कोरोना से मरने वालों के डेथ सर्टिफिकेट पर लिखा जाएगा Corona Death, केंद्र ने राज्यों को जारी किए आदेश

Corona Death Certificate के बारे में केंद्र सरकार ने राज्यों को आदेश जारी कर दिए हैं। जिसमें कहा गया है कि जिन लोगों की मौत कोरोना से हुई है उनके डेथ सर्टिफिकेट पर Corona Death लिखना जरूरी होगा।
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corona death certificate
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और इंडियन काउंसिल फ़ॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने राज्य सरकारों को कोरोना से हुई लोगों की मौत के संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार केंद्र ने राज्यों को निर्देश दिया है कि अगर किसी व्यक्ति की कोरोना से मौत हो जाती है तो डेथ सर्टिफिकेट (Corona Death Certificate) पर 'कोरोना से मौत' लिखना जरूरी होगा। इतना ही नहीं अगर जिन लोगों की कोरोना से मौत हुई है और उनके परिवार के लोग नए कोरोना सर्टिफिकेट की मांग करते हैं तो उनके लिए हर जिले में कमेटी का गठन किया गया है। ये कमेटी आवेदन मिलने के एक माह के भीतर फैसला लेगी। 

 

जानकारी के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय ने रीपक कंसल और गौरव बंसल नाम के 2 याचिकाकर्ताओं की अलग-अलग याचिकाओं पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन ऑथोरिटी (NDMA) को कोरोना से हुई मौत के लिए न्यूनतम मुआवजा तय करने के लिए कहा था। 30 जून को दिए इसी फैसले में कोर्ट ने सरकार से डेथ सर्टिफिकेट में मौत की वजह कोरोना लिखे जाने की व्यवस्था बनाने के लिए कहा था। इस दिशा में काम न होने के लिए कोर्ट इससे पहले नाराजगी जता चुका है। कोर्ट की नाराजगी को देखते हुए अब केंद्र ने हलफनामा दायर कर बताया है कि मृत्यु-प्रमाणपत्र के बारे में राज्यों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

 

केंद्र के आदेश में यह कहा

 

आदेश में कहा गया है कि अगर RT-PCR या मोलेक्यूलर टेस्ट या RAT या अस्पताल में हुई किसी जांच में मरीज को कोरोना की पुष्टि हुई हो तो उसकी मौत होने पर डेथ सर्टिफिकेट पर 'कोरोना से मौत' लिखना जरूरी होगा। घर या अस्पताल, दोनों जगह हुई मौत के लिए ये डेथ सर्टिफिकेट जारी होंगे। हालांकि, जहर खाने के चलते हुई मौत, आत्महत्या, हत्या या दुर्घटना से हुई मौत के मामले में भले ही मृतक कोरोना पॉजिटिव रहा हो, लेकिन डेथ सर्टिफिकेट में मौत की वजह कोरोना नहीं लिखी जाएगी। पढ़ें - मेरठ : दिनचर्या एवं आहार-विहार सुधार कर बना सकते हैं स्वस्थ जीवन।

 

वरिष्ठ प्रशासनिक और चिकित्सा अधिकारियों की कमेटी प्रत्येक जिले में बनेगी 

 

केंद्र द्वारा जारी दिशा निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक जनपद में वरिष्ठ प्रशासनिक और चिकित्सा अधिकारियों की एक कमेटी बनाई जाएगी। उसकी मंज़ूरी से ही कोरोना मृत्यु-प्रमाणपत्र जारी होंगे। जिन लोगों को अपने परिवार में हुई किसी मौत के लिए जारी डेथ-सर्टिफिकेट पर आपत्ति हो, वह जिलाधिकारी को आवेदन दे सकते हैं, जिसके बाद ये आवेदन कमेटी के पास भेजा जाएगा। कमेटी तथ्यों की जांच करेगी और 30 दिनों के भीतर आवेदन का निपटारा कर देगी। पढ़ें - Corona third wave से पहले Lungs को कर लें मजबूत, इन चीजों का सेवन कर बढ़ाएं इम्युनिटी। 

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