह भी पढ़ें - Narayana Business School - मैनेजमेंट स्टडीज में उत्कृष्टता की मिसाल, MBA के लिए है बेस्ट बिजनेस स्कूल

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30 सालों में इस तरह बदले आंकड़े

1990 प्रति  1000 पुरुषों पर महिला अनुपात 927 

2005-06 प्रति 1000 पुरुषों पर महिला अनुपाता 1000 

2015-16 में यह घटकर प्रति 1000 पुरुषों की तुलना में 991

2020-21 में प्रति1000 पुरुषों पर महिला अनुपात 1,020 हो गया

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