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हरियाणा

निकिता तोमर हत्याकांड: फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तौफीक और रेहान को उम्रकैद की सजा सुनाई

हरियाणा के फरीदाबाद जिले के बहुचर्चित निकिता तोमर हत्याकांड में शुक्रवार को फैस्ट ट्रैक कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने आरोपी तौफीक और रेहान को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि इस मामले में हथियार उपलब्ध कराने वाले तीसरे आरोपी अजरूद्दीन को पहले ही कोर्ट ने बरी कर दिया था

Nikita Tomar massacre

ये है पूरा मामला

हरियाणा के बल्लभगढ़ में परिवार के साथ रह रही उत्तर प्रदेश के हापुड़ की रहने वाली निकिता तोमर अग्रवाल कॉलेज में B.Com फाइनल इयर की छात्रा थी। 26 अक्टूबर 2020 की शाम करीब पौने 4 बजे जब वह परीक्षा देकर कॉलेज के बाहर निकली तो आरोपी तौसीफ ने अपने दोस्त रेहान के साथ मिलकर कार में उसे अगवा करने की कोशिश की।

यह भी पढ़ें – बड़ा फैसला: मुख्तार अंसारी को तगड़ा झटका, Supreme court ने कहा- दो हफ्ते में भेजें यूपी।

जब निकिता ने विरोध किया तो तौसीफ ने उसको गोली मार दी। अस्पताल में इलाज के दौरान निकिता की मौत हो गई थी। यह वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान करके तौसीफ और रेहान को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

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Nikita Tomar massacre

2018 में अपहरण भी किया था

रोजका मेव निवासी तौसीफ 12वीं कक्षा तक निकिता के साथ पढ़ा था। वह उस पर दोस्ती करने के लिए दबाव डालता था। आरोपी ने 2018 में भी निकिता का अपहरण किया था। निकिता के परिजनों ने FIR दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी तौसीफ को गिरफ्तार भी कर लिया था, लेकिन उसके परिवार वाले हाथ-पैर जोड़ने लगे तो निकिता के परिवार ने मामला वापस लेते हुए समझौता कर लिया।

इसके बाद भी तौसीफ ने निकिता को परेशान करना नहीं छोड़ा। वह अब उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था। इसीलिए उसने निकिता का दोबारा अपहरण करने की कोशिश की, लेकिन इस बार निकिता की जान चली गई।

3 महीने 22 दिन तक चली केस की सुनवाई

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab and Haryana High Court) के आदेश पर इस केस की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बासवाना की कोर्ट में शुरू हुई। एक दिसंबर को पहली गवाही कराई गई। जिसमें घटना के चश्मदीद निकिता के चचेरे भाई तरुण तोमर और सहेली निकिता शर्मा शामिल हुए।

बचाव पक्ष की ओर से 55 लोगों ने गवाही दी जिसमें परिवार के सदस्यों, कॉलेज के प्रिंसिपल समेत कई पुलिसकर्मी शामिल हुए। बचाव पक्ष ने दो दिन में अपने गवाह पेश किए और गवाहों के बयान दर्ज कराए। मंगलवार को दोनों पक्षों की ओर से गवाही पूरी हो गई।

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6 नवंबर को पुलिस ने फाइल की चार्जशीट

मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने इसकी जांच एसआईटी को सौंपी थी। एसआईटी टीम ने पांच घंटे के अंदर मुख्य आरोपी तौसीफ को सोहना से गिरफ्तार कर लिया। उसके साथी रेहान और हथियार उपलब्ध कराने वाले अजरुद्दीन को भी पुलिस ने पकड़ा। तमाम साक्ष्यों और सबूतों को एकत्र करके महज 11 दिन में ही 700 पेज की चार्जशीट तैयार करके छह नवंबर को कोर्ट में दाखिल कर दी। चार्जशीट में निकिता की सहेली समेत कुल 60 गवाह बनाए गए थे।

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